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शास्त्री पुल धंसा, हड़कंप, यातायात ठप
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Fri, 22 May 2015 02:23 AM IST
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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग पर शास्त्री पुल बृहस्पतिवार को एक बार फिर धंस गया। पुल धंसने से हड़कंप मच गया। पुल धंसने की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के निर्देश पर वाहनों की आवाजाही पर तत्काल रोक लगा दी गई। पुल के एक ही लेन पर वाहनों की आवाजाही से जाम की स्थिति रही जिससे चिलचिलाती धूप में यात्रियों का परेशान होना पड़ा। पीडब्ल्यूडी अधिकारियाें का कहना है कि पुल के बीयरिंग लॉक टूटने से पुल धंस गया है, जिसकी मरम्मत कराई जा रही है।
घटनाक्रम के मुताबिक शास्त्री पुल पर शहर से झूंसी जाने वाले लेन में पिलर नंबर नौ का बीयरिंग लॉक टूटने से स्लैब धंस गया। पुल धंसने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। जानकारी मिलने पर विभागीय अभियंता और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश पुल के दोनों किनारों पर बैरियर लगाकर आवाजाही रोक दी गई। इस दौरान पुल पर घंटे भर जाम की स्थिति रही, परिणामस्वरूप चिलचिलाती घूप में जाम में फंसे यात्रियों को परेशानियाें से दोचार होना पड़ा आखिरकार काफी मशक्कत के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने पुल के दूसरे लेन से वाहनों को निकाला उसके बाद जाम समाप्त किया जा सका।
इलाहाबाद को वाराणसी और जौनपुर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण शास्त्री पुल पहली बार धंसा है ऐसा भी नहीं है। आंकडों पर नजर डालें तो पिछले दस साल मेें पुल कई बार धंस चुका है। पुल की दक्षिणी लेन में 2003 से लेकर अब तक सात बार खराबी आ चुकी है। पहले पुल की मरम्मत व देखरेख की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की थी, लेकिन चार साल पहले पुल को पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया। इसके बावजूद आए दिन किसी न किसी पिलर में खराबी उत्पन्न हो जा रही है। सितंबर 2003 में दक्षिणी लेन के अंतिम हिस्से में तकरीबन दो फीट का गैप आ गया था। तब सप्ताह भर पुल पर आवाजाही ठप थी।
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20 नवंबर 2005 में एक बार फिर पुल की दक्षिणी लेन में खराबी आ गई। मरम्मत कार्य तकरीबन दस दिन तक चला था। इस दौरान पुल पर ट्रैफिक वन वे होने के कारण हादसे में एक दवा कंपनी के एमआर सुब्रत विश्वास को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद 2007 तथा 2011 में भी इसी लेन के पिलर में गैप आने से कई दिनों तक आवागमन ठप कर मरम्मत कार्य चला था।
कुंभ के दौरान मरम्मत पर खर्च की गई थी करोड़ों की धनराशि
सूत्रों की मानें तो महाकुंभ-2012 के दौरान वाहनों की भारी आवाजाही के मद्देनजर निजी एजेंसी की मदद से लाखों रुपये खर्च करके मरम्मत की गई थी। लेकिन तीन साल बाद ही पुल के धंसने की घटना ने कई सवालों को जन्म दे दिया है।
शास्त्री पुल के पिलर नंबर नौ का बीयरिंग लॉक टूटने से पुल धंस गया है। पुल पर यातायात रोक दिया गया है। निजी निर्माण एजेंसी को इसकी जानकारी दे दी गई है। शुक्रवार की सुबह से पुल की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी। मरम्मत कर जल्द ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
00 राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
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घटनाक्रम के मुताबिक शास्त्री पुल पर शहर से झूंसी जाने वाले लेन में पिलर नंबर नौ का बीयरिंग लॉक टूटने से स्लैब धंस गया। पुल धंसने से वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। जानकारी मिलने पर विभागीय अभियंता और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश पुल के दोनों किनारों पर बैरियर लगाकर आवाजाही रोक दी गई। इस दौरान पुल पर घंटे भर जाम की स्थिति रही, परिणामस्वरूप चिलचिलाती घूप में जाम में फंसे यात्रियों को परेशानियाें से दोचार होना पड़ा आखिरकार काफी मशक्कत के बाद मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने पुल के दूसरे लेन से वाहनों को निकाला उसके बाद जाम समाप्त किया जा सका।
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इलाहाबाद को वाराणसी और जौनपुर से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण शास्त्री पुल पहली बार धंसा है ऐसा भी नहीं है। आंकडों पर नजर डालें तो पिछले दस साल मेें पुल कई बार धंस चुका है। पुल की दक्षिणी लेन में 2003 से लेकर अब तक सात बार खराबी आ चुकी है। पहले पुल की मरम्मत व देखरेख की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की थी, लेकिन चार साल पहले पुल को पीडब्ल्यूडी को सौंप दिया गया। इसके बावजूद आए दिन किसी न किसी पिलर में खराबी उत्पन्न हो जा रही है। सितंबर 2003 में दक्षिणी लेन के अंतिम हिस्से में तकरीबन दो फीट का गैप आ गया था। तब सप्ताह भर पुल पर आवाजाही ठप थी।
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20 नवंबर 2005 में एक बार फिर पुल की दक्षिणी लेन में खराबी आ गई। मरम्मत कार्य तकरीबन दस दिन तक चला था। इस दौरान पुल पर ट्रैफिक वन वे होने के कारण हादसे में एक दवा कंपनी के एमआर सुब्रत विश्वास को अपनी जान भी गंवानी पड़ी थी। इसके बाद 2007 तथा 2011 में भी इसी लेन के पिलर में गैप आने से कई दिनों तक आवागमन ठप कर मरम्मत कार्य चला था।
कुंभ के दौरान मरम्मत पर खर्च की गई थी करोड़ों की धनराशि
सूत्रों की मानें तो महाकुंभ-2012 के दौरान वाहनों की भारी आवाजाही के मद्देनजर निजी एजेंसी की मदद से लाखों रुपये खर्च करके मरम्मत की गई थी। लेकिन तीन साल बाद ही पुल के धंसने की घटना ने कई सवालों को जन्म दे दिया है।
शास्त्री पुल के पिलर नंबर नौ का बीयरिंग लॉक टूटने से पुल धंस गया है। पुल पर यातायात रोक दिया गया है। निजी निर्माण एजेंसी को इसकी जानकारी दे दी गई है। शुक्रवार की सुबह से पुल की मरम्मत शुरू कर दी जाएगी। मरम्मत कर जल्द ही यातायात बहाल कर दिया जाएगा।
00 राकेश कुमार, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी