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सत्य सनातन शिव शंभो...
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Aug 2016 01:48 AM IST
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शिव जी की पूजा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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सावन के दूसरे सोमवार को मनकामेश्वर समेत शहर के प्रमुख शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हालांकि सुबह बारिश होती रही, लेकिन शिवभक्तों पर इसका कोई असर नहीं रहा। संगम सहित गंगा के विभिन्न घाटों पर गंगा जल एकत्र करने के लिए कांवड़ियों का तांता लगा रहा।
सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में पूजन अर्चन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। झमाझम बारिश में भक्तों ने घंटों इंतजार के बाद मनकामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। विधिविधान से पूजन करने की आतुरता इतनी कि बार-बार पुलिस के जवानों एवं मंदिर समिति के स्वयंसेवकों के ‘जल्दी कीजिए’ आग्रह को अनसुना कर बेल पत्र, दूध, गंगाजल, धूप दीप नैवेद्य चढ़ाया। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालु गर्भगृह से बाहर निकले। मंगला आरती से सुबह दस बजे तक भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहा।
दोपहर एक बजे से तीन बजे तक भीड़ का दबाव कम रहा पर उसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ फिर बढ़ी। घंटा-घड़ियाल शंखनाद के बीच मंगला आरती हुई। व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी के निर्देश पर मानव कल्याण के निमित्त आचार्य पुरोहितों द्वारा शिव पुराण एवं शिव मंत्रों का जाप किया गया। महिला भक्तों ने जलाभिषेक के बाद भजन-कीर्तन द्वारा शिव महिमा का गुणगान भी किया। निशा आरती से पहले गुलाब के फूलों से मनकामेश्वर महादेव का शृंगार हुआ। ॐ नम: शिवाय के अखंड जप से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
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त्रिवेणीबांध स्थित आदि शंकर विमान मंडपम् मंदिर में प्रबंधक रमणी शास्त्री की देखरेख में सामूहिक अभिषेक पूजन हुआ। दरियाबाद स्थित तक्षकेश्वर महादेव मंदिर में महामृत्युंजय मंत्र का अखंड जप पीठाधीश्वर रविशंकर की अगुवाई में हुआ। देर रात दस महाविद्या का तांत्रिक पद्धति से पूजन अर्चन हुआ। दारागंज स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर, नागवासुकि मंदिर, शिवकुटी स्थित कोटेश्वर महादेव, कटरा स्थित पीला शिवाला, पड़िला महादेव, अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव आदि शिव मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन किया गया।
काली देवी मंदिर नयापुरा भावापुर स्थित भोलेनाथ के शृंगार दर्शन को भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से मंदिर में पूजा अर्चना जलाभिषेक को सुबह से भक्तों की भीड़ रही। शाम को महाआरती हुई। प्रबंधक हनुमान प्रसाद, प्रधान सेवक सुशील कुमार पंडा, कलावती, सुमित श्रीवास्तव ने घंटा, घड़ियाल शंखनाद के साथ आरती उतारी। हर-हर महादेव के घोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
सावन के दूसरे सोमवार को शहर के विभिन्न आश्रमों, मठों में शिवार्चन हुआ। संतों महात्माओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भोलेनाथ का पूजन अर्चन किया। अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अल्लापुर स्थित बाघम्बरी मठ गद्दी में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य स्वामी आनंद गिरि, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में श्रीमहंत रामसेवक गिरि ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक पूजन किया।
रामबाग बैरहना स्थित श्रीनिम्बार्क आश्रम में सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन सुनाकर मंत्र मुग्ध किया। रत्नेश दुबे ने गणेश वंदना से शुरूआत की। उसके बाद डम-डम डमरू बजाए शिवशंकर कैलाशपति, प्रेम की अगन हो, भक्ति सघन हो मन में लगन हो तो प्रभु मिल जाएंगे। मेनका मिश्रा, आनंद किशोर, आकाश चंद्रा, अंकिता चतुर्वेदी, रंजीत सिंह, शैशव, वैभव गुप्ता आदि ने भजन सुनाए। उसके पहले महंत राधामाधव दास का प्रवचन और सर्वेश्वर महादेव का बहुरंगी फूलों और मखाना से शृंगार किया गया। इस अवसर पर संयोजक फूलचंद्र दुबे, व्यवस्थापक लक्ष्मीकांतम आदि उपस्थित रहे।
