SIR : गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा, अब मैपिंग की चुनौती, 45 फीसदी मतदाताओं का नहीं मिला पुराना रिकॉर्ड
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 99.91 फीसदी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है लेकिन मतदाताओं की मैपिंग अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। तकरीबन 40 फीसदी वोटरों की मैपिंग नहीं हुई है।
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विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत 99.91 फीसदी गणना प्रपत्रों का डिजिटाइजेशन पूरा कर लिया गया है लेकिन मतदाताओं की मैपिंग अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। तकरीबन 40 फीसदी वोटरों की मैपिंग नहीं हुई है। हालांकि, निर्वाचन आयोग की ओर से गणना प्रपत्रों के वितरण, संकलन व डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया को 26 दिसंबर तक विस्तारित किए जाने से वोटरों की मैपिंग के लिए पर्याप्त वक्त मिल गया है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं होगी, उन्हें अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित पहचान पत्रों में से कोई एक प्रस्तुत करना होगा।
प्रयागराज में शुक्रवार शाम छह बजे तक हुए डिजिटाइजेशन के बाद सामने आए आंकड़ों के अनुसार अनुपस्थित, शिफ्टेड, डुप्लीकेट एवं मृतक (श्रेणी) में 11 लाख 90 हजार 440 मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। जिला स्तरीय अफसरों से इस श्रेणी के मतदाताओं की जांच कराई जा रही है ताकि कोई भी नाम इस श्रेणी में गलत अंकित न हो। इसके साथ ही बूथों पर भी बीएलओ ने इस श्रेणी के मतदाताओं की लिस्ट तैयार की है जिसे देखकर मतदाता या राजनीति दलों के प्रतिनिधि आपत्ति दर्ज करा सकते हैं। वहीं, गणना प्रपत्रों के डिजिटाइजेशन के मामले में फाफामऊ, सोरांव, प्रतापपुर, हंडिया, मेजा, इलाहाबाद दक्षिण, बारा व कोरांव में शतप्रतिशत कार्य पूरा कर लिया गया है।
अभियान के तहत बीएलओ व बीएलए की बैठक आज
एसआईआर के तहत अभियान चलाकर शनिवार को प्रत्येक बूथ पर बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) व बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की बैठक कराई जाएगी। उप जिला निर्वाचन अधिकारी पूजा मिश्रा ने राजनीतिक दलों से अपील की है कि बूथों पर तैनात अपने बीएलए को बैठक में शामिल होने के लिए निर्देशित करें ताकि वोटर लिस्ट में कोई विसंगति न रह जाए।