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सड़क पर विरोध, शहर में अफरातफरी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 03 Apr 2018 02:06 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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एससी-एसटी एक्ट में बदलाव के सुप्रीमकोर्ट के निर्णय से नाराज बसपा के साथ दलित, छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को भारत बंद के दौरान जमकर हंगामा किया। सपा ने भी बंद समर्थन किया। नाराज लोगों ने कलक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन के बाद कचहरी रोड पर जाम लगा दिया। जंक्शन, प्रयाग और मेजा स्टेशन पर ट्रेनें रोकी गईं। जुलूस निकालकर भीड़ ने कटरा, कर्नलगंज, सिविल लाइंस में दुकानें बंद कराईं। सुभाष चौराहे पर धरना देकर जंक्शन पहुंचे आंदोलनकारी रेल ट्रैक पर बैठ गए। शाम को भीड़ में शामिल लोगों ने इंदिरा भवन स्थित दुकानों में तोड़फोड़ की। तीन दर्जन दोपहिया वाहनों के साथ चार कारें तोड़ दीं। शहर में पांच घंटे अफरातफरी मची रही।
सपा-बसपा के साथ कई दलित और छात्र संगठनों ने कचहरी रोड पर सभा कर केंद्र, प्रदेश सरकार को कोसा। यहां से पुलिस को चकमा देकर प्रदर्शनकारी तीन तरफ जुलूस लेकर निकले। कटरा-कर्नलगंज में दुकानें बंद कराईं। प्रयाग स्टेशन और बघाड़ा क्रॉसिंग पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया तो भीड़ फिर जुलूस के रूप में कटरा बाजार पहुंची। वहीं दूसरी तरफ आनंद अस्पताल के रास्ते स्टैनली रोड से जुलूस में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए दुकानें बंद कराईं। लखनऊ हाइवे से कानपुर रोड पर पहुंचे लोग विवेकानंद चौराहे से सरदार पटेल मार्ग की तरफ मुड़े। यहां दुकानों को जबरन बंद कराया गया। पिज्जा की दुकान बंद करा पीवीआर पहुंची भीड़ में शामिल लोगों ने काफी हंगामा किया। विनायक मॉल के बंद गेट पर डंडे मारे। फिर यहां से दुकानों को बंद कराती भीड़ सुभाष चौराहे पर पहुंचकर धरने में बदल गई। इस बीच सिविल लाइंस की दुकानेें, छोटे-बड़े शोरूम बंद हो गए। सड़क पर जाम लग गया।
सुभाष चौराहे पर धरना देने के दौरान नारे लिखी तख्तियां लिए लोग नारेबाजी करते रहे। यहां से पत्थर गिरजाघर की ओर निकली भीड़ को पुलिस ने रोकना चाहा, लेकिन वे जबरन जुलूस लेकर आगे बढ़ गए। रायल होटल चौराहे के सामने से रेलवे स्टेशन में जाने का प्रयास कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने रोका, लेकिन तब तक दूसरी तरफ से लोग स्टेशन के सिविल लाइंस साइड तक पहुंच गए। यहां निर्माणाधीन प्लेटफार्म के रेल ट्रैक पर बैठ गए। नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों का प्लेटफार्म दो-तीन पर भी जमावड़ा रहा। यहां भी लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ गए और पहिए के सामने लेट गए। किसी तरह पुलिस ने उन्हें हटाया। यहां पहुंचे जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने एसएसपी आकाश कुलहरि की मौजूदगी में नाराज लोगों को समझाकर रेल ट्रैक से हटाया। डीएम ने ज्ञापन लेकर केंद्र-प्रदेश सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
