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राजकीय कॉलेजों में अब जल्द होगी शिक्षकों की भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 22 Oct 2016 02:31 AM IST
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Teacher Shimla
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राजकीय महाविद्यालयों तथा इंटर कॉलेजों में शिक्षकों की कमी जल्द दूर होगी। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में स्वीकृत सभी आठ पदों पर सदस्यों की नियुक्ति हो चुकी है। ऐसे में लोअर सबऑर्डिनेट के साथ सीधी भर्ती के हजारों पदों को जल्द ही भरे जाने की उम्मीद जगी है।
आयोग पीसीएस, पीसीएस-जे, एपीओ, लोअर सबऑर्डिनेट और आरओ-एआरओ आदि भर्तियां नियमित तौर पर करता है। इनके अलावा चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, राजकीय महाविद्यालयों, राजकीय इंटर कॉलेजों समेत कई विभागों के अलग-अलग पदों के लिए भी सीधी भर्ती करता है। इतना ही नहीं ज्यादातर विभागाें में प्रमोशन की प्रक्रिया भी आयोग पूरी करता है। इन पदों पर समय के भीतर नियुक्ति तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए आयोग अध्यक्ष के अलावा सदस्य के आठ पद स्वीकृत हैं।
लेकिन लंबे समय तक सदस्यों के कई पद खाली रहे। आयोग में इससे पहले जून 2014 में सदस्य की नियुक्ति हुई थी। जबकि, पिछले वर्ष दो सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो गया। ऐसे में अभी चार सदस्य ही रह गए थे। इसका नतीजा रहा कि लोअर सबऑर्डिनेट-2015 की भर्ती अभी तक फंसी है। राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया भी लंबी खींचती दिख रही है। सदस्यों की संख्या कम होने की वजह से पीसीएस, लोअर सबऑर्डिनेट के पदों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया भी दो-तीन महीने तक चलती है। इस दौरान अन्य प्रक्रिया तकरीबन ठप रहती है। इसकी वजह से भी भर्तियां लंबित हो जाती हैं।
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आयोग ने पिछले साल ही वर्षों से लंबित भर्तियों की सूची तैयार की थी। इसमें 250 से अधिक तरह की भर्तियां शामिल रहीं। इनके अलावा संभावित भर्तियाें की भी सूची जारी की गई थी। हालांकि, वन सहायक, राजकीय विद्यालयों में अध्यापकों आदि की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है लेकिन ज्यादातर भर्तियों के अभ्यर्थियों को अब भी इंतजार है। अब सभी सदस्यों की नियुक्ति से इन पदाें की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
‘आयोग को सभी सदस्य मिल गए हैं। इससे साक्षात्कार की प्रक्रिया में तेजी आएगी। लंबित भर्तियां जल्द पूरी की जाएंगी। नीतिगत तथा अन्य बिंदुओं पर निर्णय में भी आसानी होगी।’
डॉ.अनुरुद्ध यादव, अध्यक्ष, लोक सेवा आयोग
0 पीसीएस, लोअर सबऑर्डिनेट आदि भर्तियों के साक्षात्कार के लिए एक साथ बैठ सकेंगे नौ बोर्ड
0 सीधी भर्ती के अंतर्गत तकरीबन 10 हजार पदों की प्रक्रिया लंबे समय से फंसी है
0 चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा विभाग में ही पांच हजार से अधिक पदों पर होनी है नियुक्ति
0 अध्यापकों की भर्ती के अंतर्गत कई विषयों का एक साथ हो सकेगा साक्षात्कार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चार नई नियुक्ति के बाद सदस्यों की संख्या पूरी हो गई है। इसी के साथ आयोग में वर्षों से लंबित भर्तियों के अभ्यर्थियों को जल्द तैनाती की उम्मीद भी बढ़ी है। इसके विपरीत उच्चतर शिक्षा आयोग वर्षों से सदस्यों की नियुक्ति का ही इंतजार कर रहा है। सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने की वजह से आयोग में आठ साल से कोई भर्ती नहीं हुई है। इन दिनों असिस्टेंट प्रोफेसर की दो भर्तियाें की प्रक्रिया शुरू है। इन भर्तियों के माध्यम से 2800 अधिक अध्यापकों की नियुक्ति होनी है लेकिन आयोग में अध्यक्ष के अलावा मात्र एक सदस्य हैं। जबकि स्वीकृत पद छह हैं। ऐसे में आयोग में इस समय कोरम का अभाव है। इसकी वजह से सबकुछ ठप है।
