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सपा को बड़ी चुनौती दे गए मोदी
विजय सक्सेना
Updated Wed, 15 Jun 2016 02:56 AM IST
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वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रदेश की समाजवादी पार्टी को बड़ी चुनौती दे गए। रैली के जरिए मोदी ने प्रदेश में भाई-भतीजावाद की राजनीति, भ्रष्टाचार, दंगों और कानून व्यवस्था को लेकर अखिलेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। मोदी ने इन गंभीर मुद्दों पर प्रदेश सरकार को इस कदर घेरा कि अब आगे पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को इसका जवाब देना मुश्किल होगा। मोदी के कटाक्ष के बाद यह भी तय है कि अब कटघरे में खड़ी दिख रही सपा पटलवार के लिए रणनीति तैयार करेगी। वैसे भ्रष्टाचार और दंगों का मुद्दा छोड़ भी दिया जाए तो सपा को भाई-भतीजावाद के मुद्दे पर सफाई देना मुश्किल होगा।
परेड मैदान की रैली में भारी जनसमूह के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह प्रदेश की सपा सरकार की बखिया उधेड़ी, वह अब पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मोदी ने पार्टी में भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया। सपा पर ऐसे आरोप हमेशा से लगते रहे हैं। अकेले इस परिवार में 35 से अधिक लोग सांसद, विधायक समेत विभिन्न राजनीति पदों पर हैं। अपने परिवार को राजनीति में आगे बढ़ाने में कोई कसर न छोड़ने वाले सपा मुखिया मुलायम और मुख्यमंत्री अखिलेश को प्रधानमंत्री मोदी का हमला विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका दे सकता है।
भ्रष्टाचार, दंगा, कानून व्यवस्था, पार्टी नेताओं पर जमीन हथियाने जैसे मोदी के गंभीर आरोप भी मुलायम और अखिलेश के लिए आगामी चुनाव में गले की हड्डी बन सकते हैं। वैसे आमतौर पर मोदी की रैलियों में सपा पर शब्दों का हमला होने के बाद बड़े नेता मोदी के खिलाफ जमकर बयानबाजी करते हैं लेकिन परेड मैदान में सोमवार को मोदी तकरीबन 55 मिनट गरजे और भाषण में सबसे ज्यादा हमला प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर ही किया लेकिन इस बार सपा नेताओं ने मोदी, अमित शाह के खिलाफ खास बयानबाजी नहीं की। ऐसे में तय है कि सपा जल्द रणनीति तैयार कर मोदी, अमित शाह समेत पार्टी के अन्य नेताओं पर हमलावर होगी क्योंकि प्रधानमंत्री समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मुलायम और अखिलेश को मतदाताओं के सामने खुद को साबित करना होगा।
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परेड मैदान की रैली में भारी जनसमूह के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने जिस तरह प्रदेश की सपा सरकार की बखिया उधेड़ी, वह अब पार्टी मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। मोदी ने पार्टी में भाई-भतीजावाद का आरोप लगाया। सपा पर ऐसे आरोप हमेशा से लगते रहे हैं। अकेले इस परिवार में 35 से अधिक लोग सांसद, विधायक समेत विभिन्न राजनीति पदों पर हैं। अपने परिवार को राजनीति में आगे बढ़ाने में कोई कसर न छोड़ने वाले सपा मुखिया मुलायम और मुख्यमंत्री अखिलेश को प्रधानमंत्री मोदी का हमला विधानसभा चुनाव में बड़ा झटका दे सकता है।
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भ्रष्टाचार, दंगा, कानून व्यवस्था, पार्टी नेताओं पर जमीन हथियाने जैसे मोदी के गंभीर आरोप भी मुलायम और अखिलेश के लिए आगामी चुनाव में गले की हड्डी बन सकते हैं। वैसे आमतौर पर मोदी की रैलियों में सपा पर शब्दों का हमला होने के बाद बड़े नेता मोदी के खिलाफ जमकर बयानबाजी करते हैं लेकिन परेड मैदान में सोमवार को मोदी तकरीबन 55 मिनट गरजे और भाषण में सबसे ज्यादा हमला प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर ही किया लेकिन इस बार सपा नेताओं ने मोदी, अमित शाह के खिलाफ खास बयानबाजी नहीं की। ऐसे में तय है कि सपा जल्द रणनीति तैयार कर मोदी, अमित शाह समेत पार्टी के अन्य नेताओं पर हमलावर होगी क्योंकि प्रधानमंत्री समेत भाजपा के शीर्ष नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए मुलायम और अखिलेश को मतदाताओं के सामने खुद को साबित करना होगा।
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