SRN Hospital : एसआरएन में रैन बसेरे को ही बना दिया मानसिक रोगी वार्ड, लगा दिए गे बेड
मानसिक रोगियों की संख्या को देखते हुए बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए अस्पताल परिसर स्थित मानसिक रोग की ओपीडी के ऊपर 20-20 बेड के दो वार्डों का डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण होना था। 2020 में पीजी सीटों के लिए 60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे।
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स्वरूप रानी अस्पताल (एसआरएन) में रैन बसेरे को ही मानसिक रोगी वार्ड बना दिया गया है। इतना ही नहीं, वार्ड में गद्दों के चिथड़े उड़े हैं और मरीजों को चादर तक नहीं नसीब हो रही है। अमर उजाला की तस्वीरें यहां की लापरवाही और अव्यवस्थाओं की पोल खोल रही हैं। वहीं, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि जल्द ही स्थायी व्यवस्था की जाएगी।
मानसिक रोगियों की संख्या को देखते हुए बेडों की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। इसके लिए अस्पताल परिसर स्थित मानसिक रोग की ओपीडी के ऊपर 20-20 बेड के दो वार्डों का डेढ़ करोड़ की लागत से निर्माण होना था। 2020 में पीजी सीटों के लिए 60 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसमें उपकरण व निर्माण कार्य सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं शामिल थीं।
वर्ष 2023 में बजट को रिवाइज किया गया तो पीडब्ल्यूडी की ओर से निर्माण कार्य में प्रस्तावित बजट से अधिक खर्च दिखाया गया। इसकी वजह से मानसिक रोगी वार्ड के निर्माण कार्य को रोकना पड़ गया। पीएमएसएसवाई बिल्डिंग के पीछे बने रैन बसेरे को ही मानसिक रोगियों का वार्ड बना दिया गया। वहां पर दस बेड लगाए गए हैं। हालांकि, अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों की संख्या को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस वार्ड को अस्थायी तौर पर खोला गया है।
वार्ड बनाने का भेजा गया प्रस्ताव
एमएलएन मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से मानसिक रोगियों के लिए 20-20 बेड का एक वार्ड बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। जल्द मानसिक रोगी विभाग की इमारत में यह वार्ड स्थापित किया जाएगा। वैसे यहां पर 10 बेड का महिला मानसिक रोगी वार्ड पहले से चल रहा है।
तीमारदार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
रैन बसेरा मानसिक रोगी वार्ड बनने से दूर-दराज से आने वाले मरीजों संग तीमारदारों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। तीमारदार सक्षम हैं तो आसपास कमरा लें या फिर खुले आसमान के नीचे रात गुजारें।