Spy camera in washroom : गिरफ्तार टैक्नीशियन ने खोला गर्ल्स हॉस्टल मालिक की साजिश का राज
गिरफ्तार टैक्नीशियन ने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल का मालिक आशीष खरे उसके दुकान पर गया था। उसके बुलाने पर वह कैमरा लगाने पहुंचा तो आशीष ने कहा कि अपना काम करो और घर जाओ। उसने 1000 रुपये मजदूरी की जगह 1400 दिए और चुप रहने के लिए कहा।
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बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने के आरोपी आशीष खरे पर पुलिस का शिकंजा और कस गया है। दरअसल दो जून को दर्ज मुकदमे में भी उसका रिमांड मंजूर हो गया है। गिरफ्तार टेक्नीशियन फैय्याज के बयान के बाद पुलिस ने इस मुकदमे में आपराधिक साजिश की धारा भी जोड़ी है। साथ ही आईटी एक्ट की धारा को भी तरमीम किया है।
सूत्रों का कहना है कि गिरफ्तारी के बाद फैय्याज ने पुलिस को पूछताछ में कई अहम बातें बताईं। जिससे पता चला कि बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने के आपराधिक कृत्य में वह भी पूरी तरह शामिल था। पुलिस ने जब उससे पूछा कि बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने की बात उसे असामान्य नहीं लगी तो उसका कहना था कि उसे शक हुआ। इसकेबाद जब उससे पूछा गया कि शक होने के बावजूद उसने पुलिस को यह बात क्यों नहीं बताई तो वह चुप्पी साध गया।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि उसके बयान से साफ है कि इस कृत्य की साजिश में वह भी पूरी तरह से शामिल था। जिसके बाद मुकदमे में आपराधिक साजिश की बढ़ोतरी की गई। इसी तरह यौन कृत्य आदि वाली सामग्री को इलेक्ट्रॉनिक रूप में प्रसारित करने की बात सामने आने पर इस मुकदमे में पूर्व में लगाई गई आईटी एक्ट की धारा 67 को 67ए में तरमीम कर दिया गया।
1000 की जगह दिए थे 1400 रुपये
सूत्रों का कहना है कि फैय्याज ने पूछताछ में बताया है कि कैमरा फिट करने के लिए आशीष ने उसे 1400 रुपये दिए थे। बाथरूम में कैमरा फिट करने के बाबत सवाल करने पर आशीष ने उससे कहा था कि अपना काम करो और जाओ। उसने वायर के लिए दीवार पर ड्रिलिंग भी पहले से ही कर रखी थी। उसने यह भी बताया कि वह इंदिरा भवन स्थित सीसीटीवी कैमरे व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बेचने वाली एक दुकान पर काम करता है। आशीष ने दुकान पर आकर कैमरा फिटिंग के लिए बात की थी। जिस पर वह उसके घर गया था।
बीकॉम के बाद कर चुका है ओ लेवल डिप्लोमा कोर्स
पुलिस के मुताबिक, 43 साल के आशीष ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीकॉम की पढ़ाई की। इसके बाद उसने ओ लेवल कंप्यूटर कोर्स भी किया। इसकेबाद उसने कुछ दिनों तक घर में ही कंप्यूटर कोचिंग भी चलाई। उसकी शादी नहीं हुई थी। उसकेपिता सरकारी डॉक्टर थे जो अब रिटायर हो चुके हैं। उसकी मां की छह साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। जबकि सगे भाई की तीन साल पहले एक हादसे में चोट लगने से जान चली गई थी।
महिला हॉस्टल संचालन की बने गाइडलाइन
छात्राओं के बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने की घटना के बाद अब महिला हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था के मद्दनेजर कड़े उपाय करने की मांग उठने लगी है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने इसके लिए गाइडलाइन बनाने और इसका कड़ाई से पालन कराने की मांग की है। उन्होंने डीएम व एसएसपी को पत्र भेजा है। गाइडलाइन तैयार करने के लिए एक कमेटी बनाई जाए। इसके अलावा महिला हॉस्टलों में सघन चेकिंग अभियान चलाया जाए। उनका आरोप है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस प्रशासन की ओर से कोई मजबूत कदम नहीं उठाया गया है, यह बेहद चिंताजनक है। इस घटना के बाद जो छात्राएं शहर छोड़कर चली गई हैं, उनके अभिभावक खौफ में हैं।