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सात करोड़ से अधिक का माल उड़ाया चोरों ने ?
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 04 May 2018 01:12 AM IST
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यूको बैंक में रविवार की रात चोरों एक दो नहीं, बल्कि सात करोड़ से अधिक का माल उड़ाया है। पुलिस ने गुरुवार को लाकर मालिकों से पूछताछ शुरू की है। शुरूआती जांच के बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि चोरों ने सोने के आभूषणों के अलावा, सोने के बिस्किट, हीरे और प्लेटिनम के जेवरात को ही निशाना बनाया है। कुछ लोगों ने नोटों की मोटी गड्डियां भी रखी थीं। वह भी चोर ले गए।
चोरी के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर चोरों कितने का माल ले गए हैं। अधिकांश लॉकर मालिकों ने बैंक से कुछ नहीं बताया था। गुरुवार को इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह बैंक पहुंचे। जिन ग्राहकों के लाकर टूटे थे। उन सभी के नाम नंबर लिए गए। इसके बाद पूछताछ शुरू हुई। शुरूआती जांच में ही पुलिस अधिकारियों को जो जानकारी मिली, उससे उनके होश उड़ गए। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक सात करोड़ से अधिक का माल ले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा भी पार हो सकता है। जब सारे ग्राहकों से बात हो जाएगी, तब अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है लेकिन इतना तय है कि चोरों ने सिर्फ सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनेे उड़ाए हैं। वे जो भी बैग या झोला ले गए थे, इन्हीं सब चीजों से वे भर गए थे। उसमें चांदी जैसी मंहगी धातु के लिए भी कोई जगह नहीं थी। लाखों की चांदी वे फर्श पर फेंककर भाग गए।
बैंक के ग्राहक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लॉकर में उनके पैत्रिक जेवरात रखे थे। घर से इसलिए हटाया कि चोरी न हो जाए। चोरों ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक चोट दी है बल्कि कई पीढ़ियों के गहने, जिनसे भावनाएं जुड़ी थीं, वो उठा ले गए। अब वे किससे और कहां शिकायत करें। इसी तरह तमाम ग्राहकों ने लाकर्स मोटी रकम या बेशकीमती गहने ही रखे थे। पुलिस का अनुमान है कि अंगूठी, चेन और कंगन जैसे गहने तो महिलाएं साथ में ही रखती हैं। बड़े और बेशकीमती गहनों को ही लॉकर में रखा जाता है। यानी चोरी गए माल की कीमत काफी ज्यादा है। सीओ श्रीशचंद्र ने बताया कि फिलहाल पूछताछ प्रारंभिक अवस्था में है। सबसे बातचीत के बाद ही अंतिम आंकलन किया जाएगा कि चोरों ने कितने का माल उड़ाया।
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पुलिस ने गुरुवार को कई बैंककर्मियों से पूछताछ की। उनसे जानने की कोशिश की गई कि पिछले कुछ दिनों में कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं दिखा या फिर कोई वहां बिना मतलब के घूमता तो नहीं दिखा था। नियमित ग्राहकों के अलावा नए आने वाले ग्राहकों के बारे में भी तहकीकात की गई। पिछले दस दिनों के दौरान खुलने वाले खातों के बारे में जानकारी इकट्ठी की जा रही है। बैंक के गार्ड, बैंक के पीछे सरिया एजेंसी के गार्ड चपरासी की पिछले कई दिनों की लोकेशन ली गई है। उनके मोबाइल नंबरों की पहले से ही पुलिस जांच कर रही है।
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चोरी के बाद से ही इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि आखिर चोरों कितने का माल ले गए हैं। अधिकांश लॉकर मालिकों ने बैंक से कुछ नहीं बताया था। गुरुवार को इंस्पेक्टर सिविल लाइंस शिवमंगल सिंह बैंक पहुंचे। जिन ग्राहकों के लाकर टूटे थे। उन सभी के नाम नंबर लिए गए। इसके बाद पूछताछ शुरू हुई। शुरूआती जांच में ही पुलिस अधिकारियों को जो जानकारी मिली, उससे उनके होश उड़ गए। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक सात करोड़ से अधिक का माल ले गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह आंकड़ा भी पार हो सकता है। जब सारे ग्राहकों से बात हो जाएगी, तब अंतिम रूप से कुछ कहा जा सकता है लेकिन इतना तय है कि चोरों ने सिर्फ सोने, हीरे और प्लेटिनम के गहनेे उड़ाए हैं। वे जो भी बैग या झोला ले गए थे, इन्हीं सब चीजों से वे भर गए थे। उसमें चांदी जैसी मंहगी धातु के लिए भी कोई जगह नहीं थी। लाखों की चांदी वे फर्श पर फेंककर भाग गए।
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बैंक के ग्राहक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लॉकर में उनके पैत्रिक जेवरात रखे थे। घर से इसलिए हटाया कि चोरी न हो जाए। चोरों ने न सिर्फ उन्हें आर्थिक चोट दी है बल्कि कई पीढ़ियों के गहने, जिनसे भावनाएं जुड़ी थीं, वो उठा ले गए। अब वे किससे और कहां शिकायत करें। इसी तरह तमाम ग्राहकों ने लाकर्स मोटी रकम या बेशकीमती गहने ही रखे थे। पुलिस का अनुमान है कि अंगूठी, चेन और कंगन जैसे गहने तो महिलाएं साथ में ही रखती हैं। बड़े और बेशकीमती गहनों को ही लॉकर में रखा जाता है। यानी चोरी गए माल की कीमत काफी ज्यादा है। सीओ श्रीशचंद्र ने बताया कि फिलहाल पूछताछ प्रारंभिक अवस्था में है। सबसे बातचीत के बाद ही अंतिम आंकलन किया जाएगा कि चोरों ने कितने का माल उड़ाया।
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पुलिस ने गुरुवार को कई बैंककर्मियों से पूछताछ की। उनसे जानने की कोशिश की गई कि पिछले कुछ दिनों में कोई संदिग्ध व्यक्ति तो नहीं दिखा या फिर कोई वहां बिना मतलब के घूमता तो नहीं दिखा था। नियमित ग्राहकों के अलावा नए आने वाले ग्राहकों के बारे में भी तहकीकात की गई। पिछले दस दिनों के दौरान खुलने वाले खातों के बारे में जानकारी इकट्ठी की जा रही है। बैंक के गार्ड, बैंक के पीछे सरिया एजेंसी के गार्ड चपरासी की पिछले कई दिनों की लोकेशन ली गई है। उनके मोबाइल नंबरों की पहले से ही पुलिस जांच कर रही है।