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व्यर्थ नहीं जाने देंगे साथी का बलिदान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 10 Dec 2016 02:10 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : इलाहाबाद
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर आंदोलनरत शिक्षकों पर लखनऊ में हुए लाठीचार्ज में रामाशीष सिंह की मौत पर शिक्षक संघों का गुस्सा कम नहीं हुआ है। शिक्षक संगठनों ने शुक्रवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को निंदा प्रस्ताव भेजने के साथ ही मृतक शिक्षक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा, नौकरी और दोषी पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। कुछ शिक्षकों ने अपना एक दिन का वेतन भी मृतक शिक्षक के परिवार को भेजने का निर्णय लिया।
शिक्षकों के आंदोलन को एसोसिएशन का पूरा समर्थन है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार और पुलिस संवेदनहीन हो गई है। सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर राम आशीष सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। ठकुराई गुट के नौ पदाधिकारियों ने एक दिन का वेतन मृतक शिक्षक के परिवार को देने का निर्णय लिया। इसके साथ ही सभी शिक्षकों से भी अपना एक दिन का वेतन देने की अपील की गई।
उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। शिक्षकों ने मुआवजे और नौकरी के साथ ही शिक्षक के बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने की मांग सरकार से की है। जिलामंत्री चिंतामणि ने कहा कि सरकार घायल साथियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मांगें नहीं मानीं गईं तो शिक्षक संघ आंदोलन को बाध्य होगा।
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उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने भी मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी शिक्षकों का समर्थन किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एएन यादव ने शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कहा कि उनके आंदोलन में बुजुर्गों की टीम भी पूरी तरह साथ है।
उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ (बागी गुट) की ओर से शिक्षक रामाशीष सिंह ने निधन शोक व्यक्त किया। आजाद पार्क में हुई शोक सभा में दो मिनट का मौन रख आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शिक्षकों ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की निंदा भी की। सभा में जिलाध्यक्ष उदय राज यादव, बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी, राजेंद्र श्रीवास्तव, सीएल यादव आदि मौजूद रहे।
लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी की अनुमति के बाद 572 शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण की लिस्ट जारी कर दी है। शिक्षक पारस्परिक स्थानांतरण के लिए चार महीने से इंतजार कर रहे थे। शिक्षकों ने पिछले दिनों स्थानांतरण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया था। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने शिक्षकों के निरस्त किए गए आवेदनों को दोबारा मौका देेने की मांग की है।
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शिक्षकों के आंदोलन को एसोसिएशन का पूरा समर्थन है। उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को चार सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार और पुलिस संवेदनहीन हो गई है। सरकार ने शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया। पुरानी पेंशन की मांग को लेकर राम आशीष सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। ठकुराई गुट के नौ पदाधिकारियों ने एक दिन का वेतन मृतक शिक्षक के परिवार को देने का निर्णय लिया। इसके साथ ही सभी शिक्षकों से भी अपना एक दिन का वेतन देने की अपील की गई।
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उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ ने भी जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्रीय ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। शिक्षकों ने मुआवजे और नौकरी के साथ ही शिक्षक के बच्चों की शिक्षा का खर्च वहन करने की मांग सरकार से की है। जिलामंत्री चिंतामणि ने कहा कि सरकार घायल साथियों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता दे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि मांगें नहीं मानीं गईं तो शिक्षक संघ आंदोलन को बाध्य होगा।
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उप्र जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने भी मुआवजे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। वहीं सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी शिक्षकों का समर्थन किया है। एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एएन यादव ने शिक्षकों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में कहा कि उनके आंदोलन में बुजुर्गों की टीम भी पूरी तरह साथ है।
उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ (बागी गुट) की ओर से शिक्षक रामाशीष सिंह ने निधन शोक व्यक्त किया। आजाद पार्क में हुई शोक सभा में दो मिनट का मौन रख आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। शिक्षकों ने लखनऊ में हुए लाठीचार्ज की निंदा भी की। सभा में जिलाध्यक्ष उदय राज यादव, बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, त्रिवेणी प्रसाद त्रिपाठी, राजेंद्र श्रीवास्तव, सीएल यादव आदि मौजूद रहे।
लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिलाधिकारी की अनुमति के बाद 572 शिक्षकों के पारस्परिक स्थानांतरण की लिस्ट जारी कर दी है। शिक्षक पारस्परिक स्थानांतरण के लिए चार महीने से इंतजार कर रहे थे। शिक्षकों ने पिछले दिनों स्थानांतरण की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन भी किया था। आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष अश्वनी कुमार त्रिपाठी ने शिक्षकों के निरस्त किए गए आवेदनों को दोबारा मौका देेने की मांग की है।