Shastri Bridge Prayagraj : पिलर नंबर 26 को काटकर भरा एक्सपेंशन, रॉड डालकर दो पिलरों के गैप को जोड़ा
शास्त्री पुल पर रविवार को पिलर नंबर 26 में मरम्मत कार्य किया गया। पिलर नंबर 26 के बीच के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर उसमें लोहे की रॉड डाली गई। इसके बाद दोनों पिलरों के बीच के गैप में एक्सपेंशन ज्वाइंट किया गया।
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शास्त्री पुल पर रविवार को पिलर नंबर 26 में मरम्मत कार्य किया गया। पिलर नंबर 26 के बीच के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर उसमें लोहे की रॉड डाली गई। इसके बाद दोनों पिलरों के बीच के गैप में एक्सपेंशन ज्वाइंट किया गया। इस परियोजना पर करीब 15 करोड़ रुपये का खर्च आ रहा है। पुल की 2.2 किलोमीटर लंबी प्रभावित लेन की उखड़ी सड़क को मिलिंग मशीन से हटाया जा रहा है। इसके बाद डामर, गिट्टी और केमिकल के मिश्रण से वाटर-प्रूफ परत वाली नई सड़क बनाई जा रही है। पुल के मुख्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 65 पिलर और 63 पैनलों की मरम्मत की जा रही है।
रविवार रात आठ बजे ब्लॉक मिलने के बाद मरम्मत कार्य शुरू किया गया। सहायक अभियंता केपी श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार को पिलर नंबर 26 पर कार्य हुआ। इसमें क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर लोहे के रॉड डालकर एक्सपेंशन ज्वाइंट भरे गए। लोक निर्माण विभाग के कर्मचारी और मजदूर मिलिंग मशीन से सड़क की छिलाई का कार्य भी करते रहे। एक दिन में एक मीटर तक वाटर-प्रूफ सड़क बनाई जा रही है और मलबा हटाया जा रहा है।
लोक निर्माण विभाग ने 15 जून से अलोपीबाग से झूंसी की ओर जाने वाली लेन पर वाटर-प्रूफ सड़क का निर्माण शुरू किया है। कार्य में तेजी लाने के लिए मजदूरों की संख्या बढ़ाई गई है। रात आठ बजे ब्लॉक मिलने पर सड़क की छिलाई और निर्माण कार्य दोनों किए जा रहे हैं। विभाग का लक्ष्य 31 जुलाई तक 75 फीसदी कार्य पूरा करना है। सहायक अभियंता केपी श्रीवास्तव ने बताया कि अब लेन के दूसरे हिस्से में भी सड़क उखाड़ने का कार्य रात में किया जाएगा। सुबह से रात आठ बजे तक दोनों हिस्सों में एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत और सड़क उखाड़ने का कार्य जारी है। मजदूरों की संख्या बढ़ाकर शिफ्ट के अनुसार बीस-बीस कर दी गई है।