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शाही प्रकरण : चार हत्यारोपियों के लिए खुल सकती है राहत की राह
Sun, 11 Aug 2024 02:03 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Sun, 11 Aug 2024 02:03 AM IST
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बरेली। शाही और शीशगढ़ थाना क्षेत्र में हुई महिलाओं की हत्या को लेकर नए सिरे से पड़ताल की जाएगी। पुराने तीन मामलों में चार आरोपी जेल की हवा खा चुके हैं। फिलहाल, सभी जमानत पर हैं। पुलिस उनके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। इन मामलों में भी साइको किलर कुलदीप गंगवार की भूमिका मिली तो पुलिस कोर्ट में पैरवी कर आरोपियों को राहत दिला सकती है।
छह महिलाओं की सिलसिलेवार हत्याओं का खुलासा कर शुक्रवार को आरोपी साइको सीरियल किलर कुलदीप को जेल भेजा गया था। इलाके में कुल 11 महिलाओं की हत्या हुई थी। इनमें से तीन मामलों में चार्जशीट लग चुकी है। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती की हत्या के मामले में 65 वर्षीय मिश्रीलाल को जेल भेजा गया था। कुसुमा देवी की हत्या में रम्पुरा के राजेश व वीरपाल जेल भेजे गए थे।
वहीं, शांति देवी की हत्या को संपत्ति विवाद मानकर पुलिस ने उन्हीं के बेटे तोताराम के खिलाफ चार्जशीट लगाकर जेल भेजा था। अब कुलदीप की गिरफ्तारी और सभी मामलों में हत्या का तरीका एक जैसा होने से पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों व उनके परिजनों में उम्मीद जगी है। पुलिस भी नये सिरे से समीक्षा व कोर्ट में पैरवी करके इन्हें राहत दिला सकती है।
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इस तरह राहत दे सकती है पुलिस
फोटो- अनिल द्विवेदी
बरेली बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी के मुताबिक कई बार पुलिस जल्दबाजी या दबाव में गलत आरोपियों को जेल भेज देती है। सही स्थिति सामने आने पर उसके पास सुधार के विकल्प भी रहते हैं। एक जुलाई से पहले के मामलों में सीआरपीसी की धारा 169 (3) के तहत विवेचक की रिपोर्ट पर एसएसपी कोर्ट में लंबित मामलों की पत्रावली वापस मंगा सकते हैं। इसमें पूर्व में मिले साक्ष्यों से ज्यादा प्रभावी नए साक्ष्य मिलने का दावा कर पुलिस पूर्व आरोपियों पर आरोप खारिज कर सकती है। वहीं, नए आरोपी के खिलाफ मजबूती से चार्जशीट लगाई जा सकती है। वहीं, सीआरपीसी की धारा 268 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी आरोपी को जेल से निकाल सकती है। एसएसपी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हो सकती है। नये आरोपी को जेल भेजा जा सकता है।
साइको सीरियल किलर का रिमांड लेगी पुलिस
फोटो- एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में हुईं सभी घटनाएं एक जैसी लग रही हैं। आरोपी कुलदीप ने फिलहाल छह घटनाओं को कबूल किया है। हो सकता है कि अन्य घटनाओं में भी उसी का हाथ हो। इसी संशय को मिटाने के लिए पुलिस अब आरोपी को रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी लगाएगी। उससे दूसरी घटनाओं के बारे में भी जानकारी कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे। उनमें भी कुलदीप की संलिप्तता पाई गई तो पुलिस कोर्ट में पैरवी करके मामलों की दोबारा विवेचना कर सकती है।
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छह महिलाओं की सिलसिलेवार हत्याओं का खुलासा कर शुक्रवार को आरोपी साइको सीरियल किलर कुलदीप को जेल भेजा गया था। इलाके में कुल 11 महिलाओं की हत्या हुई थी। इनमें से तीन मामलों में चार्जशीट लग चुकी है। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया था। सेवा ज्वालापुर निवासी वीरावती की हत्या के मामले में 65 वर्षीय मिश्रीलाल को जेल भेजा गया था। कुसुमा देवी की हत्या में रम्पुरा के राजेश व वीरपाल जेल भेजे गए थे।
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वहीं, शांति देवी की हत्या को संपत्ति विवाद मानकर पुलिस ने उन्हीं के बेटे तोताराम के खिलाफ चार्जशीट लगाकर जेल भेजा था। अब कुलदीप की गिरफ्तारी और सभी मामलों में हत्या का तरीका एक जैसा होने से पूर्व में गिरफ्तार किए गए आरोपियों व उनके परिजनों में उम्मीद जगी है। पुलिस भी नये सिरे से समीक्षा व कोर्ट में पैरवी करके इन्हें राहत दिला सकती है।
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इस तरह राहत दे सकती है पुलिस
फोटो- अनिल द्विवेदी
बरेली बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अनिल द्विवेदी के मुताबिक कई बार पुलिस जल्दबाजी या दबाव में गलत आरोपियों को जेल भेज देती है। सही स्थिति सामने आने पर उसके पास सुधार के विकल्प भी रहते हैं। एक जुलाई से पहले के मामलों में सीआरपीसी की धारा 169 (3) के तहत विवेचक की रिपोर्ट पर एसएसपी कोर्ट में लंबित मामलों की पत्रावली वापस मंगा सकते हैं। इसमें पूर्व में मिले साक्ष्यों से ज्यादा प्रभावी नए साक्ष्य मिलने का दावा कर पुलिस पूर्व आरोपियों पर आरोप खारिज कर सकती है। वहीं, नए आरोपी के खिलाफ मजबूती से चार्जशीट लगाई जा सकती है। वहीं, सीआरपीसी की धारा 268 के तहत राज्य सरकार को यह अधिकार है कि वह किसी आरोपी को जेल से निकाल सकती है। एसएसपी की रिपोर्ट पर यह कार्रवाई हो सकती है। नये आरोपी को जेल भेजा जा सकता है।
साइको सीरियल किलर का रिमांड लेगी पुलिस
फोटो- एसएसपी
एसएसपी अनुराग आर्य के मुताबिक शाही-शीशगढ़ क्षेत्र में हुईं सभी घटनाएं एक जैसी लग रही हैं। आरोपी कुलदीप ने फिलहाल छह घटनाओं को कबूल किया है। हो सकता है कि अन्य घटनाओं में भी उसी का हाथ हो। इसी संशय को मिटाने के लिए पुलिस अब आरोपी को रिमांड के लिए कोर्ट में अर्जी लगाएगी। उससे दूसरी घटनाओं के बारे में भी जानकारी कर साक्ष्य जुटाए जाएंगे। उनमें भी कुलदीप की संलिप्तता पाई गई तो पुलिस कोर्ट में पैरवी करके मामलों की दोबारा विवेचना कर सकती है।