{"_id":"5a47f3ea4f1c1b8e698c4a15","slug":"smog-chill-increased-by-cold-wave","type":"story","status":"publish","title_hn":"छाई रही धुंध, शीतलहरी से ठिठुरन बढ़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छाई रही धुंध, शीतलहरी से ठिठुरन बढ़ी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 31 Dec 2017 01:54 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पछुआ हवाओं की तेजी और धुंध में छिपे सूरज की नरमी से शनिवार को वातावरण में 100 फीसदी नमी रही। कोहरे के कहर और शीतलहरी के गठजोड़ से ठिठुरन भी बढ़ी है। दिन और रात के तापमान में सिर्फ 5 डिग्री का अंतर रह गया है। कोहरा छाया रहा इसलिए दृश्यता भी कम रही। गंगा के मैदानी इलाकों में धुंध का कब्जा रहा। अलाव ही लोगों को राहत दे पा रहे हैं, लेकिन ठंड से लोगों के कान लाल हो रहे हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक पांच से सात दिन मौसम ऐसा बना रहा सकता है।
पछुआ विक्षोभ का दूसरा चरण हिमालय और हिमाचल से बर्फीली हवाएं लेकर आया। ये बर्फीली हवाएं शीतलहरी लेकर आईं। रात का तापमान तो लुढ़का ही दिन का पारा भी धड़ाम हो गया। सुबह देर तक कोहरा और दिन भर धुंध छाई रही। अधिकतम तापमान 16.8 और न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 फीसदी रही। उत्तरायण हुए सूरज के ताप विहीन होने से वातावरण में घुली नमी गलन बढ़ाने का कारण बनी। दिन में करीब दो बजे हल्की धूप ज्यादा देर धुंध से नहीं बच सकी। जिन दो पहिया वाहन चालकों ने टोपी नहीं उनके कान का खुला हिस्सा लाल हो गया। दस्ताना न पहनने वालों के हाथ के पंजे ठंड से अकड़ गए।
कोहरा घना होने और दिन भर धुंध के कारण दृश्यता भी कम हुई। हाईवे पर चलने वालों ने वाहनों की हेडलाइट जलाई। सड़कों पर निकले लोग दिन में भी स्वेटर, जैकेट पहनकर मफलर या टोपी लगाए रहे। बच्चों को विशेष एहतियात से रखा गया। स्कूलों में छुट्टी के कारण आजाद और हाथी पार्क में भीड़ रही। बच्चों ने झूले झूले तो बड़ों ने पिकनिक मनाई। पेड़-पौधों में जमी ओस की बूंदें टपकती रहीं। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर साफ असर है। दक्षिणी गोलार्ध के आसपास सूरज 43 डिग्री का कोण बना रहा है। ऐसी स्थिति में सूरज का ताप बेअसर हो जाता है। यही कारण है कि बर्फीली हवाएं हर दिन पारा लुढ़का रही हैं। उन्होंने संभावना जताई है कि ठंड अभी सताएगी और मौसम सप्ताह भर इसी तरह का रह सकता है।
विज्ञापन
जैकेट, स्वेटर, टोपी,मफलर आदि जाड़े से बचाव वाली वस्तुएं खरीदने वालों की होड़ मची है। टोपी-मफलर की बिक्री तेज हो गई है। चौक बाजार के टंडन भइया ऊन वाले के मालिक मोहन जी टंडन के मुताबिक स्वेटर, जैकेट की अपेक्षा टोपी-मफलर की बिक्री बढ़ी है। बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की टोपियों की खास मांग है। बाजार में आने वाले जाड़े से बचाव के लिए इनर और लोवर खरीद रहे हैं। दुपट्टा नगर के विजय अरोरा के मुताबिक महिलाओं और युवतियों का स्टोल खरीदने पर जोर है। स्टोल जाड़े से बचाव के साथ दुपट्टे का भी काम करते हैं।
जाड़े का मौसम हो और मूंगफली न खाएं,ऐसा हो नहीं सकता। ताजी भुनी मूंगफली हर मोहल्ले की सड़क, चौराहा और गलियों में बिक रही है। ताजी भुनी मूंगफली 30 रुपये पाव यानि 250 ग्राम, साथ में मसाले वाला नमक और स्पेशल चटनी भी मिलेगी। लोकनाथ और चौराहों पर लगे ठेलों पर दलपच्ची, रामदाना, गजक की किस्में लोगों की मनपसंद बनी हैं। गुड़-मूंगफली की पट्टी और तिल का गुड़ वाला लड्डू की खास मांग है।
शीतलहरी के दौर मेेेें ऊनी कपड़ों की खरीदारी करने लोग निकल रहे हैं। चौक, कटरा, कोठापार्चा आदि बाजारों में गरम कपड़ों की सुस्त बिक्री ने तेजी पकड़ ली है। सिविल लाइंस में तिब्बती बाजार में दो दिन से खासी भीड़ उमड़ रही है। फायर बिग्रेड चौराहे पर ‘रस्ते का माल, सस्ते में’, ‘सौ में दो ले जाओ’ आदि बोलने वालों की भरमार है। इस चौराहे पर मनपसंद के ऊनी कपड़े खरीदने वाले सुबह से शाम भीड़ जुटी रहती है।