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सरस्वती घाट स्थित मनकामेश्वर मंदिर में पूजन अर्चन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। झमाझम बारिश में भक्तों ने घंटों इंतजार के बाद मनकामेश्वर महादेव का जलाभिषेक किया। विधिविधान से पूजन करने की आतुरता इतनी कि बार-बार पुलिस के जवानों एवं मंदिर समिति के स्वयंसेवकों के ‘जल्दी कीजिए’ आग्रह को अनसुना कर बेल पत्र, दूध, गंगाजल, धूप दीप नैवेद्य चढ़ाया। हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए श्रद्धालु गर्भगृह से बाहर निकले। मंगला आरती से सुबह दस बजे तक भीड़ का दबाव सबसे अधिक रहा।
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दोपहर एक बजे से तीन बजे तक भीड़ का दबाव कम रहा पर उसके बाद श्रद्धालुओं की भीड़ फिर बढ़ी। घंटा-घड़ियाल शंखनाद के बीच मंगला आरती हुई। व्यवस्थापक स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी के निर्देश पर मानव कल्याण के निमित्त आचार्य पुरोहितों द्वारा शिव पुराण एवं शिव मंत्रों का जाप किया गया। महिला भक्तों ने जलाभिषेक के बाद भजन-कीर्तन द्वारा शिव महिमा का गुणगान भी किया। निशा आरती से पहले गुलाब के फूलों से मनकामेश्वर महादेव का शृंगार हुआ। ॐ नम: शिवाय के अखंड जप से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
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त्रिवेणीबांध स्थित आदि शंकर विमान मंडपम् मंदिर में प्रबंधक रमणी शास्त्री की देखरेख में सामूहिक अभिषेक पूजन हुआ। दरियाबाद स्थित तक्षकेश्वर महादेव मंदिर में महामृत्युंजय मंत्र का अखंड जप पीठाधीश्वर रविशंकर की अगुवाई में हुआ। देर रात दस महाविद्या का तांत्रिक पद्धति से पूजन अर्चन हुआ। दारागंज स्थित ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर, नागवासुकि मंदिर, शिवकुटी स्थित कोटेश्वर महादेव, कटरा स्थित पीला शिवाला, पड़िला महादेव, अरैल स्थित सोमेश्वर महादेव आदि शिव मंदिरों में विशेष पूजन अर्चन किया गया।
काली देवी मंदिर नयापुरा भावापुर स्थित भोलेनाथ के शृंगार दर्शन को भक्तों का तांता लगा रहा। सुबह से मंदिर में पूजा अर्चना जलाभिषेक को सुबह से भक्तों की भीड़ रही। शाम को महाआरती हुई। प्रबंधक हनुमान प्रसाद, प्रधान सेवक सुशील कुमार पंडा, कलावती, सुमित श्रीवास्तव ने घंटा, घड़ियाल शंखनाद के साथ आरती उतारी। हर-हर महादेव के घोष से मंदिर परिसर गूंजता रहा।
सावन के दूसरे सोमवार को शहर के विभिन्न आश्रमों, मठों में शिवार्चन हुआ। संतों महात्माओं ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भोलेनाथ का पूजन अर्चन किया। अलोपीबाग स्थित शंकराचार्य आश्रम में जगद्गुरु स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, अल्लापुर स्थित बाघम्बरी मठ गद्दी में अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि के शिष्य स्वामी आनंद गिरि, श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी में श्रीमहंत रामसेवक गिरि ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच अभिषेक पूजन किया।
रामबाग बैरहना स्थित श्रीनिम्बार्क आश्रम में सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई। आकाशवाणी एवं दूरदर्शन के कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजन सुनाकर मंत्र मुग्ध किया। रत्नेश दुबे ने गणेश वंदना से शुरूआत की। उसके बाद डम-डम डमरू बजाए शिवशंकर कैलाशपति, प्रेम की अगन हो, भक्ति सघन हो मन में लगन हो तो प्रभु मिल जाएंगे। मेनका मिश्रा, आनंद किशोर, आकाश चंद्रा, अंकिता चतुर्वेदी, रंजीत सिंह, शैशव, वैभव गुप्ता आदि ने भजन सुनाए। उसके पहले महंत राधामाधव दास का प्रवचन और सर्वेश्वर महादेव का बहुरंगी फूलों और मखाना से शृंगार किया गया। इस अवसर पर संयोजक फूलचंद्र दुबे, व्यवस्थापक लक्ष्मीकांतम आदि उपस्थित रहे।