{"_id":"5c509b8dbdec2237d6013881","slug":"special-court-grant-bail-to-sadhvi-prachi","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"साध्वी प्राची को मिली जमानत, भड़काऊ भाषण देने पर दर्ज हुआ था केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
साध्वी प्राची को मिली जमानत, भड़काऊ भाषण देने पर दर्ज हुआ था केस
Tue, 29 Jan 2019 11:59 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 29 Jan 2019 11:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भड़काऊ भाषण देने सहित दो मुकदमों में साध्वी प्राची ने मंगलवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में सरेंडर कर जमानत अर्जी पेश की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली और जमानतें दाखिल करने पर रिहा कर दिया।
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। घटना 31 अगस्त 2013 की मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाने की है।
एसओ चरण सिंह यादव ने विधायक संगीत सोम, विधायक कुंअर भारतेंदु, पूर्व सांसद सोहनवीर, पूर्व सांसद प्रदीप बालियान और साध्वी प्राची सहित 40 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
आरोप है कि 27 अगस्त को ग्राम कवाल में गौरव व सचिन की हत्या हुई थी। प्रशासन ने धारा 144 लागू की थी। हत्या के विरोध में बिना अनुमति के भारतीय इंटर कालेज नगला मंदौर के सामने सभा हुई, जिसमें भड़काऊ भाषण दिया गया। एकत्र भीड़ ने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर शांति व्यवस्था भंग की और कानून का उल्लंघन किया था।
विज्ञापन
यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने अभियोजन और बचाव पक्ष के अधिवक्ता को सुनकर दिया है। घटना 31 अगस्त 2013 की मुजफ्फरनगर के सिखेड़ा थाने की है।
विज्ञापन
एसओ चरण सिंह यादव ने विधायक संगीत सोम, विधायक कुंअर भारतेंदु, पूर्व सांसद सोहनवीर, पूर्व सांसद प्रदीप बालियान और साध्वी प्राची सहित 40 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन
आरोप है कि 27 अगस्त को ग्राम कवाल में गौरव व सचिन की हत्या हुई थी। प्रशासन ने धारा 144 लागू की थी। हत्या के विरोध में बिना अनुमति के भारतीय इंटर कालेज नगला मंदौर के सामने सभा हुई, जिसमें भड़काऊ भाषण दिया गया। एकत्र भीड़ ने वाहनों को क्षतिग्रस्त कर शांति व्यवस्था भंग की और कानून का उल्लंघन किया था।
पूर्व सांसद रत्ना सिंह कोर्ट में हाजिर, वारंट निरस्त
मतदान में बाधा डालने और मारपीट सहित छह मुकदमों में पूर्व सांसद राजकुमारी रत्ना सिंह ने मंगलवार को स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए में उपस्थित होकर वारंट निरस्त किए जाने की अर्जी प्रस्तुत की।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने वारंट निरस्त कर व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा कर दिया। मुकदमों की सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर कोर्ट ने 18 जनवरी को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह गोपाल को सुनकर दिया है।
घटना 16 फरवरी 1998 की प्रतापगढ़ के बाधराय थाने की है। आरोप है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी रत्ना सिंह की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने मतदान पेटिका में पानी डाल दिया था, जिससे मतदान रोक दिया गया था। मतदान के दिन पांच मतदान स्थलों में इस तरह की घटना कारित कर मतदान रोका गया था।
पुलिस ने रत्ना सिंह के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 136 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एक अन्य मामला कुंडा थाने का है। जिसमें वादी मो. जाकिर को रत्ना के समर्थकों ने मारा पीटा था। कोर्ट ने सभी मुकदमों में रत्ना सिंह के खिलाफ जारी वारंट निरस्त कर दिया। सभी प्रकरण में अगली सुनवाई छह फरवरी 2019 को होगी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने वारंट निरस्त कर व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा कर दिया। मुकदमों की सुनवाई के दौरान उपस्थित न होने पर कोर्ट ने 18 जनवरी को उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया था। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता वीरेंद्र सिंह गोपाल को सुनकर दिया है।
