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जवाहर पंडित हत्याकांडः सूरजभान को मिला कैदी नंबर 513 व कल्लू को कैदी नंबर 514 की मिली नई पहचान 

Tue, 05 Nov 2019 12:49 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 05 Nov 2019 12:49 AM IST
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Surajbhan gets prisoner number 513 and Kallu gets new identity of prisoner number 514
करवरिया बंधु - फोटो : अमर उजाला
सोमवार शाम 7.30 बजे से करवरिया बंधुओं का केंद्रीय कारागार नैनी के अंदर ओहदा बदल गया। पूर्व बसपा सांसद कपिल मुनि करवरिया अब कैदी नंबर 511 के नाम से जाने जाएंगे। इसी तरह बीजेपी विधायक नीलम करवरिया के पति एवं पूर्व विधायक उदयभान करवरिया कैदी नंबर 512, पूर्व बीएसपी एमएलसी सूरजभान करवरिया कैदी नंबर 513 और उनके साथ आजीवन कारावास की सजा पाने वाले रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू कैदी नंबर 514 के नाम से दर्ज किए गए हैं। 
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सपा के पूर्व विधायक जवाहर यादव उर्फ पंडित हत्याकांड में आजीवन कारावास की सजा होने के बाद दोबारा जेल लौटे करवरिया बंधुओं की सोमवार शाम को जेल के अंदर इंट्री करते ही स्थिति बदल गई। कल तक विचाराधीन बंदी रजिस्टर में शामिल तीनों भाइयों संग रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू का नाम सजायाफ्ता कैदी रजिस्टर(कन्विक्ट रजिस्टर) में दर्ज हो गया।
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साथ में चारों लोगों को रजिस्टर के सीरियल नंबर के आधार पर ही कैदी संख्या (कन्विक्ट नंबर) भी एलाट हो गया। आज के बाद से सजा पूरी होने तक अथवा जेल में रहने तक चारों लोगों का यही कैदी नंबर होगा। हालांकि अभी करवरिया बंधुओं को मालवीय सदन में ही रखा गया है। उनके काम का एलाटमेंट रविवार को ही कर दिया गया था। पांच नवंबर से तीनों भाइयों को पढ़ाने के कार्य में लगा दिया जाएगा। तीनों भाइयों के जिम्मे करीब 300 कैदियों को पढ़ाने का जिम्मा सौंपा जाएगा। उनके साथ चौथे कैदी रामचंद्र त्रिपाठी को खेती किसानी के काम की मानीटरिंग में लगाया जाएगा।
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चारों सजायाफ्ता कैदियों की इंट्री कन्विक्ट रजिस्टर में करके सभी को कैदी नंबर एलाट कर दिया गया है। मंगलवार से उन्हें उनके काम सौंप दिए जाएंगे। उनके सहयोगी रामचंद्र त्रिपाठी को कृषि कार्य की मानीटरिंग में लगाया जाएगा। 
हरिबक्श सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, केंद्रीय कारागार, नैनी। 

रोने से यार सजा थोड़े ही कम हो जाएगी...

रोने से यार सजा थोड़े ही कम हो जाएगी, रोकर हम सब को कमजोर मत करो। ये संघर्ष का समय है। अभी बजरंगबली की इच्छा नहीं थी कि हम बाहर आएं, इसलिए सजा हो गई है। कोई बात नहीं, हम मजबूत लोग हैं, आखिरी दम तक लड़ाई लड़ेंगे। 

ये बात सोमवार शाम को करीब पांच बजे केंद्रीय कारागार, नैनी के मुख्य गेट पर पूर्व बीजेपी विधायक उदयभान करवरिया ने समर्थकों से कही। वे अदालत द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाए जाने के बाद लौटे थे। जेल गेट पर तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था एवं समर्थकों के बीच 108 एंबुलेंस से जेल पहुंचे करवरिया बंधुओं के चेहरे पर शिकन के बजाय मुस्कान दिख रही थी। इस दौरान सिर्फ उदयभान करवरिया ने ही बात की, जबकि उनके बड़े भाई कपिल मुनि करवरिया और छोटे भाई सूरजभान करवरिया के साथ रामचंद्र त्रिपाठी चुप रहे। जो लोग उनसे मिल रहे थे। बस उन्हीं से हालचाल लेकर वह तीनों लोग अंदर चले गए। जेल के अंदर जाने के साथ उदयभान को घर गृहस्थी की भी चिंता सता रही थी। अंदर जाते समय कुछ समर्थक भावुक होकर रोने लगे तो उन्होंने उन लोगों को ढांढस बंधाया और फिर अपने एक करीबी को बुलाकर कहा कि घर में लग रही स्टील वाली रेलिंग का कार्य पूरा करा लेना, बाकी आगे देखा जाएगा। 


भाई! अंदर लेना हो तो ले लो, नहीं तो हम लोग जाएं...
नैनी। जेेल में अपने भाइयों संग पूर्व विधायक उदयभान करविरया जब 108 एंबुलेंस से नीचे उतरने के बाद मुख्य गेट पर पहुंचे तो गेट का दरवाजा अंदर से बंद मिला। उन्होंने गेट खोलने को कहा तो कुछ समय लगा। जिस पर चुटकी लेते हुए पूर्व विधायक उदयभान करवरिया ने कहा कि भाई फिर से लौट आए हैं, अंदर लेना हो तो ले लो, नहीं तो हम लोग जाएं। उनकी यह बात सुनकर वहां खड़े सभी लोग हंसने लगे, तब तक में गेट खुल गया और चारों लोग अंदर दाखिल हो गए। जाते-जाते उन्होंने समर्थको से धैर्य के साथ घर लौट जाने को कहा। 
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