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महाकुंभ 2025 : रामलला की चौखट से फिर होगा श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन का श्रीगणेश, मुक्ति न्यास करेगा अगुवाई
Wed, 12 Feb 2025 06:02 AM IST
दुष्यंत शर्मा
आलोक कुमार त्रिपाठी, महाकुंभ नगर
आलोक कुमार त्रिपाठी, महाकुंभ नगर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 12 Feb 2025 06:02 AM IST
सार
\श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए देश के साथ ही विदेशों में भी आंदोलन को पहुंचाया जाएगा। इसके लिए महाकुंभ की धरती पर महासंवाद की नींव रखी गई है।
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि, मथुरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रामलला की चौखट से ही श्रीकृष्ण जन्मभूमि आंदोलन का श्रीगणेश होगा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए देश के साथ ही विदेशों में भी आंदोलन को पहुंचाया जाएगा। इसके लिए महाकुंभ की धरती पर महासंवाद की नींव रखी गई है।
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भगवान राम की नगरी से महासंवाद की शुरूआत करके इसे पूरे देश के शहर और गांव-गांव तक ले जाने की योजना है। इसके साथ ही आंदोलन को धार देने के लिए विश्वभर के विधि विशेषज्ञ, संत और विचारकों की 51 सदस्यीय समिति तैयार की जा रही है।
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मथुरा में श्रीकृष्ण जन्म भूमि की मंदिर के लिए राममंदिर आंदोलन से जुड़े पुरनियों से भी संपर्क किया जा रहा है। इसकी समिति में साधु-संत, सेवानिवृत्त जज, शिक्षाविद, रिटायर्ड अधिकारी, वास्तुशास्त्री, आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया के सदस्य भी आंदोलन समिति में रहेंगे।
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श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास के अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि महाकुंभ में महासंवाद की नींव रखी जा चुकी है।जन-जन में चेतना जगाने के लिए शहर से गांव तक महासंवाद होगा। इसकी शुरूआत अयोध्या में भगवान राम का आशीर्वाद लेकर होगी।
अयोध्या में महासंवाद के बाद काशी, मथुरा के साथ ही सभी बड़े शहरों के बाद गांवों की ओर बढ़ेगे। इस जनचेतना आंदोलन को देश ही नहीं विदेशों तक लेकर जाना है। इसके लिए 51 सदस्यीय संचालन समिति बनाई जा रही है। इसमें हर क्षेत्र के विशेषज्ञ रहेंगे।
महासंवाद के जरिये इस आंदोलन से पांच करोड़ लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा हस्ताक्षर अभियान भी चल रहा है, जिसमें अभी तक तीन करोड़ से अधिक लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। सुमेरूपीठाधीश्वर नरेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि मंदिर तो हर हाल में बनाएंगे, चाहे इसके लिए जो भी त्याग करना पड़े।
इन संतों से हो चुकी है चर्चा
जगद्गुरु रामलाल अयोध्या, अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र गिरी, जगद्गुरु राधावल्लभाचार्य महाराज, रुक्मणी पीठाधीश्वर विदर्भ राजेश्वर माऊली सरकार, जगद्गुरु बालकादास, महामंडलेश्वर नृसिंहदास, द्वाराचार्य बलराम बाबा,महामंडलेश्वर डॉ. आदित्यानंद महाराज, तमिलनाडु के गोल्डन बाबा, सांवरिया पीठाधीश्वर अभय नाथ, अखिल भारतीय चातुर्य संप्रदाय के अध्यक्ष हनुमत दास, फूलडोल दास महाराज, सुधाकर धर्माधिकारी कबीरपंथी पीठ, डॉ. चारुदत्त पिंगले से संपर्क किया गया है।