{"_id":"60201a06136f6613de0f2c64","slug":"swami-swaroopanand-is-free-to-speak-his-mind-champat-rai","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं स्वामी स्वरूपानंद : चंपत राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं स्वामी स्वरूपानंद : चंपत राय
Sun, 07 Feb 2021 10:40 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 07 Feb 2021 10:40 PM IST
विज्ञापन
prayagraj news : चंपत राय
- फोटो : prayagraj
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के बयान पर विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय उपाध्यक्ष और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने रविवार को कहा कि शंकराचार्य अपनी बात रखने के लिए स्वतंत्र हैं। उन्होंने मंदिर को लेकर जो भी प्रतिक्रिया दी, उसे लेकर वे कुछ भी नहीं कहेंगे। स्वामी स्वरूपानंद शंकराचार्य हैं, इसलिए हम उनका पूरा सम्मान करते हैं। राम मंदिर ट्रस्ट अपना काम कर रहा है और शंकराचार्य अपना। चंपत राय ने यह बातें दूरभाष पर हुई बातचीत में कहीं।
दरअसल शनिवार को प्रयागराज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा था कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर नहीं, बल्कि विश्व हिदू परिषद का कार्यालय बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि पहले जो न्यास था, अगर सरकार कहती तो उसके धर्माचार्य भी राममंदिर बना सकते थे। शंकराचार्य के इस बयान पर विहिप पदाधिकारियों ने शनिवार को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन रविवार को विहिप के अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद क्या सोचते हैं, यह उनका मत है।
हमारा काम ट्रस्ट के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाना है। हर एक हिंदू परिवार इसमें अपनी सहभागिता भी कर रहा है। वहीं विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद पूज्य संत हैं। उनका सम्मान है। अयोध्या में पूज्य संतों के नेतृत्व में ही श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है। इसके लिए पूरा देश एकजुट है।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल शनिवार को प्रयागराज पहुंचे शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा था कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर नहीं, बल्कि विश्व हिदू परिषद का कार्यालय बन रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि पहले जो न्यास था, अगर सरकार कहती तो उसके धर्माचार्य भी राममंदिर बना सकते थे। शंकराचार्य के इस बयान पर विहिप पदाधिकारियों ने शनिवार को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन रविवार को विहिप के अखिल भारतीय संत संपर्क प्रमुख अशोक तिवारी ने कहा कि शंकराचार्य स्वरूपानंद क्या सोचते हैं, यह उनका मत है।
विज्ञापन
हमारा काम ट्रस्ट के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करवाना है। हर एक हिंदू परिवार इसमें अपनी सहभागिता भी कर रहा है। वहीं विहिप के प्रांत संगठन मंत्री मुकेश कुमार ने कहा कि स्वामी स्वरूपानंद पूज्य संत हैं। उनका सम्मान है। अयोध्या में पूज्य संतों के नेतृत्व में ही श्रीराम का भव्य मंदिर बन रहा है। इसके लिए पूरा देश एकजुट है।
विज्ञापन