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सीटीईटी में सॉल्वर गिरोह का एसटीएफ ने किया भंडाफोड़, आधार-एडमिट कार्ड की फोटो से करता था खेल, सात गिरफ्तार
Sun, 31 Jan 2021 08:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 31 Jan 2021 08:37 PM IST
सार
यह हुए गिरफ्तार
- प्रशांत सिंह निवासी चिरैयाकोट जनपद मऊ, वर्तमान पता- जनहित कुंज अपार्टमेंट दरभंगा कॉलोनी जार्जटाउन (सरगना)
- धर्मेेंद्र सिंह निवासी कुसुवा मनौरी पूरामुफ्ती कौशांबी, वर्तमान पता- कैलाश अपार्टमेंट जार्जटाउन (सरगना का सहयोगी)
- शिवपूजन पटेल निवासी सुरुवा मिश्रपुर सुवंसा, फतनपुर प्रतापगढ़, वर्तमान पता- हरिद्वार ग्रींस अपार्टमेंट, हरिद्वार (सॉल्वर)
- मुनेश कुमार चौहान निवासी जबदा अमरोहा
- आदित्य शाही निवासी खामपार जनपद देवरिया(अभ्यर्थी)
- पूजा देवी निवासी सलेमपुर कनेरा चांदपुर फतेहपुर(सॉल्वर)
- यतेेंद्र कुमार सिंह निवासी भुजौली कला विजयीपुर, गोपालगंज बिहार, वर्तमान पता- आवास विकास कॉलोनी झारखंडी कैंट, जनपद गोरखपुर (सॉल्वर) गोरखपुर में गिरफ्तार
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arrested
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटीईटी) में सेंधमारी करने वाले सॉल्वर गिरोह का एसटीएफ ने भंडाफोड़ किया। प्रयागराज व गोरखपुर में छापेमारी करते हुए कुल सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इनमें से छह प्रयागराज में पकड़े गए, जिनमें तीन सॉल्वर व एक अभ्यर्थी शामिल हैं। इनके कब्जे से एडमिट कार्ड, जाली आधार-पैन कार्ड के अलावा नगद व चार लाख के एडवांस चेक बरामद हुए हैं।
सीटीईटी 20 का आयोजन रविवार को दो पालियों में किया गया था। एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, इसी दौरान सूचना मिली कि केपी उच्च शिक्षा संस्थान झलवा व गोरखपुर में इंदिरा गांधी गर्ल्स डिग्री कॉलेज रामपुर, तारामंडल में मूल अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठे हैं। इस पर गोरखपुर एसटीएफ को सूचना देते हुए स्थानीय इकाई झलवा स्थित केंद्र में पहुंची तो वहां दो सॉल्वर परीक्षा देते मिले। इनमें से एक महिला है। दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एसटीएफ ने इविवि साइंस फैकल्टी फुटबाल ग्राउंड के पास दबिश देकर सरगना समेत चार अन्य को गिरफ्तार किया।
उधर, गोरखपुर में भी बताए गए केंद्र से एक सॉल्वर गिरफ्तार किया गया। सरगना जीआईसी में लेक्चरर, तीन अन्य भी अध्यापक एसटीएफ ने जिन सात लोगों को सीटीईटी में धांधली के आरोप में पकड़ा है, उनमें से चार अध्यापक हैं। गिरोह का सरगना प्रशांत सिंह जीआईसी अमरोहा में लेक्चरर है। इसी तरह धमेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय उसरी रायबरेली, पूजा देवी प्राथमिक विद्यालय बिंदकी फतेहपुर व मुनेश कुमार चौहान निजी स्कूल में अध्यापक है।
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पूछताछ में बताया कि सीटीईटी के अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेता था। बदले में वह डेढ़ से दो लाख रुपये देता था। अभ्यर्थी और सॉल्वर की फोटो मिक्स कराई जाती थी। एक विशेष साफ्टवेयर की मदद से दोनों फोटो को मिक्स कर एक फोटो बनती है। उसी मिक्स फोटो को अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र और अन्य आईडी में इस्तेमाल किया जाता था। इससे उनकी पहचान करना आसान हो जाता है।
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सीटीईटी 20 का आयोजन रविवार को दो पालियों में किया गया था। एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, इसी दौरान सूचना मिली कि केपी उच्च शिक्षा संस्थान झलवा व गोरखपुर में इंदिरा गांधी गर्ल्स डिग्री कॉलेज रामपुर, तारामंडल में मूल अभ्यर्थियों की जगह सॉल्वर बैठे हैं। इस पर गोरखपुर एसटीएफ को सूचना देते हुए स्थानीय इकाई झलवा स्थित केंद्र में पहुंची तो वहां दो सॉल्वर परीक्षा देते मिले। इनमें से एक महिला है। दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एसटीएफ ने इविवि साइंस फैकल्टी फुटबाल ग्राउंड के पास दबिश देकर सरगना समेत चार अन्य को गिरफ्तार किया।
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उधर, गोरखपुर में भी बताए गए केंद्र से एक सॉल्वर गिरफ्तार किया गया। सरगना जीआईसी में लेक्चरर, तीन अन्य भी अध्यापक एसटीएफ ने जिन सात लोगों को सीटीईटी में धांधली के आरोप में पकड़ा है, उनमें से चार अध्यापक हैं। गिरोह का सरगना प्रशांत सिंह जीआईसी अमरोहा में लेक्चरर है। इसी तरह धमेंद्र सिंह प्राथमिक विद्यालय उसरी रायबरेली, पूजा देवी प्राथमिक विद्यालय बिंदकी फतेहपुर व मुनेश कुमार चौहान निजी स्कूल में अध्यापक है।
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पूछताछ में बताया कि सीटीईटी के अभ्यर्थियों को पास कराने का ठेका लेता था। बदले में वह डेढ़ से दो लाख रुपये देता था। अभ्यर्थी और सॉल्वर की फोटो मिक्स कराई जाती थी। एक विशेष साफ्टवेयर की मदद से दोनों फोटो को मिक्स कर एक फोटो बनती है। उसी मिक्स फोटो को अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र और अन्य आईडी में इस्तेमाल किया जाता था। इससे उनकी पहचान करना आसान हो जाता है।