फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Shadow on the stars of Mohan Veena Pt. Vishvohan Bhatt's Hypnosis

मोहन वीणा के तारों पर छाया पं. विश्वमोहन भट्ट का सम्मोहन

Sun, 06 May 2018 01:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sun, 06 May 2018 01:06 AM IST
विज्ञापन
Shadow on the stars of Mohan Veena Pt. Vishvohan Bhatt's Hypnosis
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विख्यात मोहन वीणा वादक पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट के स्वर प्रयोगों के सम्मोहन ने शनिवार की शाम हर तन-मन को झंकृत किया। मोहन वीणा के तारों पर उनकी उंगलियों का जादू चला तो प्रयाग संगीत समिति के साउथ मलाका प्रेक्षागृह का हर कोना तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। खास बात यह थी कि सुर-लय की लहरों में वह खुद को बहने से नहीं रोक सके। उन्होंने वीणा के साथ सुर भी लगाए। यह संगीत निशा बनारस घराने के ठुमरी सम्राट पं. बड़े रामदास की याद में अमेरिकी सांस्कृतिक संस्था फीनिक्स घराने की ओर से आयोजित की गई थी।
विज्ञापन


दीप प्रज्ज्वलन और पं. बड़े रामदास जी के चित्र पर माल्यार्पण के बाद शुरुआत हुई यूएसए से आए ख्याल गायक मनोज श्रीवास्तव मनु के गायन से। उन्होंने सबसे पहले राग पूरिया धनाश्री में विलंबित एकताल की बंदिश की प्रस्तुति की। बोल थे- मेरो करतार...। इसी राग में तीन ताल में द्रुत लय की बंदिश के बाद उन्होंने राग जोग में द्रुत तीन ताल की रचना पेश की। अंत में भजन की बंदिश- म्हारो प्रणाम... से विराम लिया। इनके बाद जब  पं. विश्वमोहन भट्ट मंच पर आए, तब दीर्घा में बैठे संगीत रसिकों ने खड़ा होकर तालियों के साथ उनका स्वागत किया। उन्होंने राग मारू विहाग में मोहनवीणा के तारों को छेड़ना शुरू किया। अलाप, जोड़, झाला के बाद मध्य लय और फिर द्रुत लय की गतों पर स्वरों के समन्वय, लयकारियों के साथ मीड़ प्रयोग से उन्होंने दीवानगी पैदा कर दी। मोहनवीणा के तारों पर उनकी साधना का सम्मोहन खूब चला। तबले पर पं. अभिषेक मिश्र ने बेजोड़ संगत की। इससे पहले इलाहाबाद विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के प्रो. विद्याधर मिश्र, प्रेम कुमार मलिक ने बुकें देकर उनका स्वागत किया। संयोजन किया ख्याल गायक पं. ऋषि मिश्र और पं. वरुण मिश्र ने।
विज्ञापन


पं. विश्वमोहन भट्ट ने शनिवार की शाम साउथ मलाका प्रेक्षागृह में वीणा वादन के दौरान ही बंदिश गुनगुनाने लगे। उन्होंने एक राग बजाने के बाद माइक थाम लिया। वह इस कदर तंरगित हुए कि फिल्म ‘राम लखन’ के गीत- बड़ा दुख दीना तेरे लखन ने.. को उन्होंने राग मारू विहाग में निबद्ध कर अलाप लेना शुरू कर दिया। पंडित जी के इस खास अंदाज पर लोग बरबस झूमने लगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed