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प्रतियोगी छात्रों ने चयन बोर्ड घेरा, जाम, लाठीचार्ज

Sat, 19 Sep 2015 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 19 Sep 2015 01:20 AM IST
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Students competitive selection board hoop , jam , batons
इलाहाबाद। टीजीटी-पीजीटी 2011 की परीक्षा कराए जाने और 2013 के परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगी मंच की ओर से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड का घेराव किया। टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगी मंच की ओर से रिंकू सिंह के नेतृत्व में प्रतियोगी छात्रों ने चयन बोर्ड का घेराव कर 2011 की परीक्षा कराए जाने और 2013 के परिणाम घोषित करने की मांग को लेकर चयन बोर्ड के अधिकारियों को ज्ञापन सौपा गया।
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प्रतियोगी छात्रों ने आयोग के अध्यक्ष से अपनी मांगे पूरी करने के लिए जब आश्वासन मांगा तो उन्होंने शासन की रोक की मजबूरी बताकर किसी प्रकार का आश्वासन देने से मना कर दिया। प्रतियोगी छात्रों ने 2011 की परीक्षा एक सप्ताह में घोषित करने की मांग की। उन्होंने अध्यक्ष से नए अधियाचित पदों का विज्ञापन शीघ्र जारी करने की मांग भी उठाई। प्रतियोगी छात्रों ने मांग की कि ओएमआर और कार्बन कापी का मिलान करते समय अभ्यर्थियों के प्रतिनिधि को भी शामिल किया जाए।
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चयन बोर्ड पर धरना दे रहे छात्रों की बात जब अध्यक्ष ने मानने मना कर दिया तब छात्रों ने दबाव बनाने के लिए चयन बोर्ड के सामने की सड़क जाम कर दिया। जाम लगाने से नाराज पुलिस ने छात्रों पर लाठी चार्ज करके उन्हें भगाया। इस दौरान एक प्रतियोगी विक्की पुलिस की लाठी से घायल हो गया।इस छात्र की पिटाई के बाद थाने में बंद कर दिया गया। इस बीच धरना-प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे प्रतियोगी छात्र मंच के रिंकू सिंह को प्रयाग स्टेशन के पास क्रासिंग से कर्नलगंज इंसपेक्टर ने पकड़ लिया, दिन भर थाने पर बैठाए रखने के बाद इन प्रतियोगी छात्रों को शाम को जमानत पर छोड़ा गया। धरना प्रदर्शन के दौरान चयन बोर्ड पर बड़ी संख्या में टीजीटी-पीजीटी प्रतियोगी मौजूद रहे।
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प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों को निकट भविष्य में शिक्षकों के मिलने की संभावना दिखाई नहीं पड़ रही है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से 2011 में विज्ञापित टीजीटी-पीजीटी 1800 से अधिक पदों पर कोर्ट की रोक लगी होने के कारण 2015 तक परीक्षा नहीं कराई जा सकी है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद कोर्ट ने 2011 में जारी विज्ञापन पर लगी रोक तो हटा दी परंतु अभी टीजीटी-पीजीटी परीक्षा कराए जाने की संभावना दिखाई नहीं पड़ रही है।


उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड में इस समय छह सदस्य तैनात हैं, इसमें तीन सदस्यों के काम पर रोक लगी होने के कारण मात्र तीन सदस्य ही काम कर रहे हैं। कुल 10 सदस्यों में मात्र तीन सदस्यों की तैनाती होने के कारण कोरम पूरा नहीं हो रहा है। इस कारण से सरकार ने कोरम पूरा नहीं होने के कारण चयन बोर्ड के कामकाज पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। शासन की ओर से जब तक चयन बोर्ड में नए सदस्यों की नियुक्ति नहीं की जाती है, कोरम पूरा नहीं होने के कारण भर्ती परीक्षा एवं साक्षात्कार पर रोक लगी रहेगी। ऐसे में टीजीटी-पीजीटी 2011 की परीक्षा कराए जाने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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