प्रयागराज : बहन से बात करता था दरोगा का पुत्र, मना करने पर न मानने पर मार दी गोली
पलानीपुर के रहने वाले दरोगा बाबूचंद्र यादव के बेटे आशीष यादव की चार अप्रैल को गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घर वालों ने प्रधानी के चुनाव की रंजिश का मामला बताते हुए संतोष यादव, पवन कुमार, मिथिलेश यादव, तारावती, शुभम, नन्हें तिवारी उर्फ राजगुरु तिवारी, आजाद तिवारी, राजेश तिवारी और राजा बाबू तिवारी को नामजद कराया था।
विस्तार
सराय इनायत थाना क्षेत्र के पालीकरनपुर गांव में दरोगा बाबूचंद्र यादव के बेटे आशीष की हत्या प्रेम प्रसंग में हुई थी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। उसने गुनाह कुबूल करते हुए बताया कि परिवार की एक लड़की से आशीष बात करता था। उसे बहुत समझाया, घर में शिकायत भी की लेकिन वह नहीं माना। इसी कारण उसे गोली मार दी।
पलानीपुर के रहने वाले दरोगा बाबूचंद्र यादव के बेटे आशीष यादव की चार अप्रैल को गांव में ही गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घर वालों ने प्रधानी के चुनाव की रंजिश का मामला बताते हुए संतोष यादव, पवन कुमार, मिथिलेश यादव, तारावती, शुभम, नन्हें तिवारी उर्फ राजगुरु तिवारी, आजाद तिवारी, राजेश तिवारी और राजा बाबू तिवारी को नामजद कराया था।
अन्य आरोपियों को नहीं दी गई है क्लीन चिट
पुलिस ने जब जांच शुरू की तो मामला कुछ और ही सामने आया। गांव वालों ने भी दबी जुबान में पुलिस को कुछ जानकारी दी तो राजगुरु तिवारी उर्फ नन्हें को तेंदुई चैनपुर मार्ग से गिरफ्तार कर लिया गया। नन्हें तिवारी ने जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि आशीष उसके परिवार की एक लड़की से बात करता था। जब चारों ओर इस बारे में बात होने लगी उसने आशीष को समझाया लेकिन वह नहीं माना।
उसके घर में भी शिकायत की लेकिन वह किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं था। परिवार की बदनामी के कारण उसने गोली मार दी। नन्हें तिवारी को आज ही जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक अन्य आरोपियों को फिलहाल क्लीन चिट नहीं दी गई है। साक्ष्यों को इकट्ठा किया जा रहा है। साक्ष्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।