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सपा के पास अपना जातिगत वोट भी नहीं बचा- शहनवाज
Sat, 03 Jul 2021 01:17 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 03 Jul 2021 01:17 AM IST
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prayagraj news : प्रतापपुर में लोगों की समस्या सुनने पहुंचे कांग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के चेयरमैन।
- फोटो : prayagraj
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सपा के पास अब अपना जातिगत वोट भी नहीं बचा है। जहां भी सपा मुस्लिम प्रत्याशी उतार रही है, अखिलेश यादव के सजातीय वोटर भाजपा को वोट कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मुस्लिमों के बीस फीसदी वोटों पर अखिलेश यादव की पांच फीसदी वाली आबादी राज कर रही थी। लेकिन, अब मुसलमान जागरूक हो रहा है और कांग्रेस के साथ आ रहा है।
यह बातें अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शहनवाज आलम ने कहीं। वह प्रतापपुर विधानसभा के उतराव गांव में उलेमाओं के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे। चुनावी समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में सिफ़ॱर उन्हीं सीटों पर जीते जहां मुसलमान मतदाता ज्यादा थे। जबकि, बदायूं, कन्नौज, फिरोजाबाद, जैसे सजातीय बहुमत वाली सीटों पर भी अखिलेश यादव के परिवार के ही लोग चुनाव हार गए। इससे यह साबित होता है कि सपा से उसका जातिगत वोटर भी बीजेपी में चुका है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि प्रतापपुर विधानसभा में समाजवादी हों या बसपाई हमेशा कांग्रेस द्वारा ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित एवं अन्य पिछड़ों की तिकड़ी के द्वारा चुनावी बिसात में मात खाते रहे हैं। बाबरी मस्जिद घटना के बाद पूर्व मंत्री श्याम सूरत उपाध्याय को विधानसभा भेज कर देश को यह संदेश दिया था कि आज भी प्रतापपुर विधानसभा के अल्पसंख्यक कांग्रेस में विश्वास करते हैं और करते रहेंगे। इस दौरान गंगापार अल्पसंख्यक कमर रिजवी, नदीम अहमद, मौलाना उमर फारूक, मौलाना अजहर नजम कुरेशी, मोहम्मद अच्छे, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद हारुन, मोहम्मद दिलशाद, नजमुल मलिक, शहाबुद्दीन, पप्पू मिस्त्री आदि मौजूद रहे।
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यह बातें अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शहनवाज आलम ने कहीं। वह प्रतापपुर विधानसभा के उतराव गांव में उलेमाओं के साथ हुई बैठक में बोल रहे थे। चुनावी समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्याशी लोकसभा चुनाव में सिफ़ॱर उन्हीं सीटों पर जीते जहां मुसलमान मतदाता ज्यादा थे। जबकि, बदायूं, कन्नौज, फिरोजाबाद, जैसे सजातीय बहुमत वाली सीटों पर भी अखिलेश यादव के परिवार के ही लोग चुनाव हार गए। इससे यह साबित होता है कि सपा से उसका जातिगत वोटर भी बीजेपी में चुका है।
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उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष संजय तिवारी ने कहा कि प्रतापपुर विधानसभा में समाजवादी हों या बसपाई हमेशा कांग्रेस द्वारा ब्राह्मण, मुस्लिम, दलित एवं अन्य पिछड़ों की तिकड़ी के द्वारा चुनावी बिसात में मात खाते रहे हैं। बाबरी मस्जिद घटना के बाद पूर्व मंत्री श्याम सूरत उपाध्याय को विधानसभा भेज कर देश को यह संदेश दिया था कि आज भी प्रतापपुर विधानसभा के अल्पसंख्यक कांग्रेस में विश्वास करते हैं और करते रहेंगे। इस दौरान गंगापार अल्पसंख्यक कमर रिजवी, नदीम अहमद, मौलाना उमर फारूक, मौलाना अजहर नजम कुरेशी, मोहम्मद अच्छे, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद हारुन, मोहम्मद दिलशाद, नजमुल मलिक, शहाबुद्दीन, पप्पू मिस्त्री आदि मौजूद रहे।
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