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एक ही प्रश्नपत्र की बुकलेट में अलग-अलग प्रश्न
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Wed, 18 Feb 2015 11:58 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की टीजीटी पीजीटी परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है। परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र तैयार करने वाली एजेंसी की गलती से एक ही विषय की अलग-अलग बुकलेट में सवाल ही अलग-अलग पूछे गए। चयन बोर्ड के अधिकारी, सदस्य परीक्षा कराने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग कर रहे हैं।
चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी एवं पीजीटी परीक्षा के बाद से लगातार प्रश्नपत्र की गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने चयन बोर्ड को लिखित शिकायत भेजी है कि परीक्षा में चार सीरीज की बुकलेट में अलग-अलग प्रश्न पूछे गए हैं। इस प्रकार की गलती चयन बोर्ड की ओर से तय एजेंसी के कारण हुआ है। टीजीटी कला के अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में चयन बोर्ड की ओर से तय पाठ्यक्रम के विपरीत प्रश्न पूछे गए। टीजीटी कला के डी सीरीज के अभ्यर्थी ने परीक्षा में आठ प्रश्नों पर आपत्ति जताई है।
चयन बोर्ड की ओर से परीक्षा के लिए तय एजेंसी ने पीजीटी इतिहास के प्रश्नपत्र में अर्थशास्त्र का प्रश्न पूछ लिया इस कारण से चयन बोर्ड को इतिहास की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। अब चयन बोर्ड को 46 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के लिए दोबारा प्रश्नपत्रों की व्यवस्था के साथ परीक्षा भी करानी होगी। इसमें चयन बोर्ड को लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। चयन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी के साथ यह अनुबंध होता है कि किसी प्रकार की गलती की स्थिति में एजेंसी का पूरा बिल रोक दिया जाएगा।
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चयन बोर्ड की ओर से टीजीटी एवं पीजीटी परीक्षा के बाद से लगातार प्रश्नपत्र की गड़बड़ी की शिकायत मिल रही है। परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों ने चयन बोर्ड को लिखित शिकायत भेजी है कि परीक्षा में चार सीरीज की बुकलेट में अलग-अलग प्रश्न पूछे गए हैं। इस प्रकार की गलती चयन बोर्ड की ओर से तय एजेंसी के कारण हुआ है। टीजीटी कला के अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में चयन बोर्ड की ओर से तय पाठ्यक्रम के विपरीत प्रश्न पूछे गए। टीजीटी कला के डी सीरीज के अभ्यर्थी ने परीक्षा में आठ प्रश्नों पर आपत्ति जताई है।
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चयन बोर्ड की ओर से परीक्षा के लिए तय एजेंसी ने पीजीटी इतिहास के प्रश्नपत्र में अर्थशास्त्र का प्रश्न पूछ लिया इस कारण से चयन बोर्ड को इतिहास की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। अब चयन बोर्ड को 46 हजार से अधिक परीक्षार्थियों के लिए दोबारा प्रश्नपत्रों की व्यवस्था के साथ परीक्षा भी करानी होगी। इसमें चयन बोर्ड को लगभग एक करोड़ रुपये खर्च करने होंगे। चयन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा कराने वाली एजेंसी के साथ यह अनुबंध होता है कि किसी प्रकार की गलती की स्थिति में एजेंसी का पूरा बिल रोक दिया जाएगा।
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