फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Students trapped in Ukraine: life being cut in panic, praying for safety every moment

यूक्रेन में फंसे छात्र : दशहत में कट रही जिंदगी, हर पल सलामती की दुआ

Tue, 01 Mar 2022 04:43 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 01 Mar 2022 04:43 AM IST
सार

प्रमोद कुमार ने बताया कि उसके साथ कमरे में बिहार के हरिनंद और गोरखपुर के आबिद अली भी रहते हैं। वे तीनों साथी अपना रूम छोड़कर हॉस्टल में ही नीेचे बने बंकर में रात-दिन गुजार रहे हैं।

विज्ञापन
Students trapped in Ukraine: life being cut in panic, praying for safety every moment
Prayagraj News : बंकर में शरण लिए हैं छात्र। - फोटो : प्रयागराज

विस्तार

‘हॉस्टल के नीचे बने बंकर में 300 छात्रों को रखा गया है। सांसें अटकी हुई हैं। जिंदगी दहशत में कट रही है और हर पल सलामती की दुआ करते बीत रहा है।’ यूक्रेन में जारी जंग के बीच फंसा कौशाम्बी का प्रमोद कुमार जब यह फोन पर बातें कह रहा था तो उसकी आवाज लड़खड़ा रही थी।
विज्ञापन




चकमानिकपुर सैयदराजेपुर गांव का प्रमोद खारकीव में मेडिकल की पढ़ाई करने गया है। हमला शुरू होने के बाद से वह फंस गया है क्योंकि रूस से निकटवर्ती और यूक्रेन का सबसे बड़ा शहर होने के कारण खारकीव रूसी सेना के मुख्य निशाने पर है।
विज्ञापन




  सिराथू तहसील क्षेत्र के चक मानिकुपर सैयदराजे गांव निवासी वीरेंद्र सिंह का बेटा प्रमोद कुमार सिंह छह माह पहले ही मेडिकल की पढ़ाई करने यूक्रेन गया है। वह एमबीबीएस प्रथम वर्ष का छात्र है। उसने अमर उजाला को बताया कि गोलीबारी एवं हमले के बीच एक-एक पल गुजारना मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन





हर वक्त यह अंदेशा रहता है कि कहीं उनकी बिल्डिंग पर हमला न हो जाए। खाने-पीने की सामग्री भी खत्म हो रही है। जान जोखिम में डालकर शौच के लिए ऊपर जाना पड़ता है। सोमवार दोपहर 12.30 बजे मौका मिलने पर वह अपने कमरे में दाल-चावल बनाने के लिए गया। पौने एक बजे ही गोलीबारी शुरू होते ही वह खाना छोड़कर नीचे बंकर में भागकर आ गया।



इसी तरह रविवार की शाम ऊपर शौच के लिए गया था। पास की इमारत पर हमला हो गया। उस समय भी वह जान बचाकर बंकर में भाग आया। प्रमोद ने बताया कि रूस का समीपवर्ती शहर होने से रूसी सैनिक खारकीव में घुसकर फायरिंग कर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने नागरिकों से घरों के अंदर ही रहने की अपील की है।




यूक्रेन के बहादुर सैनिक रूसी सैनिकों को लगातार खदेड़ रहे हैं। उसे भारत सरकार से अब तक मदद नहीं मिल पाने का दर्द है। भरोसा है कि भारत सरकार मौका मिलते ही उसे और उसके सभी साथियों को सकुशल यहां से अपने वतन ले जाने में कामयाब होगी।

तकरीबन 300 छात्रों ने बंकर में ली है शरण
प्रमोद कुमार ने बताया कि उसके साथ कमरे में बिहार के हरिनंद और गोरखपुर के आबिद अली भी रहते हैं। वे तीनों साथी अपना रूम छोड़कर हॉस्टल में ही नीेचे बने बंकर में रात-दिन गुजार रहे हैं। कॉलेज प्रशासन ने इस बंकर में तकरीबन 300 छात्रों को शरण दी है। इसमें छात्र-छात्राएं सभी शामिल हैं।



जमीन पर चल रही है गोलियां, आसमान से बमबारी

सड़कों पर हथियारों से लैस जवान गोलियां बरसा रहे हैं। उधर आसमान से रूस के फाइटर जेट्स बमबारी कर रहे हैं। लोग कई-कई दिनों तक बंकर में छिपने को मजबूर हैं। यूक्रेेन से निकलने का सबसे सुरक्षित रास्ता पोलैंड है लेकिन सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर वहां पहुंचने वाले छात्रों को पोलैंड से भगाया जा रहा है। 




बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंची प्रीति
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गई गौहनिया की एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रीति साहू पुत्री अशोक कुमार साहू यूक्रेन से बस द्वारा बॉर्डर पार कर रोमानिया पहुंच गई है। यहां पर भारतीय दूतावास ने प्रीति समेत अन्य छात्रों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed