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जज्बा : हार को हिम्मत बनाकर फिर से रिंग में वापसी करेंगे सूरज, पदक न जीत पाने का है मलाल

Thu, 12 Oct 2023 05:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 12 Oct 2023 05:53 PM IST
सार

शुरुआती राउंड में सूरज ने आक्रामक अंदाज में पंच लगाना तो शुरू किया, लेकिन उनकी पुरानी चोट ने उनके पदक के सपने को चूर कर दिया। क्वार्टर फाइनल के इस मुकाबले से पहले ही सूरज चोटिल थे, इसके बाद भी वह देश के लिए पदक लाने के लिए रिंग में उतरे।

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Suraj will return to the ring after turning defeat into courage, regrets not winning a medal
सूरज यादव, वुशू खिलाड़ी। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

आज तो हम हारे हैं, कल जीत कर दिखाएंगे... प्रयागराज के पुलिस लाइन में आरक्षी पद पर तैनात वुशु खिलाड़ी सूरज यादव के ऊपर यह पंक्तियां बिल्कुल सटीक बैठती हैं। चीन के हांगझोऊ में खेले गए एशियाई खेलों में पदक जीतने से चूके सूरज ने रिंग में वापसी के लिए फिर से तैयारी शुरू कर दी है। दरअसल, सूरज यादव को वुशु के 70 किग्रा भार वर्ग की स्पर्धा में अफगानिस्तान के खिलाड़ी हॉटक खालिद से क्वार्टर फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था।

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शुरुआती राउंड में सूरज ने आक्रामक अंदाज में पंच लगाना तो शुरू किया, लेकिन उनकी पुरानी चोट ने उनके पदक के सपने को चूर कर दिया। क्वार्टर फाइनल के इस मुकाबले से पहले ही सूरज चोटिल थे, इसके बाद भी वह देश के लिए पदक लाने के लिए रिंग में उतरे। सूरज अगर इस मुकाबले को जीत लेते तो भारत के लिए एक पदक और पक्का हो जाता। वाराणसी के परेड कोठी के रहने वाले सूरज यादव वर्तमान में प्रयागराज पुलिस लाइन में तैनात हैं।

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सूरज बढ़त लेने के बाद भी पहले राउंड में ही हॉटक से 3-2 से पिछड़ गए। दूसरे राउंड में हॉटक ने सूरज के सिर पर एक जोरदार किक मारी, जिससे वह सीधा मैट पर गिर पड़े और यही उनके सेमीफाइनल में पहुंचने का सफर भी थम गया। सूरज के पिता मुनीब यादव का निधन हो चुका है। मां इंद्रवती देवी और भाई शिवम यादव ने बताया कि सूरज को सर्जरी की जरूरत पहले ही थी। सूरज ने बताया कि पैर का ऑपरेशन कराकर जल्द रिंग में वापसी करूंगा।

चीन से लौटने के बाद भोपाल में घुटने की चोट का इलाज करा रहे सूरज ने खास बातचीत में बताया की एशियन गेम्स के लिए वह कैंप कर रहे थे, तभी उनके घुटने में चोट लग गई थी। ऑपरेशन की जरूरत थी, लेकिन वह किसी भी हाल में एशियन गेम्स में जाना चाहते थे। रिंग में गिरने के बाद लाख हिम्मत की फिर भी उठ नहीं सका।


सूरज लक्ष्मण अवार्ड से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। सूरज ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चार, राष्ट्रीय में तीन और अखिल भारतीय विश्वविद्यालयीय स्तर की स्पर्धा में दो स्वर्ण पदक जीते हैं। वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

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