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सीओपी स्वीकार नहीं किया तो जाएंगे सुप्रीमकोर्ट : हरिशंकर
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प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के चेयरमैन हरिशंकर सिंह ने कहा कि बार कौंसिल द्वारा अधिवक्ताओं को दिया गया सीओपी (सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस) न्यायालयों में प्रवेश के लिए मान्य नहीं किया गया तो वे इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
रविवार को सिविल लाइंस स्थित बार कौंसिल कार्यालय में मीडिया से मुखातिब चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजय सांगवान बनाम दिल्ली बार एसोसिएशन के मामले में दिए गए फैसले का जिक्र किया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही बार कौंसिल की ओर से अधिवक्ताओं को सीपीओ परिचय पत्र जारी किया गया है। अब हाईकोर्ट के आदेश पर इस परिचय पत्र को न्यायालय में प्रवेश के लिए मान्य नहीं किया जा रहा है। प्रवेश के लिए अलग से परिचय पत्र बनाया जा रहा है। जो कि गलत है।
हाईकोर्ट में इस मामले पर बार कौंसिल का पक्ष रखा जाएगा। अगर उनका पक्ष स्वीकार नहीं किया गया और सीओपी को प्रवेश के लिए मान्य नहीं किया गया तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मामले में प्रदेश भर की बार काउंसिल से बात कर ली गई है। सभी अधिवक्ता इसके पक्ष में हैं। अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो दो मार्च को सभी जिले के जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
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रविवार को सिविल लाइंस स्थित बार कौंसिल कार्यालय में मीडिया से मुखातिब चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अजय सांगवान बनाम दिल्ली बार एसोसिएशन के मामले में दिए गए फैसले का जिक्र किया। कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही बार कौंसिल की ओर से अधिवक्ताओं को सीपीओ परिचय पत्र जारी किया गया है। अब हाईकोर्ट के आदेश पर इस परिचय पत्र को न्यायालय में प्रवेश के लिए मान्य नहीं किया जा रहा है। प्रवेश के लिए अलग से परिचय पत्र बनाया जा रहा है। जो कि गलत है।
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हाईकोर्ट में इस मामले पर बार कौंसिल का पक्ष रखा जाएगा। अगर उनका पक्ष स्वीकार नहीं किया गया और सीओपी को प्रवेश के लिए मान्य नहीं किया गया तो सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। इस मामले में प्रदेश भर की बार काउंसिल से बात कर ली गई है। सभी अधिवक्ता इसके पक्ष में हैं। अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो दो मार्च को सभी जिले के जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
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