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स्टेशन से जुलूस लेकर सिविल लाइंस पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने शाम को खुली कुछ दुकानों को जबरन बंद करा दिया। इंदिरा भवन में पहुंचे लोगों ने दुकानें बंद कराने के दौरान तोड़फोड़ की। व्यापारियों से झड़प के बाद आक्रोशित लोगों ने तीन दर्जन से अधिक दोपहिया वाहनों और चार कारों के शीशे तोड़ दिए। व्यापारियों ने चैनल बंद कर खुद को बचाया। पुलिस ने भीड़ को परिसर से बाहर किया तो बिग बाजार के सामने जुटे प्रदर्शनकारियों ने खूब हंगामा किया। यहां से निकले जुलूस के साथ पुलिस-पीएसी बल के साथ आरएएफ के जवान बालसन चौराहे तक गए। जहां विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा के बाद लोग तितर बितर हो गए।
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सपा-बसपा के साथ कई दलित और छात्र संगठनों ने कचहरी रोड पर सभा कर केंद्र, प्रदेश सरकार को कोसा। यहां से पुलिस को चकमा देकर प्रदर्शनकारी तीन तरफ जुलूस लेकर निकले। कटरा-कर्नलगंज में दुकानें बंद कराईं। प्रयाग स्टेशन और बघाड़ा क्रॉसिंग पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया तो भीड़ फिर जुलूस के रूप में कटरा बाजार पहुंची। वहीं दूसरी तरफ आनंद अस्पताल के रास्ते स्टैनली रोड से जुलूस में शामिल लोगों ने नारेबाजी करते हुए दुकानें बंद कराईं। लखनऊ हाइवे से कानपुर रोड पर पहुंचे लोग विवेकानंद चौराहे से सरदार पटेल मार्ग की तरफ मुड़े। यहां दुकानों को जबरन बंद कराया गया। पिज्जा की दुकान बंद करा पीवीआर पहुंची भीड़ में शामिल लोगों ने काफी हंगामा किया। विनायक मॉल के बंद गेट पर डंडे मारे। फिर यहां से दुकानों को बंद कराती भीड़ सुभाष चौराहे पर पहुंचकर धरने में बदल गई। इस बीच सिविल लाइंस की दुकानेें, छोटे-बड़े शोरूम बंद हो गए। सड़क पर जाम लग गया।
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सुभाष चौराहे पर धरना देने के दौरान नारे लिखी तख्तियां लिए लोग नारेबाजी करते रहे। यहां से पत्थर गिरजाघर की ओर निकली भीड़ को पुलिस ने रोकना चाहा, लेकिन वे जबरन जुलूस लेकर आगे बढ़ गए। रायल होटल चौराहे के सामने से रेलवे स्टेशन में जाने का प्रयास कर रहे आंदोलनकारियों को पुलिस ने रोका, लेकिन तब तक दूसरी तरफ से लोग स्टेशन के सिविल लाइंस साइड तक पहुंच गए। यहां निर्माणाधीन प्लेटफार्म के रेल ट्रैक पर बैठ गए। नारेबाजी कर रहे प्रदर्शनकारियों का प्लेटफार्म दो-तीन पर भी जमावड़ा रहा। यहां भी लूप लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के इंजन पर चढ़ गए और पहिए के सामने लेट गए। किसी तरह पुलिस ने उन्हें हटाया। यहां पहुंचे जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने एसएसपी आकाश कुलहरि की मौजूदगी में नाराज लोगों को समझाकर रेल ट्रैक से हटाया। डीएम ने ज्ञापन लेकर केंद्र-प्रदेश सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
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स्टेशन से जुलूस लेकर सिविल लाइंस पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने शाम को खुली कुछ दुकानों को जबरन बंद करा दिया। इंदिरा भवन में पहुंचे लोगों ने दुकानें बंद कराने के दौरान तोड़फोड़ की। व्यापारियों से झड़प के बाद आक्रोशित लोगों ने तीन दर्जन से अधिक दोपहिया वाहनों और चार कारों के शीशे तोड़ दिए। व्यापारियों ने चैनल बंद कर खुद को बचाया। पुलिस ने भीड़ को परिसर से बाहर किया तो बिग बाजार के सामने जुटे प्रदर्शनकारियों ने खूब हंगामा किया। यहां से निकले जुलूस के साथ पुलिस-पीएसी बल के साथ आरएएफ के जवान बालसन चौराहे तक गए। जहां विरोध प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा के बाद लोग तितर बितर हो गए।