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विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेष : मोबाइल का अधिक उपयोग बना रहा रोगी, किशोरों में बढ़ी कमर दर्द की समस्या

Sun, 08 Sep 2024 03:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 08 Sep 2024 03:31 PM IST
सार

बेली अस्पताल के डॉ. नीरज पांडेय कहते हैं कि कुछ किशोरों को कमर दर्द जिम में जाने के कारण भी होता है। अगर जिम में सही ट्रेनर नहीं मिले तो भी समस्या हो सकती है। वह बताते हैं कि पिछले वर्ष करीब 250 से अधिक किशोर बेली अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे।

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Special on World Physiotherapy Day: Patients continue to use mobile more, problem of back pain
फिजियोथेरेपी दिवस। - फोटो : freepik

विस्तार

कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल का अधिक इस्तेमाल किशोरों को भी पीठ और कमर दर्द दे रहा है। फिजियोथेरेपी सेंटर पर बुजुर्गों-युवाओं के साथ अब 15 से 18 वर्ष के किशोर भी दिखने लगे हैं।

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बेली अस्पताल के डॉ. नीरज पांडेय कहते हैं कि कुछ किशोरों को कमर दर्द जिम में जाने के कारण भी होता है। अगर जिम में सही ट्रेनर नहीं मिले तो भी समस्या हो सकती है। वह बताते हैं कि पिछले वर्ष करीब 250 से अधिक किशोर बेली अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे थे। ये किशोर आउटडोर गेम से दूरी बना रखी थी। मोबाइल, लैपटॉप पर ही पढ़ाई और गेम खेलते थे। डॉ. नीरज के मुताबिक, लाइब्रेरी कल्चर भी इसके लिए दोषी है। कई घंटे तक लगातार बैठकर पढ़ाई करना भी पीठ और कमर के लिए ठीक नहीं है।

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केस-1

फूलपुर निवासी 15 वर्षीय किशोर की पीठ में काफी दर्द रहता था। कई जगह इलाज कराने के बाद जब आराम नही मिला तो परिजन उसे लेकर सिविल लाइंस के एक निजी अस्पताल में फिजियोथेरेपी कराने पहुंचे। किशोर ने बताया कि वह बाहर खेलने कम जाता है और फोन पर ऑनलाइन क्लास लेने वा गेम खेलने में अधिक समय व्यतीत करता है। पांच महीने फिजियोथेरेपी कराने के बाद किशोर ठीक हो गया।

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केस-2

 

नैनी निवासी आठवीं के छात्र के कमर में पिछले 6 महीने से काफी दर्द रहता था। पहले तो घर वालों ने ध्यान नहीं दिया। जब छात्र को चलने फिरने में दिक्कत होने लगी तब जनवरी 2024 में छात्र को फिजियोथेरेपी दी गई। इस दौरान पता चला कि छात्र का दिन में लगभग 12 घंटे मोबाइल फोन पर गुजरता है। फिलहाल पांच महीने की थेरेपी के बाद छात्र पूरी तरह से स्वस्थ है।

फिजियोथेरेपी के लिए किशोर भी पहुंचने लगे हैं। यह चिंताजनक है। इसका बड़ा कारण मोबाइल और कंप्यूटर का अधिक इस्तेमाल और आउटडोर गेम व शारीरिक श्रम न करना है। - डॉ. नीरज गिरी, फिजियोथेरेपिस्ट

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