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पीएसीकर्मी के दो बेटों की संदिग्ध हाल में मौत, जहरीली शराब से मौत की आशंका
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पीएसी कॉलोनी में रहने वाले दो सगे भाइयों कल्लू (35) व धनराज (32) की संदिग्ध हाल में मौत हो गई। चर्चा रही कि दोनों रात में शराब पीकर घर पहुंचे थे और इसके बाद ही अचानक उनकी तबियत बिगड़ गई। कुछ देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। ऐसे में जहरीली शराब से भी मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि इस बाबत घरवालों ने चुप्पी साधे रखी। उधर नैनी पुलिस ने घटना की जानकारी से ही इंकार किया। जबकि पीएसी अफसर कुछ बोलने से बचते रहे।
भैरव पीएसी 42वाहिनी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है। साथ ही नैनी स्थित छावनी परिसर में बनी कॉलोनी में ही रहता है। उसका एक बेटा कल्लू अशोक टाकीज चौराहे के पास और दूसरा बेटा धनराज कांशीराम आवास योजना में अपने परिवार के साथ रहता था। आसपास के लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों ने सोमवार शाम महरा का पुरवा मोहल्ले में एक साथ शराब पी।
इसके बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर वह अपने घर न जाकर पीएसी कॉलोनी में रहने वाले पिता के घर पहुंच गए। देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उन्हें पास ही स्थित निजी अस्पताल ले गए लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवारवालों ने इसकी सूचना किसी को नहीं दी और मंगलवार शाम अरैल घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। घटनाक्रम को देखते हुए जहरीली शराब से मौत की भी आशंका जताई गई। लेकिन इस मुद्दे पर घरवालों ने चुप्पी साधे रखी। नैनी इंस्पेक्टर से बात की गई तो उन्होंने ऐसी किसी घटना की जानकारी से ही इंकार कर दिया।
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मीडियाकर्मियों को कॉलोनी में जाने से रोका
इस मामले में एक खास बात यह रही कि मामले को लेकर बेहद गोपनीयता बरती गई। यहां तक कि जब घरवालों से उनका पक्ष जानने के लिए मीडियाकर्मी पहुंचे तो उन्हें पीएसी कॉलोनी के भीतर जाने से रोक दिया गया। इस बारे में 42वीं वाहिनी कमांडेंट आईपीएस गौरव बंसल से बात करने की कोशिश की गई लेकिन सीयूजी नंबर पर उन्होंने कॉल नहीं रिसीव की। निजी नंबर पर भी कॉल किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
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भैरव पीएसी 42वाहिनी में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर तैनात है। साथ ही नैनी स्थित छावनी परिसर में बनी कॉलोनी में ही रहता है। उसका एक बेटा कल्लू अशोक टाकीज चौराहे के पास और दूसरा बेटा धनराज कांशीराम आवास योजना में अपने परिवार के साथ रहता था। आसपास के लोगों का कहना है कि दोनों भाइयों ने सोमवार शाम महरा का पुरवा मोहल्ले में एक साथ शराब पी।
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इसके बाद से ही उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। इस पर वह अपने घर न जाकर पीएसी कॉलोनी में रहने वाले पिता के घर पहुंच गए। देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो परिजन उन्हें पास ही स्थित निजी अस्पताल ले गए लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। परिवारवालों ने इसकी सूचना किसी को नहीं दी और मंगलवार शाम अरैल घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। घटनाक्रम को देखते हुए जहरीली शराब से मौत की भी आशंका जताई गई। लेकिन इस मुद्दे पर घरवालों ने चुप्पी साधे रखी। नैनी इंस्पेक्टर से बात की गई तो उन्होंने ऐसी किसी घटना की जानकारी से ही इंकार कर दिया।
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मीडियाकर्मियों को कॉलोनी में जाने से रोका
इस मामले में एक खास बात यह रही कि मामले को लेकर बेहद गोपनीयता बरती गई। यहां तक कि जब घरवालों से उनका पक्ष जानने के लिए मीडियाकर्मी पहुंचे तो उन्हें पीएसी कॉलोनी के भीतर जाने से रोक दिया गया। इस बारे में 42वीं वाहिनी कमांडेंट आईपीएस गौरव बंसल से बात करने की कोशिश की गई लेकिन सीयूजी नंबर पर उन्होंने कॉल नहीं रिसीव की। निजी नंबर पर भी कॉल किया गया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।