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एसएमसी की छात्राओं के स्कूटी चलाने पर प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 20 Aug 2015 01:56 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। सेंट मैरी कान्वेंट (एसएमसी) इंटर कॉलेज में ग्यारहवीं एवं बारहवीं में पढ़ाई करने वाली छात्राओं के स्कूटी चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रतिबंध प्रशासन, कोर्ट अथवा किसी फतवे के तहत नहीं वरन कालेज की प्रधानाचार्या की तरफ से लगाया है। बुधवार को स्कूल के बगल संचालित एडीए के स्टैंड पर खड़े छात्राओं के वाहन प्रिंसिपल ने जब्त करा लिए।
विद्यालय में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राएं रोज स्कूटी से आवागमन करती हैं। यह छात्राएं स्कूल में वाहन खड़ा करने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल के बगल सुमित्रानंदन पंत संस्थान के सामने एडीए की ओर से चलने वाले साइकिल-स्कूटर स्टैंड में अपने वाहन खड़ी करती हैं। बुधवार को इसी स्टैंड पर खड़े छात्राओं के वाहन को कालेज प्रशासन ने गैरकानूनी तरीके से उठवा कर कालेज परिसर में खड़ा कर दिया।
मनमाने तरीके से छात्राओं की स्कूटी जब्त किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपनी पीड़ा अमर उजाला से साझा की। इन अभिभावकों ने कहा कि बृहस्पतिवार को यदि स्कूल की प्रधानाचार्या ने उनकी बच्चियों की स्कूटी नहीं छोड़ी तो वह इस उत्पीड़न के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाने के साथ मंडलायुक्त राजन शुक्ला से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करवाएंगे।
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अभिभावकों ने बताया कि सेंट मैरी कान्वेंट (एसएमसी) इंटर कॉलेज में छात्राओं को स्कूल छूटने के बाद कोचिंग पढ़ने के लिए अलग-अलग जगह जाना होता है। साथ ही 18 वर्ष से अधिक उम्र की11 वीं एवं 12 वीं की छात्राओं को आरटीओ की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस भी जारी किया गया है। ऐसे में स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर मैरीयट मनमानी ने करके उनकी बच्चियों को अपने वाहन से स्कूल आने पर रोक लगाई है। ऐसे में छात्राओं के पास स्कूल के बाहर स्टैंड पर वाहन खड़ा करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। बुधवार को प्रधानाचार्या ने छात्राओं को धमकाकर उनके वाहन जबरन स्कूल के अंदर जब्त कर लिए।
इस संबंध में जब एसएमसी की प्रधानाचार्या सिस्टर मैरीयट से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल नहीं उठा। मोबाइल नहीं उठने पर अमर उजाला की ओर से उन्हें एसएमएस करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई परंतु इसके बाद भी कोई जवाब नहीं आया।
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विद्यालय में पढ़ने वाली सैकड़ों छात्राएं रोज स्कूटी से आवागमन करती हैं। यह छात्राएं स्कूल में वाहन खड़ा करने की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल के बगल सुमित्रानंदन पंत संस्थान के सामने एडीए की ओर से चलने वाले साइकिल-स्कूटर स्टैंड में अपने वाहन खड़ी करती हैं। बुधवार को इसी स्टैंड पर खड़े छात्राओं के वाहन को कालेज प्रशासन ने गैरकानूनी तरीके से उठवा कर कालेज परिसर में खड़ा कर दिया।
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मनमाने तरीके से छात्राओं की स्कूटी जब्त किए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपनी पीड़ा अमर उजाला से साझा की। इन अभिभावकों ने कहा कि बृहस्पतिवार को यदि स्कूल की प्रधानाचार्या ने उनकी बच्चियों की स्कूटी नहीं छोड़ी तो वह इस उत्पीड़न के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाने के साथ मंडलायुक्त राजन शुक्ला से मिलकर अपनी शिकायत दर्ज करवाएंगे।
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अभिभावकों ने बताया कि सेंट मैरी कान्वेंट (एसएमसी) इंटर कॉलेज में छात्राओं को स्कूल छूटने के बाद कोचिंग पढ़ने के लिए अलग-अलग जगह जाना होता है। साथ ही 18 वर्ष से अधिक उम्र की11 वीं एवं 12 वीं की छात्राओं को आरटीओ की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस भी जारी किया गया है। ऐसे में स्कूल की प्रधानाचार्या सिस्टर मैरीयट मनमानी ने करके उनकी बच्चियों को अपने वाहन से स्कूल आने पर रोक लगाई है। ऐसे में छात्राओं के पास स्कूल के बाहर स्टैंड पर वाहन खड़ा करने के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं है। बुधवार को प्रधानाचार्या ने छात्राओं को धमकाकर उनके वाहन जबरन स्कूल के अंदर जब्त कर लिए।
इस संबंध में जब एसएमसी की प्रधानाचार्या सिस्टर मैरीयट से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनका मोबाइल नहीं उठा। मोबाइल नहीं उठने पर अमर उजाला की ओर से उन्हें एसएमएस करके उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई परंतु इसके बाद भी कोई जवाब नहीं आया।