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सप्तऋषियों की साधना से मिलता है अक्षय पुण्य : शांडिल्य महाराज
Sat, 29 Aug 2026 01:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sat, 29 Aug 2026 01:48 AM IST
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लालगोपालगंज- श्रृंगवेरपुर श्रीनिकेतन आश्रम में ऋषि पंचमी पर यज्ञोपवीत पूजन करते स्वामी शांडिल्य
श्रीनिकेतन आश्रम स्थित ऋषि पंचमी के अवसर पर सप्तऋषि पूजन व नवीन यज्ञोपवीत संस्कार का आयोजन किया गया। स्वामी जगद्गुरु नारायणाचार्य स्वामी शांडिल्य महाराज ने कहा कि सप्त ऋषियों की आराधना से मनुष्य को अक्षय पुण्य लाभ के साथ पापों से मुक्ति मिलती है।
भाद्रपद शुक्ल पंचमी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत संत महात्माओं और वेदपाठी बटुकों ने मां गंगा के स्नान से किया। श्रीनिकेतन आश्रम में पीला वस्त्र बिछाकर प्रथम पूज्य भगवान गणेश और माता गौरी की स्थापना संग की गई।
स्वामी शांडिल्य महाराज ने बताया कि ऋषि पंचमी केवल धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि सनातन ज्ञान परंपरा का सम्मान है। आकाश में दिखने वाले सात तारे इन्हीं सप्तऋषियों के प्रतीक हैं।
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मौके पर आचार्य बलराम शुक्ल, आचार्य नागेश प्रसाद मिश्र, डॉ. दुर्गेश तिवारी, आचार्य बबलू मिश्र, आचार्य शेष नारायण शास्त्री, ललित त्रिपाठी, श्रेया तिवारी, डॉ. शिव प्रसाद मिश्र और आचार्य भानु प्रकाश तिवारी आदि रहे।
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भाद्रपद शुक्ल पंचमी के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत संत महात्माओं और वेदपाठी बटुकों ने मां गंगा के स्नान से किया। श्रीनिकेतन आश्रम में पीला वस्त्र बिछाकर प्रथम पूज्य भगवान गणेश और माता गौरी की स्थापना संग की गई।
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स्वामी शांडिल्य महाराज ने बताया कि ऋषि पंचमी केवल धार्मिक व्रत नहीं, बल्कि सनातन ज्ञान परंपरा का सम्मान है। आकाश में दिखने वाले सात तारे इन्हीं सप्तऋषियों के प्रतीक हैं।
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मौके पर आचार्य बलराम शुक्ल, आचार्य नागेश प्रसाद मिश्र, डॉ. दुर्गेश तिवारी, आचार्य बबलू मिश्र, आचार्य शेष नारायण शास्त्री, ललित त्रिपाठी, श्रेया तिवारी, डॉ. शिव प्रसाद मिश्र और आचार्य भानु प्रकाश तिवारी आदि रहे।