{"_id":"57d4632d4f1c1bb4613182dc","slug":"state-population-living-on-land-not-be-called-illegal","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेट लैंड पर बसी आबादी नहीं कहलाएगी अवैध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेट लैंड पर बसी आबादी नहीं कहलाएगी अवैध
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 11 Sep 2016 01:38 AM IST
विज्ञापन
सुखना लेक को लेकर पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इलाहाबाद (ब्यूरो)। राजकीय आस्थान की भूमि यानी स्टेट लैंड पर बसी लाखों की आबादी के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही स्टेट लैंड फ्रीहोल्ड की नीति लागू होने जा रही है। राजस्व परिषद ने प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है। अब कैबिनेट से इसे हरी झंडी मिलनी है। शनिवार को इलाहाबाद आए राजस्व परिषद के अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि मिलेजुले प्रावधानों के तहत स्टेट लैंड की फ्रीहोल्ड नीति तैयार की गई है। उम्मीद है कि जल्द ही इसे सरकार से हरी झंडी मिल जाएगी और प्रदेश में स्टेट लैंड फ्रीहोल्ड की व्यवस्था लागू हो जाएगी।
उन्होंने कमिश्नरी के गांधी सभागार में राजस्व कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान मंडल के सभी जिलाधिकारियों ने पावर प्रेजेंटेशन के जरिए राजस्व कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को बताया कि राजस्व परिषद ने तहसीलों में लंबित कार्यों के त्वरित निस्तारण के लिए तहसीलदारों, कानूनगों एवं लेखपालों की भर्ती के लिए नई पहल की है। साथ ही राजस्व अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष किया जा जा रहा है। अधिकतर कार्यों को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। बताया कि नई राजस्व संहिता लागू होने से नए प्रावधान बने हैं। इसके तहत राजस्व कार्यों को सरलता से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नई भर्ती के तहत राजस्व कर्मियों का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण पूरा होते ही उन्हें जिलों में तैनाती दी जाएगी और लेखपालों की संख्या में इजाफा होगा।
बताया कि 195 तहसीलें ऑनलाइन हो गई हैं और बाकी जल्द हो जाएंगी। उन्होंने जनहित के कार्यों को तेजी से निस्तारित करने के लिए तकनीकी का प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले 17 लाख मुकदमे लंबित थे लेकिन संसाधनों में वृद्धि और तकनीकी दक्षता बढ़ने से सात लाख मुकदमे ही लंबित रह गए हैं। उन्होंने राजस्व दिवस के माध्यम से अच्छे कार्य कर रहे अधिकारियों को सम्मानित करने को कहा। सरकारी जमीनों और तालाबों से अतिक्रमण हटाने को भी कहा। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद धीरज साहू ने आम आदमी बीमा योजना का प्रचार-प्रसार करने को कहा। कमिश्नर राजन शुक्ला ने राजस्व परिषद अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों को मंडल स्तर पर सभी अधिकारी अनुपालन करेंगे।
विज्ञापन
तहसीलों में दो-दो एसडीएम, तहसीलदार
- तहसीलों में अब दो-दो एसडीएम और तहसीलदार होंगे। राजस्व परिषद अध्यक्ष ने बताया कि कलक्ट्रेटों और तहसीलों में लंबित राजस्व वादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसडीएम न्यायिक और तहसीलदार न्यायिक के पद सृजित किए जा रहे हैं। इनका काम केवल वादों का निस्तारण करना होगा। ऐसे में तहसील में एक एसडीएम प्रशासन और दूसरे एसडीएम न्यायिक होंगे और तहसीलदारों की नियुक्ति में भी यही स्थिति लागू होगी। जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी।
लेखपालों की हड़ताल पर जताई नाराजगी
राजस्व परिषद अध्यक्ष ने लेखपालों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस समय बाढ़ राहत कार्य चल रहा है। सर्वे किए जा रहे हैं। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण कार्य भी शुरू हो गया है। जनहित को देखते हुए लेखपालों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए। उनकी मांगों पर शासन स्तर विचार चल रहा है। वार्ता लगातार हो रही है। एक बार में सभी मांगें पूरी नहीं की जा सकती,ं लेखपालों को यह बात समझनी चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कमिश्नरी के गांधी सभागार में राजस्व कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक भी की। इस दौरान मंडल के सभी जिलाधिकारियों ने पावर प्रेजेंटेशन के जरिए राजस्व कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को बताया कि राजस्व परिषद ने तहसीलों में लंबित कार्यों के त्वरित निस्तारण के लिए तहसीलदारों, कानूनगों एवं लेखपालों की भर्ती के लिए नई पहल की है। साथ ही राजस्व अधिकारियों को तकनीकी रूप से दक्ष किया जा जा रहा है। अधिकतर कार्यों को पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। बताया कि नई राजस्व संहिता लागू होने से नए प्रावधान बने हैं। इसके तहत राजस्व कार्यों को सरलता से पूरा किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नई भर्ती के तहत राजस्व कर्मियों का प्रशिक्षण चल रहा है। प्रशिक्षण पूरा होते ही उन्हें जिलों में तैनाती दी जाएगी और लेखपालों की संख्या में इजाफा होगा।
विज्ञापन
बताया कि 195 तहसीलें ऑनलाइन हो गई हैं और बाकी जल्द हो जाएंगी। उन्होंने जनहित के कार्यों को तेजी से निस्तारित करने के लिए तकनीकी का प्रयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि डेढ़ साल पहले 17 लाख मुकदमे लंबित थे लेकिन संसाधनों में वृद्धि और तकनीकी दक्षता बढ़ने से सात लाख मुकदमे ही लंबित रह गए हैं। उन्होंने राजस्व दिवस के माध्यम से अच्छे कार्य कर रहे अधिकारियों को सम्मानित करने को कहा। सरकारी जमीनों और तालाबों से अतिक्रमण हटाने को भी कहा। आयुक्त एवं सचिव राजस्व परिषद धीरज साहू ने आम आदमी बीमा योजना का प्रचार-प्रसार करने को कहा। कमिश्नर राजन शुक्ला ने राजस्व परिषद अध्यक्ष को आश्वस्त किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों को मंडल स्तर पर सभी अधिकारी अनुपालन करेंगे।
विज्ञापन
तहसीलों में दो-दो एसडीएम, तहसीलदार
- तहसीलों में अब दो-दो एसडीएम और तहसीलदार होंगे। राजस्व परिषद अध्यक्ष ने बताया कि कलक्ट्रेटों और तहसीलों में लंबित राजस्व वादों की बढ़ती संख्या को देखते हुए एसडीएम न्यायिक और तहसीलदार न्यायिक के पद सृजित किए जा रहे हैं। इनका काम केवल वादों का निस्तारण करना होगा। ऐसे में तहसील में एक एसडीएम प्रशासन और दूसरे एसडीएम न्यायिक होंगे और तहसीलदारों की नियुक्ति में भी यही स्थिति लागू होगी। जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी।
लेखपालों की हड़ताल पर जताई नाराजगी
राजस्व परिषद अध्यक्ष ने लेखपालों की हड़ताल पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि इस समय बाढ़ राहत कार्य चल रहा है। सर्वे किए जा रहे हैं। वोटर लिस्ट पुनरीक्षण कार्य भी शुरू हो गया है। जनहित को देखते हुए लेखपालों को हड़ताल नहीं करनी चाहिए। उनकी मांगों पर शासन स्तर विचार चल रहा है। वार्ता लगातार हो रही है। एक बार में सभी मांगें पूरी नहीं की जा सकती,ं लेखपालों को यह बात समझनी चाहिए।