{"_id":"5a62459c4f1c1b8a268b548b","slug":"sinhalas-to-salam-togadia-ram-ram","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिंहल को सलाम, तोगड़िया को ‘राम-राम’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिंहल को सलाम, तोगड़िया को ‘राम-राम’
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 20 Jan 2018 01:30 AM IST
विज्ञापन
प्रवीण तोगड़िया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विश्व हिंदू परिषद अपने फायर ब्रांड नेता एवं कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया को भूलता जा रहा है। शुक्रवार को माघ मेला स्थित परेड ग्राउंड में विहिप की ओर से आयोजित संत सम्मेलन में यूं तो तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन किसी ने भी विहिप के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया की चर्चा तक नहीं की। संगठन से जुड़े लोगों ने भी डॉ. तोगड़िया को लेकर चुप्पी ही साधे रखी। हालांकि, विहिप के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. अशोक सिंहल की सीएम योगी के साथ परिषद के अन्य नेताओं ने जरूर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि संत सम्मेलन के पूर्व विहिप पदाधिकारियों की बैठक में ही तय हो गया था कि संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया को लेकर कोई भी किसी भी तरह की बयानबाजी न की जाए। उधर चर्चा इस बात की भी रही कि डॉ. तोगड़िया से विहिप ने सारे दायित्व वापस ले लिए हैं। उन्हें परिषद से बाहर भी कर दिया गया है। हालांकि, इस मामले में जब संगठन के वरिष्ठ नेताओं से पूछा गया तो किसी ने भी इसका जवाब नहीं दिया। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय, संगठन महामंत्री दिनेश जी आदि भी इस मामले में चुप्पी साधे रहे। प्रांत संगठन मंत्री मुकेश ने इतना जरूर कहा कि डॉ. तोगड़िया को लेकर किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई है। वह बीमार हैं, उनका इलाज चल रहा है।
वहीं दूसरी ओर संत सम्मेलन में परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. अशोक सिंहल का नाम वक्ताओं ने कई बार लिया। शुरुआत में ही अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने अशोक सिंहल को याद करने के साथ राममंदिर के निर्माण में किए गए आंदोलन का जिक्र किया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अशोक सिंहल को याद करते हुए कहा कि वह हमारे बीच में भले ही न हों, लेकिन उनकी भावनाओं का प्रतिनिधित्व हमारे मंत्री जरूर कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बताया जा रहा है कि संत सम्मेलन के पूर्व विहिप पदाधिकारियों की बैठक में ही तय हो गया था कि संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगड़िया को लेकर कोई भी किसी भी तरह की बयानबाजी न की जाए। उधर चर्चा इस बात की भी रही कि डॉ. तोगड़िया से विहिप ने सारे दायित्व वापस ले लिए हैं। उन्हें परिषद से बाहर भी कर दिया गया है। हालांकि, इस मामले में जब संगठन के वरिष्ठ नेताओं से पूछा गया तो किसी ने भी इसका जवाब नहीं दिया। विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय, संगठन महामंत्री दिनेश जी आदि भी इस मामले में चुप्पी साधे रहे। प्रांत संगठन मंत्री मुकेश ने इतना जरूर कहा कि डॉ. तोगड़िया को लेकर किसी भी तरह की चर्चा नहीं हुई है। वह बीमार हैं, उनका इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
वहीं दूसरी ओर संत सम्मेलन में परिषद के पूर्व अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष स्व. अशोक सिंहल का नाम वक्ताओं ने कई बार लिया। शुरुआत में ही अंतर्राष्ट्रीय महामंत्री चंपत राय ने अशोक सिंहल को याद करने के साथ राममंदिर के निर्माण में किए गए आंदोलन का जिक्र किया। इसके बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी अशोक सिंहल को याद करते हुए कहा कि वह हमारे बीच में भले ही न हों, लेकिन उनकी भावनाओं का प्रतिनिधित्व हमारे मंत्री जरूर कर रहे हैं।
विज्ञापन