इलेक्ट्रानिक्स और बिजली के उपकरण बेचने वाले फिलहाल हीटर, ब्लोवर की बिक्री में मगन हैं। 50 से 600 तक के हीटर और 600 से 3000 रुपये तक के ब्लोवर बाजार में उपलब्ध हैं। लोकल और ब्रांडेड ब्लोवर की कीमत में दो से तीन गुना अंतर है। फिलहाल सस्ते हीटर तो हर जगह मिल जाएंगे लेकिन ब्लोवर की खपत बढ़ी है। कहीं कहीं हीटर -ब्लोवर के भाव 100 से 200 रुपये अधिक बोले जा रहे हैं।
विज्ञापन
पछुआ विक्षोभ का दूसरा चरण हिमालय और हिमाचल से बर्फीली हवाएं लेकर आया। ये बर्फीली हवाएं शीतलहरी लेकर आईं। रात का तापमान तो लुढ़का ही दिन का पारा भी धड़ाम हो गया। सुबह देर तक कोहरा और दिन भर धुंध छाई रही। अधिकतम तापमान 16.8 और न्यूनतम तापमान 11.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 100 फीसदी रही। उत्तरायण हुए सूरज के ताप विहीन होने से वातावरण में घुली नमी गलन बढ़ाने का कारण बनी। दिन में करीब दो बजे हल्की धूप ज्यादा देर धुंध से नहीं बच सकी। जिन दो पहिया वाहन चालकों ने टोपी नहीं उनके कान का खुला हिस्सा लाल हो गया। दस्ताना न पहनने वालों के हाथ के पंजे ठंड से अकड़ गए।
विज्ञापन
कोहरा घना होने और दिन भर धुंध के कारण दृश्यता भी कम हुई। हाईवे पर चलने वालों ने वाहनों की हेडलाइट जलाई। सड़कों पर निकले लोग दिन में भी स्वेटर, जैकेट पहनकर मफलर या टोपी लगाए रहे। बच्चों को विशेष एहतियात से रखा गया। स्कूलों में छुट्टी के कारण आजाद और हाथी पार्क में भीड़ रही। बच्चों ने झूले झूले तो बड़ों ने पिकनिक मनाई। पेड़-पौधों में जमी ओस की बूंदें टपकती रहीं। मौसम विज्ञानी प्रोफेसर एसएस ओझा के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ का मौसम पर साफ असर है। दक्षिणी गोलार्ध के आसपास सूरज 43 डिग्री का कोण बना रहा है। ऐसी स्थिति में सूरज का ताप बेअसर हो जाता है। यही कारण है कि बर्फीली हवाएं हर दिन पारा लुढ़का रही हैं। उन्होंने संभावना जताई है कि ठंड अभी सताएगी और मौसम सप्ताह भर इसी तरह का रह सकता है।
विज्ञापन
जैकेट, स्वेटर, टोपी,मफलर आदि जाड़े से बचाव वाली वस्तुएं खरीदने वालों की होड़ मची है। टोपी-मफलर की बिक्री तेज हो गई है। चौक बाजार के टंडन भइया ऊन वाले के मालिक मोहन जी टंडन के मुताबिक स्वेटर, जैकेट की अपेक्षा टोपी-मफलर की बिक्री बढ़ी है। बच्चों के लिए विभिन्न प्रकार की टोपियों की खास मांग है। बाजार में आने वाले जाड़े से बचाव के लिए इनर और लोवर खरीद रहे हैं। दुपट्टा नगर के विजय अरोरा के मुताबिक महिलाओं और युवतियों का स्टोल खरीदने पर जोर है। स्टोल जाड़े से बचाव के साथ दुपट्टे का भी काम करते हैं।
जाड़े का मौसम हो और मूंगफली न खाएं,ऐसा हो नहीं सकता। ताजी भुनी मूंगफली हर मोहल्ले की सड़क, चौराहा और गलियों में बिक रही है। ताजी भुनी मूंगफली 30 रुपये पाव यानि 250 ग्राम, साथ में मसाले वाला नमक और स्पेशल चटनी भी मिलेगी। लोकनाथ और चौराहों पर लगे ठेलों पर दलपच्ची, रामदाना, गजक की किस्में लोगों की मनपसंद बनी हैं। गुड़-मूंगफली की पट्टी और तिल का गुड़ वाला लड्डू की खास मांग है।
शीतलहरी के दौर मेेेें ऊनी कपड़ों की खरीदारी करने लोग निकल रहे हैं। चौक, कटरा, कोठापार्चा आदि बाजारों में गरम कपड़ों की सुस्त बिक्री ने तेजी पकड़ ली है। सिविल लाइंस में तिब्बती बाजार में दो दिन से खासी भीड़ उमड़ रही है। फायर बिग्रेड चौराहे पर ‘रस्ते का माल, सस्ते में’, ‘सौ में दो ले जाओ’ आदि बोलने वालों की भरमार है। इस चौराहे पर मनपसंद के ऊनी कपड़े खरीदने वाले सुबह से शाम भीड़ जुटी रहती है।
इलेक्ट्रानिक्स और बिजली के उपकरण बेचने वाले फिलहाल हीटर, ब्लोवर की बिक्री में मगन हैं। 50 से 600 तक के हीटर और 600 से 3000 रुपये तक के ब्लोवर बाजार में उपलब्ध हैं। लोकल और ब्रांडेड ब्लोवर की कीमत में दो से तीन गुना अंतर है। फिलहाल सस्ते हीटर तो हर जगह मिल जाएंगे लेकिन ब्लोवर की खपत बढ़ी है। कहीं कहीं हीटर -ब्लोवर के भाव 100 से 200 रुपये अधिक बोले जा रहे हैं।