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हजारों चेहरों पर रातों रात बिखेरी मुस्कान, लॉकडाउन में फंसे सैकड़ों मजदूरों का बसें बनीं सहारा
Mon, 04 May 2020 12:45 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 04 May 2020 12:45 AM IST
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- फोटो : prayagraj
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बीते एक सप्ताह के दौरान रोडवेज के कर्मचारियों ने कोरोना योद्धा की तरह काम किया। चाहे प्रदेश के विभिन्न जिलों में 15 हजार छात्र-छात्राओं को पहुंचाने का मामला हो या फिर अब बीते तीन दिन से यहां रह रहे सैकड़ों मजदूरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने का। कोरोना संक्रमण के डर के बीच रोडवेज के ड्राइवरों एवं परिचालकों ने दिन रात ड्यूटी कर हजारों चेहरों पर बीते एक सप्ताह के दौरान मुस्कान बिखेरने का काम किया।
सूबे की योगी सरकार के निर्देश पर यूपी रोडवेज द्वारा पहले प्रयागराज में फंसे 15 हजार छात्र-छात्राओं को उनके गंतव्य तक भेजा गया तो अब पिछले तीन दिनों से मध्य प्रदेश से आए मजदूरों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बसों से भेजा गया। प्रयागराज में बीते तीन दिन के दौरान मध्य प्रदेश से कुल 52 बसों से 1700 मजदूर आए। इन मजदूरों को उतारने के बाद उन्हीं बसों से 750 श्रमिकों को यहां से मध्य प्रदेश भेजा गया। वहीं जो मजदूर मध्य प्रदेश से आए उन्हें रोडवेज की प्रयागराज परिक्षेत्र की 62 बसों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा गया।
इस दौरान इन बसों से कुल 1770 श्रमिक भेजे गए। कुछ श्रमिक इसमें प्रयागराज के भी रहे जो प्रदेश के विभिन्न जिलों से आकर यहां मजदूरी कर रहे थे। हालांकि रोडवेज की जिम्मेदारी अभी भी खत्म नहीं हुई है। क्योंकि ट्रेनों के माध्यम से प्रयागराज एवं उसके आसपास के जिलों के सैकड़ों मजदूर यहां आने रहे गए हैं। एक दो दिन में ही विभिन्न प्रांतों से आने वाले यह मजदूर ट्रेनों के माध्यम से यहां आने शुरू हो जाएंगे। इन मजदूरों को भी उनके गंतव्य तक पहुंचाने के रोडवेज ने कमर कस ली है। जो बसें छात्र-छात्राओं को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गई थी उसमें से अधिकांश वापस आ गई है। इन बसों को रोडवेज ने सैनिटाइज करवाना शुरू कर दिया है। चर्चा है कि यहां हर एक ट्रेन के आने के दौरान कम से कम 50 बसें रोडवेज को हर हाल में जिला प्रशासन को उपलब्ध करवानी होगी।
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मुश्किल समय में ही व्यक्ति की परीक्षा होती है। सीएम के जनहित में लिए गए फैसले का पालन प्रयागराज परिक्षेत्र की पूरी टीम ने किया। आगे भी जिम्मेदारी बड़ी है। परिवहन विभाग की टीम उसमें भी खरा उतरेगी।
टीके एस बिसेन, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज परिक्षेत्र
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सूबे की योगी सरकार के निर्देश पर यूपी रोडवेज द्वारा पहले प्रयागराज में फंसे 15 हजार छात्र-छात्राओं को उनके गंतव्य तक भेजा गया तो अब पिछले तीन दिनों से मध्य प्रदेश से आए मजदूरों को प्रदेश के विभिन्न जिलों में बसों से भेजा गया। प्रयागराज में बीते तीन दिन के दौरान मध्य प्रदेश से कुल 52 बसों से 1700 मजदूर आए। इन मजदूरों को उतारने के बाद उन्हीं बसों से 750 श्रमिकों को यहां से मध्य प्रदेश भेजा गया। वहीं जो मजदूर मध्य प्रदेश से आए उन्हें रोडवेज की प्रयागराज परिक्षेत्र की 62 बसों से प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा गया।
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इस दौरान इन बसों से कुल 1770 श्रमिक भेजे गए। कुछ श्रमिक इसमें प्रयागराज के भी रहे जो प्रदेश के विभिन्न जिलों से आकर यहां मजदूरी कर रहे थे। हालांकि रोडवेज की जिम्मेदारी अभी भी खत्म नहीं हुई है। क्योंकि ट्रेनों के माध्यम से प्रयागराज एवं उसके आसपास के जिलों के सैकड़ों मजदूर यहां आने रहे गए हैं। एक दो दिन में ही विभिन्न प्रांतों से आने वाले यह मजदूर ट्रेनों के माध्यम से यहां आने शुरू हो जाएंगे। इन मजदूरों को भी उनके गंतव्य तक पहुंचाने के रोडवेज ने कमर कस ली है। जो बसें छात्र-छात्राओं को लेकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गई थी उसमें से अधिकांश वापस आ गई है। इन बसों को रोडवेज ने सैनिटाइज करवाना शुरू कर दिया है। चर्चा है कि यहां हर एक ट्रेन के आने के दौरान कम से कम 50 बसें रोडवेज को हर हाल में जिला प्रशासन को उपलब्ध करवानी होगी।
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मुश्किल समय में ही व्यक्ति की परीक्षा होती है। सीएम के जनहित में लिए गए फैसले का पालन प्रयागराज परिक्षेत्र की पूरी टीम ने किया। आगे भी जिम्मेदारी बड़ी है। परिवहन विभाग की टीम उसमें भी खरा उतरेगी।
टीके एस बिसेन, क्षेत्रीय प्रबंधक प्रयागराज परिक्षेत्र