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सीनियर डॉक्टर छुट्टी पर, जूनियरों की हड़ताल, मरीज भगवान भरोसे
Thu, 23 Dec 2021 02:03 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 23 Dec 2021 02:03 AM IST
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ठंड और गलन के साथ ही मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या भी लगतार बढ़ रही है। ऐसे में एमएलएन मेडिकल कॉलेज के एसआरएन अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल अलग ही दर्द दे रही है। बुधवार को भी जूनियर डॉक्टरों ने नीट पीजी काउंसलिंग की मांग करते हुए अपना कार्य बहिष्कार जारी रखा।
अस्पताल में अजीब स्थिति है। कई सीनियर डॉक्टर जाड़े की छुट्टी पर है। जनियरों की हड़ताल परेशानी का कारण बनी है। ऐसे में मरीज भगवान भरोसे हैं। इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार ही नहीं कर रहे बल्कि भटक भी रहे हैं। वहीं एसआरएन अस्पताल परिसर में ही जूनियर डॉक्टर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे।
पिछले कई दिनों पीजी काउंसलिंग शुरू करने की मांग पर कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार से इलेक्टिव ओटी यानी छोटे ऑपरेशन जैसे कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया। जिससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। छोटे आपरेशन के लिए पहुंचे कई मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। दूसरी तरफ जिन ओपीडी विशेषज्ञ बैठे वहां मरीज लाइन में लगे नजर आए।
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नवाबगंज से बेटी का इलाज कराने पहुंचे करीम अहमद ने बताया कि उनकी बेटी आसमा को सर्दी है। जिसके कारण उसे काफी दिक्कत हो रही है। स्थानीय डॉक्टर को दिखाने पर उन्होंने एसआरएन रेफर कर दिया। यहां आने पर उन्हें पता चल कि जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर है। सुबह साढ़े आठ बजे से वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे है, लेकिन 11 बजे तक उनका नंबर नहीं आया। बच्ची छोटी है और गलन भी है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाकर घर लौटने में ही शाम हो जाएगी। जिससे ज्यादा दिक्कत होगी। अन्य मरीजों का भी यही हाल रहा।
कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उसके बाद राष्ट्रीय संगठन की ओर से जारी गाइड लाइन के बाद आगे के आंदोलन और कार्य बहिष्कार की रूपरेखा तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उनकी जायज मांगों पर भी सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। दूसरी तरफ कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगर काउंसलिंग समय से नहीं करायी गई और संक्रमण बढ़ा तो उनका साल खराब हो सकता है।
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अस्पताल में अजीब स्थिति है। कई सीनियर डॉक्टर जाड़े की छुट्टी पर है। जनियरों की हड़ताल परेशानी का कारण बनी है। ऐसे में मरीज भगवान भरोसे हैं। इलाज कराने पहुंच रहे मरीजों को घंटों अपनी बारी का इंतजार ही नहीं कर रहे बल्कि भटक भी रहे हैं। वहीं एसआरएन अस्पताल परिसर में ही जूनियर डॉक्टर नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठे रहे।
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पिछले कई दिनों पीजी काउंसलिंग शुरू करने की मांग पर कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने बुधवार से इलेक्टिव ओटी यानी छोटे ऑपरेशन जैसे कार्यों का बहिष्कार शुरू कर दिया। जिससे मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा। छोटे आपरेशन के लिए पहुंचे कई मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा। दूसरी तरफ जिन ओपीडी विशेषज्ञ बैठे वहां मरीज लाइन में लगे नजर आए।
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नवाबगंज से बेटी का इलाज कराने पहुंचे करीम अहमद ने बताया कि उनकी बेटी आसमा को सर्दी है। जिसके कारण उसे काफी दिक्कत हो रही है। स्थानीय डॉक्टर को दिखाने पर उन्होंने एसआरएन रेफर कर दिया। यहां आने पर उन्हें पता चल कि जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर है। सुबह साढ़े आठ बजे से वह अपनी बारी का इंतजार कर रहे है, लेकिन 11 बजे तक उनका नंबर नहीं आया। बच्ची छोटी है और गलन भी है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाकर घर लौटने में ही शाम हो जाएगी। जिससे ज्यादा दिक्कत होगी। अन्य मरीजों का भी यही हाल रहा।
कार्य बहिष्कार कर रहे जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार को भी उनका कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। उसके बाद राष्ट्रीय संगठन की ओर से जारी गाइड लाइन के बाद आगे के आंदोलन और कार्य बहिष्कार की रूपरेखा तय की जाएगी।
उन्होंने कहा कि उनकी जायज मांगों पर भी सरकार की ओर से कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। दूसरी तरफ कोरोना के नए वैरिएंट के संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। ऐसे में अगर काउंसलिंग समय से नहीं करायी गई और संक्रमण बढ़ा तो उनका साल खराब हो सकता है।