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मऊ के पूर्व डीआईओएस सुनील दत्त को तीन माह की सजा
Wed, 30 Jan 2019 09:11 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 30 Jan 2019 09:11 PM IST
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अदालत
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हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश की अवहेलना करने पर मऊ के पूर्व जिला विद्यालय निरीक्षक और वर्तमान में उपसचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद सुनील दत्त को तीन माह के कारावास की सजा सुनाई है। उन पर दो हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने सुनील दत्त को सजा भोगने के लिए एक माह के भीतर सीजेएम इलाहाबाद (प्रयागराज) के समक्ष समर्पण करने का आदेश दिया है।
विश्वनाथ लाल की अवमानना याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया। कोर्ट ने कहा कि डीआईओएस ने हाईकोर्ट के आदेश को समझे बिना उससे ऊपर जाकर आदेश दिया है। ऐसा करके उन्होंने हाईकोर्ट की अवमानना की है। हाईकोर्ट ने याची विश्वनाथ लाल को 21 जुलाई 1977 से 2009 तक की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति परिलाभों की गणना कर भुगतान का आदेश दिया था।
तत्कालीन डीआईओएस सुनील दत्त ने याची का प्रत्यावेदन निस्तारित करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने 1977 से 1994 तक के याची के दावे को अस्वीकार कर दिया है। इस स्थिति में वह सेवा और पेंशन आदि पाने का हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए कहा है कि डीआईओएस को अपने किए का कोई पक्षतावा भी नहीं है इसलिए वह सजा के हकदार हैं।
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विश्वनाथ लाल की अवमानना याचिका को स्वीकार करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार ने दिया। कोर्ट ने कहा कि डीआईओएस ने हाईकोर्ट के आदेश को समझे बिना उससे ऊपर जाकर आदेश दिया है। ऐसा करके उन्होंने हाईकोर्ट की अवमानना की है। हाईकोर्ट ने याची विश्वनाथ लाल को 21 जुलाई 1977 से 2009 तक की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति परिलाभों की गणना कर भुगतान का आदेश दिया था।
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तत्कालीन डीआईओएस सुनील दत्त ने याची का प्रत्यावेदन निस्तारित करते हुए कहा कि हाईकोर्ट ने 1977 से 1994 तक के याची के दावे को अस्वीकार कर दिया है। इस स्थिति में वह सेवा और पेंशन आदि पाने का हकदार नहीं है। हाईकोर्ट ने इसे अवमानना मानते हुए कहा है कि डीआईओएस को अपने किए का कोई पक्षतावा भी नहीं है इसलिए वह सजा के हकदार हैं।
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