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शंकराचार्य स्वरूपानंद बोले, अब हम बनाएंगे राम मंदिर
Sun, 20 Jan 2019 12:48 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 20 Jan 2019 12:48 AM IST
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Shankaracharya Swaroopanand
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ज्योतिष एवं द्वारका शारदा पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज ने दो टूक कहा है कि अब अयोध्या में भव्य राम मंदिर हम बनाएंगे। बसंत पचंमी स्नानपर्व के बाद पांच पूजित शिलाओं और संतों के साथ प्रयागराज से ही सीधे अयोध्या के लिए कूच किया जाएगा। इसके लिए देश भर के संतों, सनातन धर्मावलंबियों के अतिरिक्त सिख, बौद्ध, जैन आदि समुदायों के श्रद्धालुओं का भी समर्थन और सहयोग लिया जाएगा। यदि शासन-प्रशासन ने किसी भी तरह से अंकुश लगाने या रोकने की कोशिश की हम जेल जाने सहित किसी भी स्थिति का सामना करने को तैयार हैं।
शनिवार को प्रयागराज पहुंचने के बाद मनकामेश्वर मंदिर में ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, अब वक्त आ गया है कि राम मंदिर निर्माण की दिशा में सार्थक पहल करते हुए अयोध्या केलिए प्रस्थान किया जाए। भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर के लोगों से पूजित शिलाओं के साथ अयोध्या पहुंचने के लिए आह्वान किया जाएगा। कूच करने के तिथि की घोषणा प्रयागराज कुंभ पर्व में होने वाली परमधर्मसंसद में की जाएगी। परमधर्मसंसद में ही कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए जाएंगे।
बोले, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि न भाजपा इस बारे में कोई पहल करने को तैयार है और न ही अदालत इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कोई निर्णय देने के लिए तैयार है। ऐसी स्थिति में संतों को ही राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा भगवान राम को भगवान नहीं इंसान मानती है। इसीलिए उन्हें सिर्फ मर्यादा पुरुषोत्तम कहकर उनकी प्रतिमा लगाए जाने की तैयारी है। यह हमें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है। भगवान राम का अयोध्या में भव्य मंदिर बनना ही चाहिए। वहीं आरक्षण के एक सवाल पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आरक्षण समाज और विकास के लिए कतई उचित नहीं है, न ही आर्थिक और न ही जातीय आधार पर। आरक्षण को पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहिए।
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज जबलपुर के श्रीबगलामुखी सिद्धपीठ से कार से चलकर रीवा होते हुए रात तकरीबन आठ बजे प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर पहुंचे। मनकामेश्वर सहित घूरपुर और डांडी में भी उनका भव्य स्वागत किया गया। शंकराचार्य जी के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अगुवाई में मंदिर के मुख्य व्यवस्थापक और शिविर प्रभारी स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी सहित अग्नि अखाड़े के आचार्य महामडंलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज, अग्नि सभापति मुक्तानंद बापू, सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी, ब्रह्मविद्यानंद ब्रह्मचारी, रामेश्वरानंद ब्रह्मचारी, राघवानंद ब्रह्मचारी, ब्रह्मचारी सुुबुद्धानंदन सहित बड़ी संख्या में दंडी संन्यासियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, शंकराचार्य जी 23 जनवरी को रामबाग स्थित पथरचट्टी रामलीला मैदान से पेशवाई निकालकर निर्धारित मार्गों से होते हुए शंकराचार्य शिविर पहुंचेंगे।
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शनिवार को प्रयागराज पहुंचने के बाद मनकामेश्वर मंदिर में ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में उन्होंने कहा, अब वक्त आ गया है कि राम मंदिर निर्माण की दिशा में सार्थक पहल करते हुए अयोध्या केलिए प्रस्थान किया जाए। भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए देश भर के लोगों से पूजित शिलाओं के साथ अयोध्या पहुंचने के लिए आह्वान किया जाएगा। कूच करने के तिथि की घोषणा प्रयागराज कुंभ पर्व में होने वाली परमधर्मसंसद में की जाएगी। परमधर्मसंसद में ही कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए जाएंगे।
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बोले, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि न भाजपा इस बारे में कोई पहल करने को तैयार है और न ही अदालत इस मुद्दे पर जल्द से जल्द कोई निर्णय देने के लिए तैयार है। ऐसी स्थिति में संतों को ही राम मंदिर निर्माण के लिए आगे आना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा भगवान राम को भगवान नहीं इंसान मानती है। इसीलिए उन्हें सिर्फ मर्यादा पुरुषोत्तम कहकर उनकी प्रतिमा लगाए जाने की तैयारी है। यह हमें किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं है। भगवान राम का अयोध्या में भव्य मंदिर बनना ही चाहिए। वहीं आरक्षण के एक सवाल पर उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आरक्षण समाज और विकास के लिए कतई उचित नहीं है, न ही आर्थिक और न ही जातीय आधार पर। आरक्षण को पूरी तरह से समाप्त कर देना चाहिए।
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शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज जबलपुर के श्रीबगलामुखी सिद्धपीठ से कार से चलकर रीवा होते हुए रात तकरीबन आठ बजे प्रयागराज के मनकामेश्वर मंदिर पहुंचे। मनकामेश्वर सहित घूरपुर और डांडी में भी उनका भव्य स्वागत किया गया। शंकराचार्य जी के प्रतिनिधि शिष्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की अगुवाई में मंदिर के मुख्य व्यवस्थापक और शिविर प्रभारी स्वामी श्रीधरानंद ब्रह्मचारी सहित अग्नि अखाड़े के आचार्य महामडंलेश्वर स्वामी रामकृष्णानंद जी महाराज, अग्नि सभापति मुक्तानंद बापू, सोमेश्वरानंद ब्रह्मचारी, ब्रह्मविद्यानंद ब्रह्मचारी, रामेश्वरानंद ब्रह्मचारी, राघवानंद ब्रह्मचारी, ब्रह्मचारी सुुबुद्धानंदन सहित बड़ी संख्या में दंडी संन्यासियों ने उनका स्वागत किया। बता दें, शंकराचार्य जी 23 जनवरी को रामबाग स्थित पथरचट्टी रामलीला मैदान से पेशवाई निकालकर निर्धारित मार्गों से होते हुए शंकराचार्य शिविर पहुंचेंगे।