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आयोग पीसीएस, पीसीएस-जे, एपीओ, लोअर सबऑर्डिनेट और आरओ-एआरओ आदि भर्तियां नियमित तौर पर करता है। इनके अलावा चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, राजकीय महाविद्यालयों, राजकीय इंटर कॉलेजों समेत कई विभागों के अलग-अलग पदों के लिए भी सीधी भर्ती करता है। इतना ही नहीं ज्यादातर विभागाें में प्रमोशन की प्रक्रिया भी आयोग पूरी करता है। इन पदों पर समय के भीतर नियुक्ति तथा पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए आयोग अध्यक्ष के अलावा सदस्य के आठ पद स्वीकृत हैं।
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लेकिन लंबे समय तक सदस्यों के कई पद खाली रहे। आयोग में इससे पहले जून 2014 में सदस्य की नियुक्ति हुई थी। जबकि, पिछले वर्ष दो सदस्यों का कार्यकाल खत्म हो गया। ऐसे में अभी चार सदस्य ही रह गए थे। इसका नतीजा रहा कि लोअर सबऑर्डिनेट-2015 की भर्ती अभी तक फंसी है। राजकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती प्रक्रिया भी लंबी खींचती दिख रही है। सदस्यों की संख्या कम होने की वजह से पीसीएस, लोअर सबऑर्डिनेट के पदों के लिए साक्षात्कार की प्रक्रिया भी दो-तीन महीने तक चलती है। इस दौरान अन्य प्रक्रिया तकरीबन ठप रहती है। इसकी वजह से भी भर्तियां लंबित हो जाती हैं।
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आयोग ने पिछले साल ही वर्षों से लंबित भर्तियों की सूची तैयार की थी। इसमें 250 से अधिक तरह की भर्तियां शामिल रहीं। इनके अलावा संभावित भर्तियाें की भी सूची जारी की गई थी। हालांकि, वन सहायक, राजकीय विद्यालयों में अध्यापकों आदि की भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है लेकिन ज्यादातर भर्तियों के अभ्यर्थियों को अब भी इंतजार है। अब सभी सदस्यों की नियुक्ति से इन पदाें की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होने की उम्मीद है।
‘आयोग को सभी सदस्य मिल गए हैं। इससे साक्षात्कार की प्रक्रिया में तेजी आएगी। लंबित भर्तियां जल्द पूरी की जाएंगी। नीतिगत तथा अन्य बिंदुओं पर निर्णय में भी आसानी होगी।’
डॉ.अनुरुद्ध यादव, अध्यक्ष, लोक सेवा आयोग
0 पीसीएस, लोअर सबऑर्डिनेट आदि भर्तियों के साक्षात्कार के लिए एक साथ बैठ सकेंगे नौ बोर्ड
0 सीधी भर्ती के अंतर्गत तकरीबन 10 हजार पदों की प्रक्रिया लंबे समय से फंसी है
0 चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा विभाग में ही पांच हजार से अधिक पदों पर होनी है नियुक्ति
0 अध्यापकों की भर्ती के अंतर्गत कई विषयों का एक साथ हो सकेगा साक्षात्कार
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग में चार नई नियुक्ति के बाद सदस्यों की संख्या पूरी हो गई है। इसी के साथ आयोग में वर्षों से लंबित भर्तियों के अभ्यर्थियों को जल्द तैनाती की उम्मीद भी बढ़ी है। इसके विपरीत उच्चतर शिक्षा आयोग वर्षों से सदस्यों की नियुक्ति का ही इंतजार कर रहा है। सदस्यों की नियुक्ति नहीं होने की वजह से आयोग में आठ साल से कोई भर्ती नहीं हुई है। इन दिनों असिस्टेंट प्रोफेसर की दो भर्तियाें की प्रक्रिया शुरू है। इन भर्तियों के माध्यम से 2800 अधिक अध्यापकों की नियुक्ति होनी है लेकिन आयोग में अध्यक्ष के अलावा मात्र एक सदस्य हैं। जबकि स्वीकृत पद छह हैं। ऐसे में आयोग में इस समय कोरम का अभाव है। इसकी वजह से सबकुछ ठप है।