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एलएचबी रेक लगने के बाद स्लीपर यात्रियों की बदल जाएगी बर्थ
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प्रयागराज। इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस का एक रेक नौ दिसंबर से एलएचबी कोच से लैस हो जाएगा। एलएचबी रेक से लैस होने के बाद इसमें एक स्लीपर और एक जनरल श्रेणी का कोच कम हो जाएगा। ऐसे में जिन यात्रियों का रिजर्वेशन स्लीपर श्रेणी में नौ दिसंबर या उसके बाद की तिथियों में है उनकी पहले से बुक बर्थ बदल सकती है। खास तौर से स्लीपर के एस-9 कोच के यात्रियों की।
दरअसल उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने इलाहाबाद-जयपुर का एक रेक एलएचबी कोच से लैस करने का एलान किया है। यह व्यवस्था नौ दिसंबर से प्रभावी हो जाएगी। इस दौरान ट्रेन में एक-एक दिन के अंतराल पर एलएचबी और पुराने सीबीसी (नीले कोच) के कोच लगेंगे। एलएलबी कोच लगने के बाद इसमें कुल कोच की संख्या 20 रह जाएगी, जबकि नीले कोच लगे होने पर इसकी संख्या 22 रहेगी। वर्तमान समय ट्रेन में स्लीपर श्रेणी के कुल नौ कोच है। एलएचबी कोच लगने के बाद इसमें स्लीपर के कोच की संख्या आठ ही रह जाएगी। ऐसे में जिन यात्रियों को पूर्व में ट्रेन के एस-9 कोच में रिजर्वेशन करवा मिला हुआ है उन्हें एलएचबी कोच लगने के बाद बुकिंग की गई बर्थ नहीं मिलेगी। इस संबंध में रेलवे अफसरों को कहना है कि एलएचबी रेक लगने के बाद जो अगर किसी यात्री की बर्थ में परिवर्तन हुआ तो उसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से की दी जाएगी। संबंधित तिथि पर आरक्षण चार्ट में भी इसका उल्लेख रहेगा। इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता के मुताबिक जैसे ही एलएचबी का दूसरा रेक मिलेगा वैसे ही इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस में उसे लगा दिया जाएगा।
एलएचबी रेक की हैं यह खूबियां
अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की चाल से चलने के लिए है फिट
हल्की और मजबूत बाडी की वजह से तेज गति से चलने के दौरान कंपन होता है कम
एसी कोच में अच्छी एयरकंडीशनिंग होने के साथ आर्र्दता कंट्रोल है बेहतर
सीबीसी कोच के मुकाबले प्रकाश व्यवस्था है बेहतर
सभी श्रेणी में पुराने कोच के मुकाबले होती है ज्यादा बर्थ
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दरअसल उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने इलाहाबाद-जयपुर का एक रेक एलएचबी कोच से लैस करने का एलान किया है। यह व्यवस्था नौ दिसंबर से प्रभावी हो जाएगी। इस दौरान ट्रेन में एक-एक दिन के अंतराल पर एलएचबी और पुराने सीबीसी (नीले कोच) के कोच लगेंगे। एलएलबी कोच लगने के बाद इसमें कुल कोच की संख्या 20 रह जाएगी, जबकि नीले कोच लगे होने पर इसकी संख्या 22 रहेगी। वर्तमान समय ट्रेन में स्लीपर श्रेणी के कुल नौ कोच है। एलएचबी कोच लगने के बाद इसमें स्लीपर के कोच की संख्या आठ ही रह जाएगी। ऐसे में जिन यात्रियों को पूर्व में ट्रेन के एस-9 कोच में रिजर्वेशन करवा मिला हुआ है उन्हें एलएचबी कोच लगने के बाद बुकिंग की गई बर्थ नहीं मिलेगी। इस संबंध में रेलवे अफसरों को कहना है कि एलएचबी रेक लगने के बाद जो अगर किसी यात्री की बर्थ में परिवर्तन हुआ तो उसकी जानकारी एसएमएस के माध्यम से की दी जाएगी। संबंधित तिथि पर आरक्षण चार्ट में भी इसका उल्लेख रहेगा। इलाहाबाद मंडल के पीआरओ सुनील गुप्ता के मुताबिक जैसे ही एलएचबी का दूसरा रेक मिलेगा वैसे ही इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस में उसे लगा दिया जाएगा।
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एलएचबी रेक की हैं यह खूबियां
अधिकतम 160 किमी प्रति घंटे की चाल से चलने के लिए है फिट
हल्की और मजबूत बाडी की वजह से तेज गति से चलने के दौरान कंपन होता है कम
एसी कोच में अच्छी एयरकंडीशनिंग होने के साथ आर्र्दता कंट्रोल है बेहतर
सीबीसी कोच के मुकाबले प्रकाश व्यवस्था है बेहतर
सभी श्रेणी में पुराने कोच के मुकाबले होती है ज्यादा बर्थ