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सपा विधायक नाहिद की गिरफ्तारी पर रोक से इंकार
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SP MLA Nahid
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हाईकोर्ट ने निचली अदालत में सरेंडर करने तक गिरफ्तारी पर रोक लगाई
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शामली के कैराना विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक नाहिद हसन की गिरफ्तारी पर रोक और प्राथमिकी रद्द की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने विधायक से कहा है कि वह अधीनस्थ न्यायालय में सरेंडर कर जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत करें। विधायक जबतक सरेंडर नहीं करते हैं तबतक उनको गिरफ्तार नहीं करने के लिए कहा है।
नाहिद हसन की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई की। अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची पर लगे आरोप गंभीर हैं। विधायक और उनके परिजन सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाकर जमीन कब्जा करने, पैसा हड़प करने जैसे गंभीर आरोपों में मोहम्मद अजीज ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। 17 जनवरी 2018 को दर्ज प्राथमिकी में विधायक ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया। अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने कोर्ट को बताया कि याची के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा के तहत 82 का आदेश निचली अदालत ने जारी कर दिया है तथा इनकी अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र 24 सितंबर को निचली अदालत ने खारिज कर दिया है। याची के विरुद्ध प्रथम दृष्टया केस बनता है। याची के अधिवक्ता का तर्क था कि उसे राजनीतिक विद्वेष के तहत फंसाया जा रहा है। वह दो बार से विधायक चुने गए हैं। उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शामली के कैराना विधानसभा क्षेत्र के सपा विधायक नाहिद हसन की गिरफ्तारी पर रोक और प्राथमिकी रद्द की मांग खारिज कर दी है। कोर्ट ने विधायक से कहा है कि वह अधीनस्थ न्यायालय में सरेंडर कर जमानत हेतु आवेदन प्रस्तुत करें। विधायक जबतक सरेंडर नहीं करते हैं तबतक उनको गिरफ्तार नहीं करने के लिए कहा है।
नाहिद हसन की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ ने सुनवाई की। अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि याची पर लगे आरोप गंभीर हैं। विधायक और उनके परिजन सहित कुल 13 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी कागजात बनाकर जमीन कब्जा करने, पैसा हड़प करने जैसे गंभीर आरोपों में मोहम्मद अजीज ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। 17 जनवरी 2018 को दर्ज प्राथमिकी में विधायक ने कोर्ट में सरेंडर नहीं किया। अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने कोर्ट को बताया कि याची के विरुद्ध दंड प्रक्रिया संहिता की धारा के तहत 82 का आदेश निचली अदालत ने जारी कर दिया है तथा इनकी अग्रिम जमानत का प्रार्थना पत्र 24 सितंबर को निचली अदालत ने खारिज कर दिया है। याची के विरुद्ध प्रथम दृष्टया केस बनता है। याची के अधिवक्ता का तर्क था कि उसे राजनीतिक विद्वेष के तहत फंसाया जा रहा है। वह दो बार से विधायक चुने गए हैं। उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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