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छात्रों ने कहा परेशान करते हैं प्रो.अनुपम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 01 Sep 2017 01:11 AM IST
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सील लगाते कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी) में पूर्व जूनियर रिसर्च फेलो परमात्मा यादव की आत्महत्या के मामले में छात्रों ने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सामने प्रो. अनुपम अग्रवाल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि प्रो. अग्रवाल उन्हें बिना किसी कारण के आए दिन अपमानित करते रहे हैं। आरोप के बाद कमेटी के चेयरमैन प्रो. यूएस तिवारी ने परमात्मा यादव के एचआरडी लैब को सील करवा दिया है। कमेटी अपनी रिपोर्ट निदेशक को शनिवार तक सौंपेगी।
ट्रिपलआईटी में पूर्व प्रोजेक्ट फेलो की आत्महत्या के बाद अब संस्थान के छात्र खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी तथा निदेशक से मिलकर संस्थान में शोधछात्रों की समस्याओं की जानकारी दी। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कमेटी के चेयरमैन प्रो. यूएस तिवारी ने सुरक्षा अधिकारी एलएन शर्मा से पूर्व प्रोजेक्ट फेलो के लैब को सील करवा दिया। इससे पहले प्रो. अनुपम अग्रवाल के खिलाफ जांच शुरू होने के बाद ही उन्हें छुट्टी पर भेजने के साथ प्रो. तपोव्रत लहरी को डीन की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।
संस्थान में जांच के बीच बृहस्पतिवार को निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने अपने सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें छात्रों के आरोपों पर भी चर्चा की गई। फिलहाल संस्थान के पीआरओ पंकज मिश्र का कहना है कि निदेशक की बैठक नौ सितंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को लेकर हुई है। इसमें आत्महत्या मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई। उधर, भापजा नेता आचार्य कुशमुनि ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर ट्रिपलआईटी में प्रोजेक्ट फेलो की आत्महत्या के मामले में निदेशक प्रो. नागभूषण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस घटना में शामिल दोषी शिक्षक को दंडित किया जाए।
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ट्रिपलआईटी में पूर्व प्रोजेक्ट फेलो की आत्महत्या के बाद अब संस्थान के छात्र खुलकर सामने आ रहे हैं। उन्होंने फैक्ट फाइंडिंग कमेटी तथा निदेशक से मिलकर संस्थान में शोधछात्रों की समस्याओं की जानकारी दी। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कमेटी के चेयरमैन प्रो. यूएस तिवारी ने सुरक्षा अधिकारी एलएन शर्मा से पूर्व प्रोजेक्ट फेलो के लैब को सील करवा दिया। इससे पहले प्रो. अनुपम अग्रवाल के खिलाफ जांच शुरू होने के बाद ही उन्हें छुट्टी पर भेजने के साथ प्रो. तपोव्रत लहरी को डीन की जिम्मेदारी सौंप दी गई थी।
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संस्थान में जांच के बीच बृहस्पतिवार को निदेशक प्रो. पी नागभूषण ने अपने सहयोगियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इसमें छात्रों के आरोपों पर भी चर्चा की गई। फिलहाल संस्थान के पीआरओ पंकज मिश्र का कहना है कि निदेशक की बैठक नौ सितंबर को प्रस्तावित दीक्षांत समारोह को लेकर हुई है। इसमें आत्महत्या मामले पर कोई चर्चा नहीं हुई। उधर, भापजा नेता आचार्य कुशमुनि ने प्रमुख सचिव गृह को पत्र भेजकर ट्रिपलआईटी में प्रोजेक्ट फेलो की आत्महत्या के मामले में निदेशक प्रो. नागभूषण पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि इस घटना में शामिल दोषी शिक्षक को दंडित किया जाए।
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