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Teacher Sucide : परिजन बोले...फ्लैट की किश्त और बच्चों की फीस भी नहीं जमा कर पाए थे करुणा शंकर

Sat, 17 Aug 2024 12:28 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 17 Aug 2024 12:28 PM IST
सार

गांधी इंटर कॉलेज में करीब 20 वर्ष पर करुणा शंकर की सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हुए थे। कार्यवाहक प्रधानाचार्य भी रहे। पिछले साल सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। पत्नी माधवी और बड़े भाई दयाशंकर शुक्ल का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन उन्हें परेशान करने लगा।

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Teacher Suicide: Family members said... Karuna Shankar could not even pay the flat installment and children
गंगा में छलांग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सिटीजन हाउसिंग सोसाइटी के फ्लैट नंबर 201 में पत्नी माधवी, बेटे एकलव्य व बेटी वैष्णवी के साथ रहने वाले करुणा शंकर शुक्ल आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। बड़े भाई दयाशंकर शुक्ल के मुताबिक, सप्ताह भर पहले फोन पर हुई बात में वेतन रोकने की बात बताई थी। इससे फ्लैट की किश्त और बच्चों की फीस भी जमा नहीं हो पाई थी। पिता वासुदेव शुक्ल भी बीमार हैं। वह उनके साथ गांव में रहते हैं।

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गांधी इंटर कॉलेज में करीब 20 वर्ष पर करुणा शंकर की सहायक अध्यापक के पद पर तैनात हुए थे। कार्यवाहक प्रधानाचार्य भी रहे। पिछले साल सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। पत्नी माधवी और बड़े भाई दयाशंकर शुक्ल का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन उन्हें परेशान करने लगा। हादसे की जानकारी के बावजूद उन्हें गैरहाजिर किया गया। इससे उनका वेतन रुक गया और फ्लैट की किश्त और बच्चों की फीस नहीं दे पाए। राशन तक उधार लेना पड़ रहा है। इससे वह तनाव में थे।

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प्रबंधक बोले... मनचाही छुट्टियां लेने से कटा वेतन

गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक बसंत लाल पाल का कहना है कि करुणा शंकर शुक्ल का कोई शोषण नहीं किया गया। वह मनचाहे छुट्टियां ले रहे थे। दो बार उनके आचरण के कारण ही निलंबित करना पड़ा था। सड़क हादसे के बाद से करुणा शंकर का दिमागी संतुलन बिगड़ गया था, वह बीमार थे। उन्होंने अपनी सभी तरह की छुट्टियां खत्म कर ली थीं। अवकाश खत्म होने के बावजूद नहीं आने से ही उनका वेतन कटा है। जुलाई में वेतन सभी कर्मचारियों का रुका है, सिर्फ उन्हीं का नहीं है। बृहस्पतिवार को बैठक करके प्रधानाचार्य को वेतन जारी करने का निर्देश दिया है।

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घरेलू विवाद से थे परेशान
 

मुझे बताया गया है कि उनका घरेलू विवाद था, जिसके कारण वह मानसिक रूप से परेशान थे। इलाज के लिए ले जाते वक्त यह दुखद घटना हुई है। वेतन रुकने की शिकायत उन्होंने संयुक्त निदेशक से की थी, जिसकी उसकी जांच चल रही है। उनकी छुट्टी को लेकर भी कुछ शिकायतें थी। फिलहाल मामले की जांच कराई जा रही है। - पीएन सिंह, डीआईओएस
 

शिक्षक संघ ने प्रबंधन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
 

माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडलीय मंत्री अनुज पांडेय ने कॉलेज प्रबंधन और प्रधानाचार्य पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाया। कहा, चार साल तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहने के बावजूद उन्हें निलंबित किया गया। हादसे के कारण अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान वेतन काटा गया। जुलाई में वेतन वृद्धि रोकी गई। अभी वेतन भी नहीं मिला। इसके लिए कॉलेज प्रबंधन और अधिकारी जिम्मेदार हैं।

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