फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   SHO, CO summoned on challenge of validity of summons issued on charge sheet against minors

High Court : नाबालिगों के खिलाफ चार्जशीट पर जारी समन की वैधता की चुनौती पर एसएचओ, सीओ तलब

Wed, 31 May 2023 05:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 31 May 2023 05:41 PM IST
सार

अपर शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अधिकारियों की गलती के कारण शिकायतकर्ता को ही समन जारी किया गया। इससे पहले कोर्ट ने एसएसपी आजमगढ़ को हाजिर होने का निर्देश दिया था। जिस पर यह जानकारी दी गई। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने गांव नोनीपुर उर्फ नई कोट के निवासी हरि प्रसाद यादव व दो अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

विज्ञापन
SHO, CO summoned on challenge of validity of summons issued on charge sheet against minors
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मारपीट की घटना की प्राथमिकी दर्ज कराने वाले याची व दो नाबालिगों के खिलाफ ही पुलिस चार्जशीट पर एसीजेएम आजमगढ़ द्वारा जारी समन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर एसएचओ मेहनाजपुर, सीओ व विवेचना अधिकारी को 17 जुलाई को तलब किया है। कोर्ट ने इन अधिकारियों से सफाई मांगी है कि उन्होंने अपनी ड्यूटी ठीक से क्यों नहीं की, जिसके चलते शिकायतकर्ता को तीन साल तक परेशानी झेलनी पड़ी। याचिका की सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

विज्ञापन


अपर शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि अधिकारियों की गलती के कारण शिकायतकर्ता को ही समन जारी किया गया। इससे पहले कोर्ट ने एसएसपी आजमगढ़ को हाजिर होने का निर्देश दिया था। जिस पर यह जानकारी दी गई। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने गांव नोनीपुर उर्फ नई कोट के निवासी हरि प्रसाद यादव व दो अन्य की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
विज्ञापन


याची ने गांव के राजेंद्र, संतोष, विनोद, अनिल, सुनील के खिलाफ मारपीट गालीगलौज करने के आरोप में 28 अप्रैल 20 को एफआईआर दर्ज कराई। याची को चोटें आईं थीं। मेडिकल रिपोर्ट भी है। विवेचना अधिकारी ने 25 जून 20 को याची व दो नाबालिग बच्चों विजय व विनीत के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। न्यायिक मजिस्ट्रेट आजमगढ़ ने संज्ञान लेकर एसीजेएम को भेज दिया। जहां से याची को समन जारी कर तलब किया गया। याचिका में 12 जनवरी 21 को जारी समन रद्द करने तथा केस समाप्त करने की मांग की है। हालांकि, एजीए ने माना कि पुलिस की गलती से ऐसा हुआ है। जिस पर कोर्ट ने सफाई के साथ अधिकारियों को हाजिर होने का निर्देश दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed