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UPRTOU : नामांकन के एक वर्ष बाद भी दे सकेंगे सेमेस्टर परीक्षा, विवि ने छात्र हित में नियमों को बनाया नरम

Thu, 26 Sep 2024 04:53 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 26 Sep 2024 04:53 PM IST
सार

कुलपति प्रो.सत्यकाम ने यह स्पष्ट किया कि मुक्त विश्वविद्यालय में सेमेस्टर सिस्टम समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि दूरस्थ शिक्षा के लचीलेपन को देखते हुए विद्यार्थियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे नामांकन करने के वर्षभर बाद भी परीक्षा दे सकते हैं। मुक्त विश्वविद्यालय में सेमेस्टर प्रणाली का स्वरूप यथावत बना रहेगा। यह व्यवस्था पूर्व में भी लागू थी। विद्यार्थी की सुविधा के लिए केवल इसमें प्रविधि और प्रारूप का परिवर्तन किया गया है।

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Semester exams can be given even after one year of enrolment, University softened the rules in the interest of
राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय ने शिक्षार्थियों की सुविधा के लिए सेमेस्टर प्रणाली को लचीला किया है। शिक्षार्थी अब नामांकन के एक वर्ष बाद भी सेमेस्टर परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। साथ ही शिक्षार्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान न होने पर वीसी ग्रीवांस सेल का गठन भी कर दिया गया है। कुलपति प्रो.सत्यकाम ने बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर प्रणाली को लचीला बनाते हुए छात्रों के हित में कई नए फैसले लिए हैं। यूजीसी ने दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के विद्यार्थियों के लिए नई शिक्षा नीति 2020 में सेमेस्टर प्रणाली के अंतर्गत कई सुविधाएं प्रदान की हैं। सेमेस्टर प्रणाली में अधिन्यास की अनिवार्यता को भी लचीला बनाया गया है।

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कुलपति प्रो.सत्यकाम ने यह स्पष्ट किया कि मुक्त विश्वविद्यालय में सेमेस्टर सिस्टम समाप्त नहीं किया गया है, बल्कि दूरस्थ शिक्षा के लचीलेपन को देखते हुए विद्यार्थियों को यह विकल्प दिया गया है कि वे नामांकन करने के वर्षभर बाद भी परीक्षा दे सकते हैं। मुक्त विश्वविद्यालय में सेमेस्टर प्रणाली का स्वरूप यथावत बना रहेगा। यह व्यवस्था पूर्व में भी लागू थी। विद्यार्थी की सुविधा के लिए केवल इसमें प्रविधि और प्रारूप का परिवर्तन किया गया है।
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कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय की दैनिक गतिविधियों की सूचना छात्रों तक पहुंचाने के लिए हाल ही में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एकलव्य एप का विमोचन किया है। इस एप को अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय में हो रही समस्त गतिविधियों एवं निर्णयों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मुक्त विवि में वर्ष में दो बार प्रवेश की व्यवस्था की गई है।

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छात्रों के लिए यह हितकारी व्यवस्था इसलिए है कि वह किसी भी सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल हो सकता है। जो छात्र किसी कारण सेमेस्टर की परीक्षा में शामिल नहीं हो सकते, उन्हें वार्षिक परीक्षा में शामिल होने का मौका विश्वविद्यालय दे रहा है। दूरस्थ शिक्षा के लचीलेपन की यही खूबी है कि यहां छात्रों के द्वार तक शिक्षा पहुंचाई जा रही है।

विश्वविद्यालय के जन संपर्क अधिकारी डॉ.प्रभात चंद्र मिश्र ने बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में क्षेत्रीय केंद्रों की कार्यशाला के बाद छात्रों की समस्याओं का त्वरित समाधान न होने के कारण अभी तक छात्र संख्या के एक लाख तक नहीं पहुंचने का फीडबैक मिलने पर कुलपति ने वीसी ग्रीवांस सेल का गठन किया है। अब प्रवेश की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2024 तक विस्तारित होने के बाद कुलपति ने उम्मीद व्यक्त की है कि वर्तमान सत्र में प्रवेश लेने वाले छात्रों की संख्या एक लाख के लक्ष्य को पार कर जाएगी।

मुविवि के नाम पर फर्जी यूट्यूब चैनल, वीसी ने तलब की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के नाम पर फर्जी यूट्यूब चैनल चलाए जा रहे हैं। कुलपति प्रो.सत्यकाम ने शिक्षार्थियों को सलाह दी है कि वे विश्वविद्यालय के नाम पर चल रहे कई अनधिकृत यूट्यूब चैनलों की ओर से दी जा रही जानकारी से सावधान रहें। यह अनाधिकृत चैनल पूरे प्रदेश में छात्रों को गुमराह कर रहे हैं।

कुलपति ने विश्वविद्यालय में स्थापित सेंटर फॉर ऑनलाइन एजुकेशन को निर्देश दिए हैं कि वह विवि की वेबसाइट के कवर पेज एवं लोगो का इस्तेमाल करने वाले ऐसे अनधिकृत यूट्यूब चैनल की रिपोर्ट उन्हें एक सप्ताह में सौंपे। ऐसा करना साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है। विश्वविद्यालय इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करेगा। कुलपति ने छात्रों काे सलाह दी है कि वह केवल विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट www.uprtou.ac.in पर लॉगिन करें, ताकि उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा लिए जा रहे निर्णयों के बारे में अद्यतन जानकारी मिल सके। 

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