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शास्त्री के नाती को शहर पश्चिम में कमल खिलाने का मिला इनाम
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 20 Mar 2017 02:29 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के नाती एवं भाजपा के राष्ट्रीय सचिव सिद्धार्थ नाथ सिंह को पहली बार शहर पश्चिमी विधानसभा में कमल खिलाने का ईनाम रविवार को मिल गया। योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल में सिद्धार्थ नाथ को उनके कद के अनुरूप कैबिनेट मंत्री की कुर्सी दी गई है। खास बात ये कि अपने 20 साल के राजनीतिक करियर में सिद्धार्थ नाथ ने पहली बार कोई चुनाव लड़ा और अपने पहले ही विधानसभा चुनाव में उन्होंने शहर पश्चिमी सीट भाजपा के नाम कर दी।
यूं तो विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान में सिद्धार्थ के समर्थकों ने उन्हें यूपी का भावी मुख्यमंत्री कहकर जनता के सामने उन्हें पेश किया गया। इस दौरान सिद्धार्थ नाथ ने भी अपने राजनीतिक कद को देखते हुए भाजपा के तमाम नेताओं को विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करवाने के लिए बुला लिया। उनके विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रवक्ता शहनवाज हुसैन, केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, कलराज मिश्र, अनुप्रिया पटेल, राजीव प्रताप रूडी, स्मृति ईरानी आदि दिग्गजों ने प्रचार किया। सिद्धार्थ नाथ प्रदेश प्रभारी आंध प्रदेश और प्रदेश सह प्रभारी पश्चिमी बंगाल भी रह चुके हैं।
राष्ट्रीय प्रवक्ता होने की वजह से आए दिन अखबारों और न्यूज चैनलों में उनकी मौजूदगी से उनके सामने प्रचार अभियान के दौरान पहचान का संकट नहीं आया। सिद्धार्थ ने चुनावी अभियान के दौरान खुद को इलाहाबाद का बेटा और लाल बहादुर शास्त्री का नाती बताया। उपेक्षित पड़े शहर पश्चिमी का चौतरफा विकास करने का उन्होंने जनता से वादा किया। वर्ष 1997 से भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सफर करने वाले 53 वर्षीय सिद्धार्थ नाथ के चुनाव प्रचार के दौरान उनकी पत्नी डा. नीता सिंह और बेटे सिद्धांत और निशांत भी लोगों के बीच गए। उधर लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थ नाथ सिंह को एक और बड़ी जिम्मेदारी दे दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसलों को वे ही मीडिया के सामने नियमित रूप से पेश करेंगे।
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सिद्धार्थ नाथ सिंह का प्रोफाइल
जन्मतिथि 01 अक्तूबर 1963
शिक्षा बीए (आर्नस) अर्थशास्त्र
परिवार पत्नी- डा. नीता सिंह (दंत चिकित्सक)
पुत्र - सिद्धांत सिंह
पुत्र- निशांत सिंह
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यूं तो विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान में सिद्धार्थ के समर्थकों ने उन्हें यूपी का भावी मुख्यमंत्री कहकर जनता के सामने उन्हें पेश किया गया। इस दौरान सिद्धार्थ नाथ ने भी अपने राजनीतिक कद को देखते हुए भाजपा के तमाम नेताओं को विधानसभा क्षेत्र में प्रचार करवाने के लिए बुला लिया। उनके विधानसभा क्षेत्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, प्रवक्ता शहनवाज हुसैन, केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, कलराज मिश्र, अनुप्रिया पटेल, राजीव प्रताप रूडी, स्मृति ईरानी आदि दिग्गजों ने प्रचार किया। सिद्धार्थ नाथ प्रदेश प्रभारी आंध प्रदेश और प्रदेश सह प्रभारी पश्चिमी बंगाल भी रह चुके हैं।
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राष्ट्रीय प्रवक्ता होने की वजह से आए दिन अखबारों और न्यूज चैनलों में उनकी मौजूदगी से उनके सामने प्रचार अभियान के दौरान पहचान का संकट नहीं आया। सिद्धार्थ ने चुनावी अभियान के दौरान खुद को इलाहाबाद का बेटा और लाल बहादुर शास्त्री का नाती बताया। उपेक्षित पड़े शहर पश्चिमी का चौतरफा विकास करने का उन्होंने जनता से वादा किया। वर्ष 1997 से भाजपा में सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में सफर करने वाले 53 वर्षीय सिद्धार्थ नाथ के चुनाव प्रचार के दौरान उनकी पत्नी डा. नीता सिंह और बेटे सिद्धांत और निशांत भी लोगों के बीच गए। उधर लखनऊ में शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिद्धार्थ नाथ सिंह को एक और बड़ी जिम्मेदारी दे दी। उन्होंने कहा कि कैबिनेट के फैसलों को वे ही मीडिया के सामने नियमित रूप से पेश करेंगे।
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सिद्धार्थ नाथ सिंह का प्रोफाइल
जन्मतिथि 01 अक्तूबर 1963
शिक्षा बीए (आर्नस) अर्थशास्त्र
परिवार पत्नी- डा. नीता सिंह (दंत चिकित्सक)
पुत्र - सिद्धांत सिंह
पुत्र- निशांत सिंह