SSC Exam : एसएससी ने परीक्षा से पहले चिह्नित किए 400 साॅल्वर, किए थे 1300 आवेदन
एसएससी ने इसी वर्ष 17 फरवरी को नई वेबसाइट लाॅन्च की। इसके बाद से ऑनलाइन आवेदन लाइव फोटो से होने लगे। आवेदन करते समय ही अभ्यर्थी की फोटो मोबाइल एप या लैपटाॅप से खीचीं जाती है। इस बदलाव से साॅल्वरों के फोटो मिक्सिंग का खेल खत्म हो गया।
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कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) ने 30 सितंबर से शुरू होने वाली मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) और हवलदार परीक्षा में आवेदन करने वाले 400 साॅल्वर चिह्नित किए हैं। इन साॅल्वरों ने आयोग के अलग-अलग जोन से 1300 आवेदन किए हैं। इसमें से 598 आवेदन प्रयागराज जोन के हैं। एआई की मदद से पहली बार इनको चिह्नित किया गया है। इन सभी के आवेदन रद्द कर दिए गए हैं। इनको डिबार भी किया जाएगा।
एमटीएस और सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम (सीबीआईएन) और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) में हवलदार के 9,583 पदों पर भर्ती होनी है।इसके लिए देश से 57,44,713 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। बड़ी संख्या में आए आवेदनों की जांच के लिए इस बार एआई का प्रयोग किया गया। एआई की मदद से देखा गया कि कितने अभ्यर्थियों ने एक से अधिक आवेदन किए हैं।
इसमें यूपी और बिहार (एसएससी मध्य क्षेत्र) के तीन अभ्यर्थी मिले। इनका आवेदन रद्द कर दिया गया, फिर एआई की वन बाई एन टेक्निक से देखा कि एक अभ्यर्थी का चेहरा कितनों के चेहरों से मिलता है। इसमें कई आवेदनों पर एक ही फोटो मिला। एक फोटो पर 18, 14, 12, 11 और नाै आवेदन किए गए हैं। कुछ फोटो ऐसे भी थे, जो पहले साॅल्वर के रूप में पकड़े भी जा चुके थे। इन साॅल्वरों ने एसएससी के अलग-अलग जोन में आवेदन किए हैं।
पहली बार ऐसा मामला पकड़े जाने पर अफसर सक्रिय हुए। यह परीक्षा 30 सितंबर से 14 नवंबर तक तीन पाली में होनी है। 26 सितंबर से प्रवेश पत्र डाउनलोड होने शुरू होंगे। आयोग के क्षेत्रीय निदेशक राहुल सचान ने बताया कि एआई की मदद से देशभर के 400 साॅल्वर चिह्नित किए गए हैं।इसमें से 261 साॅल्वरों ने प्रयागराज जोन में 598 आवेदन किए हैं। इन सभी के आवेदन रद्द कर दिए गए। यह लोग प्रवेशपत्र डाउनलोड नहीं कर सकते हैं।
ऐसे पकड़े गए साॅल्वर
एसएससी ने इसी वर्ष 17 फरवरी को नई वेबसाइट लाॅन्च की। इसके बाद से ऑनलाइन आवेदन लाइव फोटो से होने लगे। आवेदन करते समय ही अभ्यर्थी की फोटो मोबाइल एप या लैपटाॅप से खीचीं जाती है। इस बदलाव से साॅल्वरों के फोटो मिक्सिंग का खेल खत्म हो गया। वह फोटो मिक्स नहीं कर पा रहे थे तो नया तरीका अपनाया। अब एक ही फोटो पर कई नामों से अलग-अलग जोन में आवेदन कर दिया, लेकिन अफसरों की सतर्कता से सभी पकड़े गए। देश में नाै जोन हैं।