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Prayagraj News: डमी स्कूल में छात्रों के फर्जी दाखिले का रैकेट चलने की आशंका, जांच के आदेश
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शिक्षा व्यवस्था में फर्जीवाड़े की आशंका को गंभीरता से लेते हुए आजमगढ़ के हीरा पब्लिक स्कूल और उसके अधीन संचालित कोचिंग अकादमी की जांच का आदेश दिया है। कोर्ट ने प्रथम दृष्टया आशंका जताई कि कुछ संस्थान छात्रों की जानकारी के बिना उनका दाखिला डमी स्कूलों में करा रहे हैं। साथ ही नीट की आवासीय कोचिंग भी चला रहे हैं। कोर्ट ने इसे शिक्षा व्यवस्था में धोखाधड़ी का मामला बताया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी को हीरा पब्लिक स्कूल, गांव फागुदिया, अंबारी, आजमगढ़ और उसके साथ संचालित अकादमी की जांच करने का आदेश दिया है। अकादमी में आईआईटी-जेईई, नीट और क्लैट की तैयारी कराने की बात कही गई है। कोर्ट ने प्रबंधन की भूमिका की पड़ताल करने और जौनपुर के शाहगंज रोड स्थित शहाना इंटरनेशनल स्कूल से उसके संबंधों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
याची अबू हुजैफा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याची का कहना था कि वह हीरा पब्लिक स्कूल का छात्र है और उसे प्रबंधन ने स्कूल से निष्कासित कर दिया है। इस मामले में कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा था। जवाब में स्कूल की ओर से कहा गया कि वह स्कूल नहीं हैं, बल्कि वह एक कोचिंग सेंटर है। याची छात्र शहाना इंटरनेशनल स्कूल का छात्र है। हालांकि, याची छात्र ने शहाना स्कूल का छात्र होने से इन्कार कर दिया। याची का कहना था कि उसने न तो शहाना स्कूल में आवेदन किया, न फीस जमा की और न ही वहां पढ़ाई की।
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इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को दो नवंबर 2026 तक जांच रिपोर्ट और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को अदालत में उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई भी दो नवंबर को होगी। उस दिन संस्थान के प्रधानाचार्य और प्रबंधक को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। ब्यूरो
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यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने दिया है। कोर्ट ने राज्य सरकार के संबंधित अधिकारी को हीरा पब्लिक स्कूल, गांव फागुदिया, अंबारी, आजमगढ़ और उसके साथ संचालित अकादमी की जांच करने का आदेश दिया है। अकादमी में आईआईटी-जेईई, नीट और क्लैट की तैयारी कराने की बात कही गई है। कोर्ट ने प्रबंधन की भूमिका की पड़ताल करने और जौनपुर के शाहगंज रोड स्थित शहाना इंटरनेशनल स्कूल से उसके संबंधों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है।
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याची अबू हुजैफा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याची का कहना था कि वह हीरा पब्लिक स्कूल का छात्र है और उसे प्रबंधन ने स्कूल से निष्कासित कर दिया है। इस मामले में कोर्ट ने स्कूल प्रबंधन से जवाब मांगा था। जवाब में स्कूल की ओर से कहा गया कि वह स्कूल नहीं हैं, बल्कि वह एक कोचिंग सेंटर है। याची छात्र शहाना इंटरनेशनल स्कूल का छात्र है। हालांकि, याची छात्र ने शहाना स्कूल का छात्र होने से इन्कार कर दिया। याची का कहना था कि उसने न तो शहाना स्कूल में आवेदन किया, न फीस जमा की और न ही वहां पढ़ाई की।
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इस पर कोर्ट ने संबंधित अधिकारी को दो नवंबर 2026 तक जांच रिपोर्ट और व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी को अदालत में उपस्थित होना होगा। मामले की अगली सुनवाई भी दो नवंबर को होगी। उस दिन संस्थान के प्रधानाचार्य और प्रबंधक को भी उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। ब्यूरो