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SRN Hospital : 60 से अधिक डॉक्टर ग्रीष्मकालीन अवकाश पर, इलाज के लिए भटक रहे मरीज
Sat, 28 May 2022 04:41 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 28 May 2022 04:41 AM IST
सार
मंडल के सबसे बड़े एसआरएन अस्पताल में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। आंकड़ों के अनुसार ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 3000 मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। कई विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश पर जाने से मरीजों दिक्कत हो रही है।
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SRN Hospital
- फोटो : prayagraj
विस्तार
एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में इलाज कराने जा रहे हैं तो पहले पता कर लें कि डॉक्टर कहीं छुट्टी पर तो नहीं गए हैं। अस्पताल में तैनात 126 नियमित चिकित्सकों में से 60 से अधिक विशेषज्ञ ग्रीष्मकालीन अवकाश पर हैं। चिकित्सा व्यवस्था आधे नियमित और 67 संविदा चिकित्सकों के भरोसे चल रही है। ऐसे में इलाज के लिए महीने भर बाद अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को बिना इलाज के ही बैरंग लौटना पड़ रहा है।
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मंडल के सबसे बड़े एसआरएन अस्पताल में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। आंकड़ों के अनुसार ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 3000 मरीज उपचार कराने पहुंचते हैं। कई विभागों के वरिष्ठ चिकित्सकों के ग्रीष्मकालीन अवकाश पर जाने से मरीजों दिक्कत हो रही है। जिस विशेषज्ञ ने उन्हें महीने या 15 दिन पहले देखा, ओपीडी मेें वह नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में मरीज ओपीडी कक्ष तक पहुंच कर लौट रहे हैं।
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अस्पताल में डॉक्टरों के कुल 219 पद सृजित हैं। इनमें 26 पद रिक्त है। वर्तमान में 126 नियमित और 67 संविदा डॉक्टर तैनात हैं। नियमित डॉक्टरों में 60 से अधिक डॉक्टर फिलहाल गर्मी की छुट्टी पर है। इससे अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को इलाज में काफी दिक्कत हो रही है। इनमें ज्यादातर वे मरीज हैं, जिनका नियमित विशेषज्ञ चिकित्सक लंबे समय से इलाज कर रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज के नियमित डॉक्टरों को साल में दो बाद छुट्टियां दी जाती हैं। इस समय ग्रीष्मकालीन अवकाश पर चिकित्सक गए हैं, लेकिन विभागवार वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। मरीजों को दिक्कत ना हो, इसके लिए चिकित्सकों को दो सत्रों में अवकाश स्वीकृत किया जा रहा है। मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार के लिए नियमित और संविदा चिकित्सकों की उपलब्धता ओपीडी में रहती है। मरीजों को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। - डॉ. एसपी सिंह, प्राचार्य, एमएलएन मेडिकल कालेज