{"_id":"5f569553f68b566d3e718c00","slug":"sinhala-wanted-india-to-hear-the-sound-of-vedic-mantras-everywhere-champat-rai","type":"story","status":"publish","title_hn":"हर ओर वेद मंत्रों की ध्वनि सुनाई दे, ऐसा भारत चाहते थे सिंहल : चंपत राय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हर ओर वेद मंत्रों की ध्वनि सुनाई दे, ऐसा भारत चाहते थे सिंहल : चंपत राय
Tue, 08 Sep 2020 01:47 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 08 Sep 2020 01:47 AM IST
विज्ञापन
चंपत राय
- फोटो : file photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महर्षि भरद्वाज वेद विद्या समिति एवं अशोक सिंहल फाउंडेशन नई दिल्ली की ओर से वेद पूजन कार्यक्रम सोमवार को हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने की। अयोध्या से इस कार्यक्रम में शामिल हुए चंपत राय ने स्वर्गीय सिंहल को याद करते हुए कहा कि वह ऐसा भारत चाहते थे जहां हर ओर वेद मंत्रों की ध्वनि सुनाई दे। इसी वजह से उन्होंने वेद विद्यालयों की स्थापना की।
चंपत राय ने कहा कि आजाद भारत से स्वर्गीय सिंहल गुलामी के हर प्रतीक हटाना चाहते थे। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इसकी शुरूआत है। इस दौरान चंपत राय ने अशोक सिहंल से जुड़े तमाम संस्मरण भी साझा किए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे वेद विद्या समिति के प्राचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि महर्षि भारद्वाज वेद समिति की ओर से यह कार्यक्रम हर वर्ष अशोक सिंहल के आवास महावीर भवन से ही आयोजित होता है, लेकिन इस बार कोविड-19 की वजह से वर्चुअल वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. ललित कुमार त्रिपाठी रहे। सारस्वत अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वेद विभागाध्यक्ष प्रो. उपेन्द्र त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में तिरुपति वैदिक विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. एस. सुदर्शन शर्मा रहे। समिति के अध्यक्ष डा. आरएन मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर अशोक सिंहल फाउण्डेशन के न्यासी महेश भागचन्दका , लिपि डेटा सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर सिंहल , शम्भु, वी. के. मित्तल , आशीष केसरवानी , कृष्ण जी शुक्ल, डॉ विकास मिश्र, डॉ सपन श्रीवास्तव, आचार्य राकेश श्रीवास्तव, आचार्य मोहित पाण्डेय, आचार्य सुशील पाण्डेय, नितिन अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
चंपत राय ने कहा कि आजाद भारत से स्वर्गीय सिंहल गुलामी के हर प्रतीक हटाना चाहते थे। अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण इसकी शुरूआत है। इस दौरान चंपत राय ने अशोक सिहंल से जुड़े तमाम संस्मरण भी साझा किए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे वेद विद्या समिति के प्राचार्य पंकज शर्मा ने बताया कि महर्षि भारद्वाज वेद समिति की ओर से यह कार्यक्रम हर वर्ष अशोक सिंहल के आवास महावीर भवन से ही आयोजित होता है, लेकिन इस बार कोविड-19 की वजह से वर्चुअल वेबिनार के माध्यम से कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के आचार्य प्रो. ललित कुमार त्रिपाठी रहे। सारस्वत अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वेद विभागाध्यक्ष प्रो. उपेन्द्र त्रिपाठी एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में तिरुपति वैदिक विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. एस. सुदर्शन शर्मा रहे। समिति के अध्यक्ष डा. आरएन मिश्र ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर अशोक सिंहल फाउण्डेशन के न्यासी महेश भागचन्दका , लिपि डेटा सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर समीर सिंहल , शम्भु, वी. के. मित्तल , आशीष केसरवानी , कृष्ण जी शुक्ल, डॉ विकास मिश्र, डॉ सपन श्रीवास्तव, आचार्य राकेश श्रीवास्तव, आचार्य मोहित पाण्डेय, आचार्य सुशील पाण्डेय, नितिन अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन