Prayagraj : सपा नेताओं ने फूंका सीएम योगी का पुतला, पुलिस में तीखी नोकझोंक, कई हिरासत में
विधान सभा में पास नजूल भूमि विधेयक को वापस लेने की मांग को लेकर सपाइयों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पुतला दहन किया। सिविल लाइंस से नारेबाजी करते हुए सपाई पत्थर गिरजाघर प्रदर्शन स्थल पर जा रहे थे। सुभाष चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया और पुतला दहने से रोकने लगे। इससे आक्रोशित सपाइयों ने सुभाष चौराहा स्थित सिविल लाइंस पुलिस चौकी के सामने धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे।
विस्तार
नजूल संपत्तियों के संरक्षण और उपयोग को लेकर सरकार द्वारा विधानसभा नजूल संपत्ति विधेयक पारित करवाने के निर्णय से खफा सपाइयों ने बृहस्पतिवार को सुभाष चौराहे पर प्रदर्शन किया। इस दौरान सीएम योगी का पुतला फूंके जाने को लेकर सपाइयों की पुलिस से झड़प भी हुई। कुछ सपा नेताओं को हल्की चोट भी आई। बाद में पुलिस कई सपाइयों को गिरफ्तार कर सिविल लाइंस थाने ले आई। हालांकि शाम होते-होते सभी को छोड़ दिया गया। सपाइयों ने कहा कि इस विधेयक के खिलाफ उनका प्रदर्शन आगे भी जारी रहेगा।
सपा के वरिष्ठ नेता संदीप यादव के नेतृत्व में हाथों में तख्तियां लेकर पहुंचे सपाइयों ने सुभाष चौराहे पर योगी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान नजूल संपत्ति विधेयक को वापस लेने की मांग की गई। नारेबाजी के दौरान सपाइयों ने सीएम योगी का पुतला फूंकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने पुतला छीनना चाहा। इस वजह से सपा नेताओं और पुलिस में झड़प हो गई। सपा नेताओं का दावा है उन्होंने सीएम का पुतला फूंक दिया। इस बीच तमाम सपा नेता वहीं धरने पर बैठ गए। बाद में पुलिस उन सभी को सिविल लाइंस थाने ले आई। पुतला दहन के दौरान पुलिस से खींचतान में कुछ कार्यकर्ताओं को चोटें भी आई।
विरोध प्रदर्शन कर रहे सपा नेता संदीप यादव, अखिलेश गुप्ता, मुलायम यादव, जयशंकर रावत, अजीत विधायक, रामा, आदिल हमजा, शिवा केसरवानी, सुधीर निषाद, सद्दाम, सौरभ, तारिक अनवर, राजेश यादव, अनिमेष, अभिषेक, प्रदीप, आदित्य पटेल आदि को पुलिस सिविल लाइंस थाने ले आई। यह सूचना मिलते ही सपा गंगापार अध्यक्ष अनिल यादव, महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन समेत तमाम पदाधिकारी सिविल लाइंस थाने पहुंच गए।
उधर पुलिस द्वारा थाने लाए गए सपा नेता अड़ गए कि उन्हें जेल भेजा जाए। संदीप यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नजूल भूमि के लिये लाये गए काले क़ानून से शहर के हजारों लोगों को बेघर होना पड़ेगा, इसका विरोध लगातार जारी रहेगा। वहीं दूसरी ओर सपा नेताओं के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने बाद में सभी को रिहा कर दिया। इस दौरान रविंद्र यादव, निर्मला यादव, दान बहादुर मधुर, आर एन यादव, सचिन श्रीवास्तव, ओपी यादव, कुलदीप यादव, नाटे चौधरी, राम अवध पाल, नेपाल पटेल, राजबहादुर यादव आदि मौजूद रहे।