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हॉस्टल वॉशआउट का विरोध करने पर नेहा निलंबित
Tue, 28 May 2019 09:40 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 28 May 2019 09:40 PM IST
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allahabad university
- फोटो : Prayagraj
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हॉस्टल वॉशआउट की कार्रवाई के विरोध में चल रहे छात्राओं के आंदोलन का नेतृत्व कर रही शोध छात्रा एवं समाजवादी छात्रसभा की कार्यकर्ता नेहा यादव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) प्रशासन ने निलंबित कर दिया है। साथ ही एक सप्ताह के भीतर महिला छात्रावास परिसर छोड़ने का निर्देश दिया है। नेहा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 30 मई तक कुलनुशासन कार्यालय में लिखित रूप से स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
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चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार की ओर से शोध छात्रा नेहा यादव का निलंबन आदेश जारी किया गया है। हॉल ऑफ रेजिडेंस (एचओआर) हॉस्टल में रहने वाली नेहा यादव पर आरोप है कि उन्होंने 25 मई को कई छात्राओं के साथ हॉस्टल कार्यालय में आकर कार्य को बाधित किया और ताला बंद करने की धमकी दी। उस वक्त कार्यालय से ग्रीष्मावकाश के संदर्भ में छात्राओं को उनके विवरण भरने के लिए आवेदन पत्र वितरित किए जा रहे थे। नेहा के खिलाफ यह शिकायत कार्यालय सहायक एवं सहायिका ने दर्ज कराई है।
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इसके अलावा 25 मई को शाम छह से रात 11 बजे तक नेहा ने महिला छात्रावास परिसर के मुख्य द्वार पर बिना अनुमति के धरना-प्रदर्शन किया और बाहरी लोगों को बुलाकर अराजकता फैलाई, जिससे परिसर के सामने रोड पर आने-जाने वालों को दिक्कत हुई। साथ ही हॉस्टल छोड़कर जाने वाली छात्राओं और उनके अभिभावकों को भी समस्या का सामना करना पड़ा और वे हॉस्टल परिसर में ही फंसे रहे। नेहा पर यह आरोप भी है कि उन्होंने हॉस्टल अधीक्षिका के खिलाफ नरेबाजी एवं अभद्र टिप्पणी की। साथ ही अधीक्षिका से बदसलूकी की, जिसकी शिकायत तमाम छात्राओं ने लिखित रूप से दर्ज कराई है।
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नेहा पर छात्रावास में छात्राओं को अवैध रूप से रखने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगाया गया है। निलंबन आदेश में नेहा के खिलाफ दर्ज कुछ आपराधिक मुकदमों का हवाला देते हुए टिप्पणी की गई है कि शोध छात्रा के रूप में पंजीकृत वरिष्ठ विद्यार्थी के लिए यह बेहद निंदनीय है। इसके अलावा नेहा पर पूर्व में भी विश्वविद्यालय परिसर में अराजकता फैलाने और हॉस्टल से बाहर जाते और आते वक्त उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर न करने का आरोप भी लगाया गया है। नेहा को जारी कारण बताओ नोटस में पूछा गया है कि क्यों न उन्हें हॉस्टल से निष्कासित करने और विश्वविद्यालय से नामांकन निरस्त करने की संस्तुति कुलपति को भेज दी जाए।
नेहा का आरोप, एकतरफा हुई कार्रवाई
नेहा यादव का आरोप है कि इविवि प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की है। नेहा ने चीफ प्रॉक्टर कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि एचओआर हॉस्टल में उनकी रैगिंग हुई। अधीक्षिका ने दुर्व्यवहार किया और अधीक्षिका के साथ आई एक सीनियर छात्रा ने नेहा थप्पड़ मारा। नेहा कहना है कि उनका पक्ष सुने बगैर की गई कार्रवाई पक्षपातपूर्ण है। नेहा ने अपने एकेडमिक कॅरियर का हवाला देते हुए कहा है कि वह वर्ष 2016 में इविवि में संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा की टॉपर रहीं। दो बार जेआरएफ रह चुकी हैं। इविवि प्रशासन जिन मुकदमों की बात कर रहा है, वे छात्रहित में आंदोलन करने पर दर्ज हुए हैं।