{"_id":"58aca1f74f1c1b9e1cb233ae","slug":"shah-and-modi-s-rally-road-show-increased-political-stir","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी की रैली और शाह के रोड शो से बढ़ी सियासी हलचल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी की रैली और शाह के रोड शो से बढ़ी सियासी हलचल
मुनेंद्र बाजपेयी, अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 22 Feb 2017 02:32 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो की फाइन स्क्रिप्ट सोमवार को ही बनी जब अंदावा में पीएम नरेंद्र मोदी ने चुनावी जनसभा को संबोधित किया। जनसभा में उमड़ी भीड़ से भाजपाइयों को जो ऊर्जा मिली, उसे शाह ने मंगलवार को पटरी पार शहर के तीन हिस्सों में सभा और रोड शो कर और ऊंचाई पर पहुंचा दिया। भाजपा के इस रोड शो को जिले में गढ़ बना चुकी सपा के लिए बड़ी चुनौती और बसपा के लिए बड़े रोड़े से कमतर नहीं आंका जा सकता। अब राजनीतिक गलियारों में भाजपा के इन दो बड़े चुनावी कार्यक्रमों से मची हलचल के सियासी निहितार्थ निकाले जा रहे हैं।
पिछले विधानसभा चुनाव 2012 में भाजपा को करारी शिकस्त मिली और 12 में से उसे एक भी सीट नहीं मिली। चुनावी गणित के हिसाब से कभी कांग्रेस का गढ़ रहे इलाहाबाद का जनाधार सपा और बसपा के हाथों में सरक कर पहुंच गया। इसलिए यहां की 12 सीटें भारतीय जनता पार्टी के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हैं। यह स्थिति तब और चुनौतीपूर्ण हो जाती है, जब भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष इलाहाबाद से सांसद हो। यहां की शहर दक्षिणी की सीट पार्टी के दिग्गज नेता और अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी की परंपरागत मानी जाती रही है।
पिछले दो चुनावों से यहां एक बार बसपा और दूसरी बार सपा ने विजय पताका फहराई। अब केशरीनाथ को शिकस्त देने वाले नंदगोपाल गुप्ता भाजपा से उम्मीदवार हैं। शहर पश्चिमी में पार्टी के राष्ट्रीय ख्याति वाले सिद्धार्थ नाथ सिंह बाहुबली नेता अतीक अहमद के प्रभाव वाले क्षेत्र में भगवा रंग गाढ़ा करने के लिए ताल ठोंक रहे हैं। शहर उत्तरी में भी भाजपा प्रत्याशी दम भर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सियासत करवट ले, भाजपा का इस पर जोर है। माहौल देखकर अब तक टिकट वितरण से नाराज होकर प्रत्याशियों का विरोध कर रहे भाजपाई भी रैली और रोड शो में खुले मन से शामिल हुए। यह पार्टी के लिए ठीक संकेत माना जा रहा है।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मंगलवार को तेवर देख लगता है कि उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है। शायद इसीलिए उन्होंने सपा के गढ़ और बसपा से सीटें अपने पाले में लाने के लिए चुनाव प्रचार बंद होने से दो दिन पहले पार्टी की पूरी ताकत लगा दी। राजनीति के कुछ जानकारों का यह मानना असत्य नहीं है कि पीएम मोदी की अंदावा में हुई सभा और शाह के रोड शो ने इलाहाबाद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपाइयों में नए उत्साह का संचार कर ऊर्जा भर दी।
विज्ञापन
पिछले विधानसभा चुनाव 2012 में भाजपा को करारी शिकस्त मिली और 12 में से उसे एक भी सीट नहीं मिली। चुनावी गणित के हिसाब से कभी कांग्रेस का गढ़ रहे इलाहाबाद का जनाधार सपा और बसपा के हाथों में सरक कर पहुंच गया। इसलिए यहां की 12 सीटें भारतीय जनता पार्टी के लिए एक गंभीर चुनौती बनी हैं। यह स्थिति तब और चुनौतीपूर्ण हो जाती है, जब भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष इलाहाबाद से सांसद हो। यहां की शहर दक्षिणी की सीट पार्टी के दिग्गज नेता और अब पश्चिम बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी की परंपरागत मानी जाती रही है।
विज्ञापन
पिछले दो चुनावों से यहां एक बार बसपा और दूसरी बार सपा ने विजय पताका फहराई। अब केशरीनाथ को शिकस्त देने वाले नंदगोपाल गुप्ता भाजपा से उम्मीदवार हैं। शहर पश्चिमी में पार्टी के राष्ट्रीय ख्याति वाले सिद्धार्थ नाथ सिंह बाहुबली नेता अतीक अहमद के प्रभाव वाले क्षेत्र में भगवा रंग गाढ़ा करने के लिए ताल ठोंक रहे हैं। शहर उत्तरी में भी भाजपा प्रत्याशी दम भर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सियासत करवट ले, भाजपा का इस पर जोर है। माहौल देखकर अब तक टिकट वितरण से नाराज होकर प्रत्याशियों का विरोध कर रहे भाजपाई भी रैली और रोड शो में खुले मन से शामिल हुए। यह पार्टी के लिए ठीक संकेत माना जा रहा है।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के मंगलवार को तेवर देख लगता है कि उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार कर लिया है। शायद इसीलिए उन्होंने सपा के गढ़ और बसपा से सीटें अपने पाले में लाने के लिए चुनाव प्रचार बंद होने से दो दिन पहले पार्टी की पूरी ताकत लगा दी। राजनीति के कुछ जानकारों का यह मानना असत्य नहीं है कि पीएम मोदी की अंदावा में हुई सभा और शाह के रोड शो ने इलाहाबाद के सभी विधानसभा क्षेत्रों में भाजपाइयों में नए उत्साह का संचार कर ऊर्जा भर दी।