घटना 16 फरवरी 1998 की प्रतापगढ़ के बाधराय थाने की है। आरोप है कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमारी रत्ना सिंह की मौजूदगी में उनके समर्थकों ने मतदान पेटिका में पानी डाल दिया था, जिससे मतदान रोक दिया गया था। मतदान के दिन पांच मतदान स्थलों में इस तरह की घटना कारित कर मतदान रोका गया था।
पुलिस ने रत्ना सिंह के खिलाफ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 136 के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एक अन्य मामला कुंडा थाने का है। जिसमें वादी मो. जाकिर को रत्ना के समर्थकों ने मारा पीटा था। कोर्ट ने सभी मुकदमों में रत्ना सिंह के खिलाफ जारी वारंट निरस्त कर दिया। सभी प्रकरण में अगली सुनवाई छह फरवरी 2019 को होगी।
पूर्व मंत्री पारस नाथ यादव की गिरफ्तारी वारंट
आचार संहिता उल्लंघन के मुकदमे में हाजिर न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने पूर्व मंत्री पारस नाथ यादव के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने जेष्ठ अभियोजन अधिकारी हरिओंकार सिंह, लाल चंदन और राधेकृष्ण मिश्रा को सुनकर दिया है।
घटना आठ अप्रैल 2009 की जौनपुर के लाइन बाजार थाने की है। आरोप है कि लोकसभा चुनाव 2009 में सपा प्रत्याशी पारसनाथ यादव अपने कजगांव स्थित कार्यालय जा रहे थे। पीछे-पीछे उनके समर्थक पचास बाइक में पार्टी के झंडे लगा नारे बाजी कर रहे थे। इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
विधायक बिजनौर के खिलाफ कुर्की वारंट
दुराचार के लंबित मुकदमे में उपस्थित न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने बिजनौर के विधायक मनोज पारस सहित चार लोगों के खिलाफ गैरजमानती और कुर्की वारंट जारी किया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता बीरेंद्र सिंह गोपाल को सुनकर दिया है। घटना आठ दिसंबर 2006 की बिजनौर के नगीना थाने की है।
आरोप है कि सरकारी राशन की दुकान का कोटा दिलाने के नाम पर पीड़िता के साथ दुराचार किया था। पीड़िता की अर्जी 156 (3) सीआरपीसी के तहत सीजेएम ने मनोज पारस, जयपाल, अस्सू और कुंवर सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। प्रकरण में स्थगन आदेश था जिसे हाईकोर्ट ने 30 मई 2018 को समाप्त कर दिया था। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मनोज पारस सहित सभी अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती और कुर्की की कार्रवाई किए जाने का आदेश दिया है।
घटना आठ अप्रैल 2009 की जौनपुर के लाइन बाजार थाने की है। आरोप है कि लोकसभा चुनाव 2009 में सपा प्रत्याशी पारसनाथ यादव अपने कजगांव स्थित कार्यालय जा रहे थे। पीछे-पीछे उनके समर्थक पचास बाइक में पार्टी के झंडे लगा नारे बाजी कर रहे थे। इसकी अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने आचार संहिता उल्लंघन की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।
विधायक बिजनौर के खिलाफ कुर्की वारंट
दुराचार के लंबित मुकदमे में उपस्थित न होने पर स्पेशल कोर्ट एमपी-एमएलए ने बिजनौर के विधायक मनोज पारस सहित चार लोगों के खिलाफ गैरजमानती और कुर्की वारंट जारी किया है। यह आदेश स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी ने एडीजीसी राजेश गुप्ता और विशेष अधिवक्ता बीरेंद्र सिंह गोपाल को सुनकर दिया है। घटना आठ दिसंबर 2006 की बिजनौर के नगीना थाने की है।
आरोप है कि सरकारी राशन की दुकान का कोटा दिलाने के नाम पर पीड़िता के साथ दुराचार किया था। पीड़िता की अर्जी 156 (3) सीआरपीसी के तहत सीजेएम ने मनोज पारस, जयपाल, अस्सू और कुंवर सैनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया था। प्रकरण में स्थगन आदेश था जिसे हाईकोर्ट ने 30 मई 2018 को समाप्त कर दिया था। कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए मनोज पारस सहित सभी अभियुक्तों के खिलाफ गैर जमानती और कुर्की की कार्रवाई किए जाने का आदेश दिया है।